यह स्पिनरों के लिए बदलाव का दौर है, भारतीय स्पिन गेंदबाजी कोच ने किए बड़े संकेत, क्या जडेजा-कुलदीप पर कसेगा शिकंजा?
स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने मंगलवार को कहा कि भारत का स्पिन विभाग अभी 'बदलाव के दौर' से गुजर रहा है और टीम प्रबंधन ऐसे युवा गेंदबाजों के समूह को परख रहा है जो आगे चलकर शीर्ष स्तर पर खेल सकते हैं। उनके इस बयान से कई संकेत मिले हैं।

स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने मंगलवार को कहा कि भारत का स्पिन विभाग अभी 'बदलाव के दौर' से गुजर रहा है और टीम प्रबंधन ऐसे युवा गेंदबाजों के समूह को परख रहा है जो आगे चलकर शीर्ष स्तर पर खेल सकते हैं। रविचंद्रन अश्विन के संन्यास लेने और रविंद्र जडेजा को काम के बोझ के प्रबंधन के लिए आराम दिए जाने के कारण आगामी महीनों में मानव सुथार, हर्ष दुबे, शिवांग कुमार और जीशान अंसारी जैसे युवा खिलाड़ियों को मौके मिलने की उम्मीद है।
कुलदीप की जगह हर्ष दुबे को मिली प्राथमिकता
अफगानिस्तान के खिलाफ पहले एकदिवसीय में अधिक अनुभवी कुलदीप यादव की जगह बाएं हाथ के स्पिनर दुबे को मौका दिया गया और उन्होंने 47 रन देकर तीन विकेट लिए। अफगानिस्तान के खिलाफ भारत के दूसरे एकदिवसीय मैच से पहले बहुतुले ने कहा, ''यह स्पिनरों के लिए बदलाव का समय है। चयनकर्ता, गौतम (गंभीर) और बाकी सभी लोग सभी स्पिनरों पर नजर रख रहे हैं। जिनमें काबिलियत है और जिनमें सही क्षमता हैं उन्हें जरूर मौका दिया जाएगा।'' उन्होंने कहा,''प्रक्रिया यही है। बदलाव के दौर में आपको सही गेंदबाज की पहचान करनी होती है। अभी यही प्रक्रिया चल रही है। मुझे यकीन है कि हमें सही खिलाड़ी मिल जाएंगे।''
हर्ष दुबे में काबिलियत है वह आगे तक खेलेगा
मौजूदा श्रृंखला से पहले स्पिन गेंदबाजी कोच के तौर पर टीम से जुड़े बहुतुले को खास तौर पर इन नए स्पिन गेंदबाजों के समूह का मार्गदर्शन करने के लिए लाया गया है। इस पूर्व लेग स्पिनर के पास घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में कोचिंग का काफी अनुभव है। बहुतुले ने कहा, ''मेरे लिए हर स्पिनर खास है। मुझे लगता है कि जडेजा बहुत अनुभवी हैं। जिस तरह से उन्होंने प्रदर्शन किया है और भारतीय क्रिकेट में बल्ले और गेंद से योगदान दिया है, वह शानदार है। मुझे लगता है कि हर्ष और दूसरे युवा खिलाड़ी जिन्हें मौके मिल रहे हैं, वे समझेंगे कि यह एक बड़ी जिम्मेदारी है जो उन्हें निभानी है।'' उन्होंने कहा, ''उसमे काबिलियत है, उसमे क्षमता है लेकिन मुझे लगता है कि वह जितना अधिक खेलेगा उतना ही बेहतर करेगा। हर्ष एक ऐसा खिलाड़ी है जिसमें निश्चित रूप से वह क्षमता है।''
दुबे भविष्य का खिलाड़ी है
बहुतुले ने दुबे की खास तौर पर तारीफ की और विदर्भ के इस ऑलराउंडर के उज्ज्वल भविष्य पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, ''मुझे लगता है कि वह (दुबे) भविष्य का खिलाड़ी है। उसमे हुनर है, अच्छा स्वभाव है और मुझे लगता है कि उसने यह ना सिर्फ घरेलू क्रिकेट में साबित किया है बल्कि पिछली बार उन्हें जो एक मैच मिला था उसमें भी उसने जबरदस्त वापसी की और बहुत अच्छा प्रदर्शन किया।'' बहुतुले ने कहा, ''उसे जितना अधिक अनुभव मिलेगा, निश्चित रूप से वह अपने हुनर को और बेहतर बनाएगा।''
जडेजा और कुलदीप के लिए क्या संकेत?
भारतीय स्पिन गेंदबाजों कोच के इस बयान से और पहले वनडे मैच में कुलदीप को ना खिलाकर उनकी जगह हर्षे दुबे को शामिल करने साथ ही जडेजा को टीम में ना चुने जाने से यह अब साफ संकेत हो गया है कि भारतीय क्रिकेट टीम युवाओं पर ज्यादा जोर दे रही है। ऐसे में कई लोग यह भी कयास लगा रहे हैं कि जडेजा के करियर का अब अंत तय है, जबकि जिस तरह से कुलदीप यादव को बीते 18 महीने में कम मौके मिले हैं और प्रदर्शन कमजोर हुआ है उससे उनके करियर को लेकर भी लोग अब चिंतित हैं।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
खेल पत्रकारिता और पत्रकारिता का उद्देश्य
विमलेश खेल से जुड़ी तमाम तरह की स्टोरीज पाठकों तक पहुंचाते हैं, जिनमें तथ्यों की स्पष्टता होती है और सकारात्मक विश्लेषण भी शामिल होता है। ये क्रिकेट की दुनिया का अच्छा ज्ञान रखते हैं और राजनीति में गहरी दिलचस्पी है। राजनीति और क्रिकेट में घट रही घटनाओं का विश्लेषण करना उनकी तह तक जाना विमलेश को पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी तथ्यपरकता (Fact-checking) है। चाहे वह चकाचौंध से भरा क्रिकेट जगत हो या अन्य खेल और खिलाड़ियों का जीवन। बतौर खेल पत्रकार यह कसौटी हर वक्त बनी रहनी चाहिए कि लेखन हमेशा प्रमाणिक हो। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचित करना है, बल्कि उन्हें सही और सुरक्षित जानकारी के माध्यम से सशक्त बनाना भी है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सूचना, शिक्षा और मनोरंजन होता है और इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करना एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।



