लॉर्ड्स में टेस्ट जीतने के लिए भारतीय पुरुष टीम को लगे थे 54 साल, महिलाओं ने सिर्फ 4 दिनों में रच दिया इतिहास
भारतीय पुरुषों को लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्ट मैच जीतने के लिए 54 साल और 11 मैच लगे थे, जबकि महिला टीम ने पहले ही टेस्ट मैच में 4 दिन के अंदर ही इतिहास रच दिया है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत ने एक और उपलब्धि हासिल की है।

भारत और इंग्लैंड महिला टीम के बीच 10 जुलाई से 13 जुलाई के दरमियान लॉर्ड्स के मैदान पर पहला महिला टेस्ट मैच खेला गया। इस मुकाबले को भारतीय टीम ने 270 रनों से जीतकर इतिहास रच दिया और अपना नाम इतिहास में अमर कर दिया। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय टीम लॉर्ड्स के ग्राउंड पर टेस्ट मैच जीतने वाली पहली महिला टीम बन गई है। इस मुकाम तक पहुंचने के लिए भारतीय लड़कियों को सिर्फ 4 दिन का समय लगा। वहीं, भारतीय पुरुष टीम ने लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्ट मैच जीतने के लिए 54 सालों का इंतजार किया था और उन्हें 11 मैच लगे थे। 10 मैचों में हार का सामना करने के बाद 11वें मुकाबले में जीत नसीब हुई थी। महिला टीम ने अपना पहला ही टेस्ट मैच लॉर्ड्स के मैदान पर खेला और जीत हासिल कर ली।
1932 से खेल रही भारतीय पुरुष टीम को 1986 में मिली थी जीत
भारतीय पुरुष टीम ने लॉर्ड्स के मैदान पर अपना पहला टेस्ट मैच 25-28 जून 1932 में खेला था, जहा इंग्लैंड के हाथों 158 रनों की करारी हार झेलनी पड़ी थी। इसके बाद 1982 तक टीम को लगातार 9 और टेस्ट मैचों में हार का सामना करना पड़ा। लॉर्ड्स के मैदान में लगातार 10 टेस्ट मैच हारने के बाद भारत को 11वें टेस्ट मैच में साल 1986 में 54 साल बाद जीत हासिल हुई। तब टीम इंडिया के कप्तान कपिल देव थे। 5 से 10 जून 1986 के बीच खेला गया था, जिसमें भारत ने पांच विकेट से जीत हासिल की थी। कपिल देव को इस मुकाबले में प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया था। पहली पारी में 67 रन देकर एक विकेट हासिल किया था और दूसरी पारी में 52 रन देकर चार विकेट लिए थे और नाबाद 23 रन बनाए थे। दिलीप वेंगसरकर ने पहली पारी में दमदार शतक लगाया था। उन्होंने 126 रनों की पारी खेली थी। इस जीत के साथ भारत ने इतिहास रचा था।
महिला टीम ने सिर्फ 4 ही दिन में रच दिया इतिहास
लॉर्ड्स में खेले गए एकमात्र महिला टेस्ट मैच की बात करें तो यह मैच 10 जुलाई 2026 से शुरू हुआ। इंग्लैंड की टीम ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी में 285 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड की टीम 170 रनों पर ऑल आउट हो गई। क्रांति गौड ने 17 ओवर में 37 रन देकर पांच विकेट लिए और इंग्लैंड की कमर तोड़ दी। वे लॉर्ड्स के ऑनर बोर्ड पर नाम लिखाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनीं। भारत को पहली पारी में 115 रनों की बढ़त मिली। दूसरी पारी में टीम इंडिया ने 341 रन बनाए और पारी घोषित कर दी। यास्तिका भाटिया ने शतक जड़ा। वे लॉर्ड्स में शतक जड़ने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनीं। 457 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम अपनी दूसरी पारी में सिर्फ 186 रनों पर ऑलआउट हो गई और भारत को 270 रनों से जीत हासिल हुई। भारत ने यह मुकाबला मैच शुरू होने के चौथे दिन 13 जुलाई को जीता। यानी सिर्फ चार दिनों में भारतीय महिला टीम ने इतिहास रचा।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
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