ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी फाइनल में रचा इतिहास, 31 साल बाद हुआ खास कमाल

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दलीप ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने इतिहास रच दिया है। वे ईस्ट जोन की ओर से दलीप ट्रॉफी में दोहरा शतक लगाने वाले तीसरे बल्लेबाज बने हैं। उन्होंने 31 साल के टीम के दोहरे शतक के सूखे को समाप्त कर दिया है।

ishan kishan
ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी के फाइनल में रचा इतिहास

दलीप ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला चेन्नई के एमए चिंदबरम स्टेडियम में खेला जा रहा है। इस मैच में ईस्ट जोन की टीम पहले बल्लेबाजी कर रही है। साउथ जोन ने टॉस नहीं जीता जिसकी वजह से उसे गेंदबाजी करने का अनचाहा मौका मिला। आज मैच का दूसरा दिन है और ईस्ट जोन ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। ताजा स्कोर 626/6 रन है। 134.1 ओवर की गेंदबाजी हो चुकी है। ईस्ट जोन को इस विशाल स्कोर तक पहुंचाने में वैसे तो वैभव सूर्यवंशी, अभिमन्यु ईश्वरन, शिखर मोहन, कुमार कुशाग्र और अनुकूल रॉय सभी का योगदान रहा, लेकिन सबसे बड़ा योगदान कप्तान ईशान किशन ने दिया। उन्होंने कमाल की बल्लेबाजी करते हुए 301 गेंदों का सामना किया और 250 रन बनाए। ईशान रिटायर हर्ट हुए हैं। ऐसे में मौका आने पर बल्लेबाजी करने भी आ सकते हैं। उन्होंने अपनी इस ताबड़तोड़ पारी में संयम और आक्रामकता दोनों का परिचय दिया। उन्होंने 27 चौके और 7 छक्के लगाए। पूरी पारी में उनका स्ट्राइक रेट 83.06 का रहा।

ईशान किशन ने दोहरे शतक से रचा इतिहास

अपनी इस दमदार पारी के साथ ईशान किशन ने इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में अपना नाम दर्ज करा दिया है। वे दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन की ओर से दोहरा शतक लगाने वाले तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले सिर्फ दो बल्लेबाजों ने यह कारनामा किया था। इतना ही नहीं ईशान ने 31 साल के दोहरे शतक के सूखे को भी खत्म किया है। 31 साल पहले ईस्ट जोन के किसी बल्लेबाज ने दोहरा शतक लगाया था। उस बल्लेबाज का नाम सबा करीम था। उन्होंने 21 अक्टूबर 1995 को नागपुर में वेस्ट जोन के खिलाफ नाबाद 200 रनों की पारी खेली थी। सबा करीम से पहले 1986 में अरुण लाल ने दो बार दोहरा शतक ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए बनाया था। उन्होंने अपना पहला दोहरा शतक 20 अक्टूबर 1986 को सेंट्रल जोन के खिलाफ बनाया था। तब उन्होंने 214 रनों की पारी खेली थी। इसके बाद उन्होंने 25 अक्टूबर 1986 को पश्चिमी क्षेत्र के खिलाफ खेलते हुए 287 रनों की पारी खेली थी।

दलीप ट्रॉफी में दोहरा शतक लगाने वाले ईस्ट जोन के प्लेयर

अरुण लाल-287 रन बनाम पश्चिमी क्षेत्र, पुणे 25 अक्टूबर, 1986

अरुण लाल- 214 बनाम केंद्रीय क्षेत्र, पुणे 20 अक्टूबर, 1986

सबा करीम -200* बनाम पश्चिमी क्षेत्र, नागपुर 21 अक्टूबर, 1995

ईशान किशन-250* बनाम दक्षिण क्षेत्र,चेन्नई 6 सितंबर, 2026

ईशान किशन की इस दमदार पारी के बाद टीम इंडिया के टेस्ट स्क्वॉड में उनकी वापसी की चर्चाएं भी हो रही हैं।

Vimlesh Kumar Bhurtiya

लेखक के बारे में

Vimlesh Kumar Bhurtiya

विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

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