ईशान किशन ने सिलेक्टर को बातों ही बातों में दे दिया बड़ा संकेत, ऐतिहासिक पारी खेलने के बाद ऐसा क्या बोले?

चेन्नई, सात सितंबर (भाषा)
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ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी में ऐतिहासिक पारी खेलने के बाद कहा है कि वे अपना काम करते जाएंगे। उन्हें खुद से बहुत उम्मीद नहीं है, बस वे प्रक्रिया को फॉलो करते रहेंगे। अपने बयानों से संकेत दिया है कि चयन के लिए मैं रन बनाता रहूंगा आगे का काम आपका है।

ishan kishan
ईशान किशन दलीप ट्रॉफी के फाइनल में

पूर्व क्षेत्र के कप्तान इशान किशन ने 270 रन की शानदार पारी खेलने के बाद सोमवार को कहा कि करियर के मुश्किल दौर ने उन्हें ' ज्यादा सोचने' और खुद से अनावश्यक उम्मीदें रखने से दूर रहना सिखाया है और अब उनका पूरा ध्यान सिर्फ रन बनाने और टीम को जीत दिलाने पर है।

दलीप ट्रॉफी के फाइनल में दक्षिण क्षेत्र के खिलाफ खेली गई 270 रन की मैराथन पारी को किशन ने अपने अंदर आए इस बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण बताया। उन्होंने दिन का खेल खत्म होने के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मैंने खुद को बदलने की कोई खास कोशिश नहीं की। यह बदलाव अपने आप हुआ। जब मैं भारतीय टीम से बाहर था, तब मुझे एहसास हुआ कि आखिरकार हमारे पास करने के लिए सिर्फ एक ही काम है और वह रन बनाना है। यही एक चीज है जो आपके करियर में आपकी मदद करती है।'' किशन ने कहा, ''किसी अन्य चीज के बारे में सोचना आपकी मानसिकता को प्रभावित करता है और बेवजह का दबाव बढ़ाता है। मुझे समझ आ गया कि इन अतिरिक्त विचारों की कोई जरूरत नहीं है। हमारा काम मैदान पर उतरना और टीम के लिए मैच जीतना है।'' उन्होंने कहा, "आपको बस इसी चीज की परवाह करनी चाहिए। समय के साथ आप खुद को बेहतर तरीके से समझने और विकसित करने लगते हैं। मुझे लगता है कि जब आपका दिमाग स्पष्ट हो तो इस तरह खेलना काफी आसान हो जाता है।"

मैदान पर गेंद के मुताबिक खेलो, किसी के बारे में ज्यादा मत सोचो

किशन 2023 में भारतीय टीम के तीनों प्रारूपों में खेलने वाले खिलाड़ियों में शामिल थे। लेकिन कई अप्रत्याशित घटनाक्रमों के बाद उनका करियर मुश्किल दौर में पहुंच गया और उन्हें बीसीसीआई के केंद्रीय अनुबंध से भी बाहर होना पड़ा। किशन ने इसके बाद घरेलू क्रिकेट में जमकर मेहनत की। उन्होंने 2025-26 रणजी ट्रॉफी में शतक लगाए और झारखंड को उस सत्र की सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जीतने में अहम योगदान दिया। उन्होंने टूर्नामेंट में 517 रन बनाए, जिसमें दो शतक शामिल थे। किशन को जल्द ही बीसीसीआई का केंद्रीय अनुबंध वापस मिल गया और सफेद गेंद के प्रारूपों में भारतीय टीम में भी जगह मिल गई। अब वह अपने करियर के उस मुश्किल दौर को पीछे छोड़ चुके हैं। किशन ने कहा, "आजकल मैं जो सबसे अच्छी चीज कर रहा हूं, वह है किसी भी चीज के बारे में ज्यादा न सोचना। एक बल्लेबाज के तौर पर मेरा काम बस मैदान पर जा कर गेंद के मुताबिक प्रतिक्रिया देना है। मैं खुद से किसी तरह की उम्मीद नहीं रखता।''

इंटनेशनल खिलाड़ी से टीम को रहती है उम्मीदें

सीमित ओवरों के मुकाबले खेल कर दलीप ट्रॉफी के लिए पहुंचे किशन से जब पूछा गया कि दक्षिण क्षेत्र के गेंदबाजों के खिलाफ फाइनल में उतरते समय उनकी रणनीति क्या थी तो उन्होंने कहा, '' यहां आने से पहले मैं बीसीसीआई के 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' में था। वहां हम सब खास तौर पर लाल गेंद से अभ्यास कर रहे थे। जब आप लगातार टी20 खेलते हैं तो बहुत ज्यादा शॉट खेलने लगते हैं। दलीप ट्रॉफी में पूर्वोत्तर क्षेत्र के खिलाफ मेरी पहली पारी में भी ऐसा ही हुआ।" किशन ने उस पारी की गलती को याद करते हुए कहा, “पारी के बीच में मैं कट शॉट खेलने गया, लेकिन फिर असमंजस में पड़ गया कि गेंद को हिट करना चाहिए या नहीं। इसी सोच में मैं अपना विकेट गंवा बैठा।” फाइनल में उतरने से पहले किशन ने अपना ध्यान फिर से सही दिशा में लगाया। उन्होंने साथी बल्लेबाजों के साथ ज्यादा समय बिताया और धीरे-धीरे साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया।उन्होंने कहा, ''जब आप पहले ही राष्ट्रीय स्तर पर कई प्रारूपों में खेल चुके होते हैं तो टीम के साथी आपसे रन बनाने की उम्मीद करते हैं। इसलिए मेरे लिए क्रीज पर टिके रहना और अपनी टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा रन बनाना बेहद जरूरी था।''

बयान और प्रदर्शन दोनों से देश-दुनिया और सिलेक्टर को संकेत

बता दें कि ईशान किशन को इस प्रदर्शन के बाद टेस्ट क्रिकेट खेलने का दावेदार भी माना जा रहा है। ऐसे में इन बयानों से कई लोग यह भी अनुमान लगा रहे हैं कि ईशान किशन ने बल्ले के साथ- साथ अपने बयानों से भी चयनकर्ताओं को यह संकेत दिया है कि मैं अच्छा क्रिकेट खेलता रहूंगा सिलेक्ट करना या नहीं करना आपके जिम्मे है। मैं जो कर सकता हूं वो करता रहूंगा। अपने प्रदर्शन और बयानों से लगातार ईशान किशन ने देश- दुनिया के साथ- साथ चयन के लिए जिम्मेदार लोगों तक संदेश दिया है।

Vimlesh Kumar Bhurtiya

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विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

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