
ईशान किशन की यूं ही नहीं हुई टीम इंडिया में 'सीधी' एंट्री, जानिए क्या है टीम मैनेजमेंट का मास्टर प्लान?
टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली जाने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज में भी ईशान किशन भारतीय टीम के लिए खेलेंगे। तीन फैक्टर्स हैं, जिनकी वजह से ईशान किशन को भारतीय टीम में जगह मिली है।
T20 World Cup 2026 के लिए टीम इंडिया में बाएं हाथ के विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन की सीधी एंट्री हुई है। इस मेगा इवेंट से पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली जाने वाली टी20 सीरीज में भी वे भारतीय टीम का हिस्सा होंगे। अब सवाल ये है कि आखिर एकाएक उनको टीम इंडिया में टी20 विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए जगह कैसे मिल गई? इसका जवाब अगर आपको चाहिए तो आपको तीन बड़े फैक्टर्स को समझना होगा, जो कि टीम मैनेजमेंट का एक तरह से मास्टर प्लान है।
1. कॉम्बिनेशन नहीं बिगड़ेगा
ईशान किशन को सीधे टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम में लाने के पीछे का पहला फैक्टर ये है कि उनके रहने से अब टीम इंडिया को एक दमदार कॉम्बिनेशन मिलेगा। हालांकि, शुरुआती प्लेइंग इलेवन का वे हिस्सा नहीं होंगे। शुभमन गिल की जगह उनको टीम में शामिल किया गया है। वे बैकअप ओपनर और बैकअप विकेटकीपर ही रहेंगे। संजू सैमसन या अभिषेक शर्मा के चोटिल होने पर वे सीधे उस पोजिशन पर खेलेंगे। इससे कॉम्बिनेशन नहीं बिगड़ेगा, क्योंकि ओपनर की जगह ओपनर और विकेटकीपर की जगह विकेटकीपर आपको मिलेगा।
2. एक्स्ट्रा फिनिशर मिलेगा
चूंकि अभी तक जितेश शर्मा विकेटकीपर और फिनिशर के तौर पर खेल रहे थे, लेकिन अब संजू सैमसन ओपन करेंगे और विकेटकीपिंग भी करेंगे तो ऐसे में जितेश शर्मा को टीम में रखने का कोई फायदा नहीं था। इस तरह एक फिनिशर की जगह खाली हो गई, जिसे रिंकू सिंह भर सकते हैं। किसी भी सूरत में देखा जाए तो रिंकू सिंह और जितेश शर्मा में बेहतर फिनिशर रिंकू सिंह ही होंगे। आप हार्दिक पांड्या और शिवम दुबे को टीम में एक साथ रख सकते हैं।
3. डोमेस्टिक में दमदार फॉर्म
जाहिर है कि तीसरा कारण ये रहा कि उनकी फॉर्म डोमेस्टिक क्रिकेट में दमदार थी। वे पहले भी टीम इंडिया के लिए तीनों फॉर्मेट में खेल चुके हैं। हाल ही में कप्तान के तौर पर सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी उन्होंने अपनी टीम झारखंड को दिलाई। 500 से ज्यादा रन एक सीजन में 200 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से उन्होंने बनाए। इस तरह उनकी दावेदारी शुभमन गिल के बाहर होने के बाद और भी ज्यादा मजबूत हो गई।






