ईशान किशन की टीम ने उड़ाईं स्पिरिट ऑफ क्रिकेट की धज्जियां, 1000 रन बनाकर भी नहीं भरा मन
ईशान किशन ने टीम के साथ मिलकर उड़ाईं स्पिरिट ऑफ क्रिकेट की धज्जियां। 1000 रन बनाकर भी उनका और उनकी टीम का मन नहीं भरा। मामला दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल का है।

क्रिकेट के खेल में अक्सर एक चीज की चर्चा होती है और वह है स्पिरिट ऑफ क्रिकेट, जिसे हम खेल भावना के नाम से भी जानते हैं। खेल भावना को नहीं मानने पर वैसे तो कोई सजा या जुर्माना आईसीसी या किसी बोर्ड की ओर से तय नहीं है, लेकिन फिर भी खिलाड़ियों और कप्तानों को इसका ध्यान रखना चाहिए। हालांकि, ईशान किशन की कप्तानी वाली टीम ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में साउथ जोन के खिलाफ खेल भावना का जमकर मजाक उड़ाया। आखिरी मामला क्या है? वह समझ लीजिए।
दरअसल, चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल मुकाबला खेला जा रहा है। इस मैच में ईस्ट जोन के सामने साउथ जोन टीम है। ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन हैं और साउथ जोन की कप्तानी तिलक वर्मा कर रहे हैं। इस मैच में पहले बल्लेबाजी करके 708 रन बनाने वाली ईस्ट जोन की टीम ने पहले तो पारी घोषित नहीं की। दो दिन तक बल्लेबाजी उन्होंने जारी रखी। इसके बाद जब साउथ जोन की टीम 336 रनों तक पहुंच पाई तो ड्रॉ होने की स्थिति में भी ईस्ट जोन की जीत सुनिश्चित हो गई थी।
जीत के लिए नहीं गई ईस्ट जोन की टीम
हालांकि, ईशान किशन की कप्तानी और वैभव सूर्यवंशी की उपकप्तानी वाली टीम ने 350 से ज्यादा रनों की बढ़त पाकर भी फॉलोऑन साउथ जोन को नहीं दिया। इस मैच की नतीजा जीत के रूप में निकलने के पूरे चांस थे, लेकिन फिर से ईशान किशन की टीम मैदान पर बल्लेबाजी के लिए उतरी। पहली पारी के आधार पर 372 रनों की बढ़त पाने के बाद चौथे दिन के ईस्ट जोन की दूसरी पारी शुरू हुई। माना जा रहा था कि दिन के आखिर में पारी घोषित की जा सकती है, क्योंकि करीब 500 रनों की बढ़त हो चुकी थी।
बल्लेबाजी करती रही ईस्ट जोन की टीम
बावजूद इसके ईस्ट जोन की टीम बल्लेबाजी करती रही। हैरानी की बात यह भी थी कि चार दिन के खेल के बाद ईस्ट जोन के पास 584 रनों की बढ़त थी और आखिरी दिन का खेल बाकी था, लेकिन फिर भी ईस्ट जोन की टीम बल्लेबाजी के लिए पांचवें दिन भी उतरी, जबकि 90 ओवर में 585 रनों को चेज करना संभव नहीं लगता है। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह भी रही कि आखिरी दोनों पारियों का स्कोर 1000 के पार हो चुका था। बढ़त भी 693 रनों की हो गई थी, लेकिन पारी घोषित नहीं की गई।
अब सवाल उठ रहा है कि जब आपकी जीत सुनिश्चित पहली पारी के आधार पर हो गई थी और आपके पास मौका भी था कि आपको खिताब मिलेगा और पूरी तरह से मैच जीतकर मिले तो यह सोने पर सुहागा होगा, लेकिन ईशान किशन की टीम ने सरेआम खेल भावना की धज्जियां उड़ाईं। पहली पारी में साउथ जोन से 163 ओवर कराए और दूसरी पारी में 79 ओवर खबर लिखे जाने तक खेल लिए। ऐसे में सवाल यहां स्पिरिट ऑफ क्रिकेट का है, जिसकी लाज ईशान किशन ने रत्ती भर नहीं रखी।



