दलीप ट्रॉफी के फाइनल में दहाड़े ईशान किशन, ईस्ट जोन के लिए ठोक दी डबल सेंचुरी
दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईशान किशन की दहाड़ देखने को मिली, क्योंकि उन्होंने ईस्ट जोन के लिए डबल सेंचुरी ठोक दी। वे पहले भी फर्स्ट क्लास क्रिकेट में दोहरा शतक जड़ चुके हैं।

भारतीय टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में एक और दोहरा शतक ठोक दिया है। ईशान किशन दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में दहाड़े और उन्होंने ईस्ट जोन के लिए दमदार डबल सेंचुरी ठोकी। इस मैच में वे कप्तान भी हैं और इस पारी से उन्होंने अपनी टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में भी मदद की। साउथ जोन के लिए खिलाफ वे उस समय बल्लेबाजी के लिए उतरे थे, जब टीम को अच्छी शुरुआत मिल चुकी थी। उन्होंने पहले दिन शतक जड़ा और फिर दूसरे दिन के दूसरे सेशन में डबल सेंचुरी पूरी की।
बाएं हाथ के बल्लेबाज ईशान किशन ने अपने फर्स्ट क्लास करियर का दूसरा दोहरा शतक जड़ा, जो दलीप ट्रॉफी में उनकी पहली डबल सेंचुरी है। इससे पहले जो दोहरा शतक उनके बल्ले से फर्स्ट क्लास क्रिकेट में आया था, उसे करीब 10 साल हो चुके हैं और उस समय उन्होंने रणजी ट्रॉफी मैच में यह कमाल किया था। वहीं, ईस्ट जोन के लिए ईशान किशन ने 270 गेंदों में 26 चौके और 2 छक्कों की मदद से अपना दोहरा शतक पूरा किया। वे अब भारत की टीम में भी वापसी कर चुके हैं और उनके लिए टेस्ट क्रिकेट में भी वापसी करना अब ज्यादा दूर नहीं होगा।
ईशान का फर्स्ट क्लास करियर
ईशान किशन के फर्स्ट क्लास करियर की बात करें तो उन्होंने 4000 रनों का आंकड़ा भी इस फॉर्मेट में पार कर लिया है। इस फॉर्मेट में औसत भी उनका 40 के आसपास का है, जो कि अच्छा औसत कहा जाता है, क्योंकि वे मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करते हैं। 9 शतक और 19 अर्धशतक अब तक वे फर्स्ट क्लास क्रिकेट में जड़ चुके हैं। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने अभी सिर्फ 2 ही मैच खेले हैं, जिनमें 78 रन ही बनाए हैं। एक अर्धशतक उनका जरूर इस फॉर्मेट में है। हालांकि, वे दर्जनों मैचों में बाहर रहे थे और फिर टीम को ही उन्होंने छोड़ दिया था।
पिछले साल सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के फाइनल में उनके बल्ले से शतक आया था, जबकि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में अर्धशतक उन्होंने जड़ा था। अब ईशान के बल्ले से दलीप ट्रॉफी के फाइनल में दोहरा शतक आया है। वे बड़े मैच के बड़े खिलाड़ी बनते जा रहे हैं। विजय हजारे ट्रॉफी के नॉकआउट मैचों में भी कमाल की बल्लेबाज ईशान किशन ने की थी। उसके बाद ही उन्हें भारत की टीम में वापस बुलाया गया था। वे करीब दो साल तक टीम से बाहर रहे थे।



