इजरायल-ईरान युद्ध: ICC के हस्तक्षेप के बाद जिम्बाब्वे के खिलाड़ियों का पहला जत्था भारत से रवाना
खाड़ी क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण टी20 विश्व कप से बाहर होने के बाद भी भारत में फंसी जिम्बाब्वे की क्रिकेट टीम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार स्वदेश रवाना हो गई।

खाड़ी क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण टी20 विश्व कप से बाहर होने के बाद भी भारत में फंसी जिम्बाब्वे की क्रिकेट टीम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार स्वदेश रवाना हो गई।
जिम्बाब्वे के लिए यह टी20 विश्व कप यादगार रहा। उसने ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका को हराकर सुपर आठ में जगह बनाई, लेकिन उससे आगे नहीं बढ़ पाया। जिम्बाब्वे की टीम को दो मार्च को स्वदेश रवाना होना था लेकिन एक मार्च को नयी दिल्ली में दक्षिण अफ्रीका से पांच विकेट से हारने के बाद उसकी टीम यहीं फंस गई थी।
लेकिन आईसीसी ने हस्तक्षेप करते हुए टीम के लिए वैकल्पिक यात्रा योजनाओं की व्यवस्था की जिससे जिम्बाब्वे के खिलाड़ियों का पहला जत्था आखिरकार बुधवार को स्वदेश रवाना हो गया।
जिम्बाब्वे क्रिकेट ने 'एक्स' पर जारी बयान में कहा, ‘जिम्बाब्वे क्रिकेट इस बात की पुष्टि करता है कि आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 में भाग लेने वाली जिम्बाब्वे की सीनियर पुरुष टीम पारगमन संबंधी बाधाओं के कारण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद द्वारा वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के बाद भारत से स्वदेश लौट रही है।’
इसमें कहा गया है, ‘उड़ान की उपलब्धता और संशोधित मार्ग के कारण टीम अलग-अलग बैच में हरारे लौटेगी। खिलाड़ियों का पहला जत्था बुधवार को भारत से रवाना हो गया है, जबकि आखिरी जत्था शुक्रवार दोपहर को रवाना होगा।’
जिम्बाब्वे की टीम को एमिरेट्स की उड़ान से दुबई होकर स्वदेश लौटना था, लेकिन मध्य पूर्व में संकट के कारण खाड़ी क्षेत्र में उड़ानों में व्यवधान के बाद इसे बदलना पड़ा। जिम्बाब्वे की टीम अब इथियोपिया के अदीस अबाबा से होते हुए हरारे पहुंचेगी।
जिम्बाब्वे के साथ-साथ वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम भी इसी कारण से भारत में फंसी हुई है, लेकिन अभी तक उनकी यात्रा योजना के बारे में कोई नयी सूचना नहीं मिली है।
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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