क्या टीम इंडिया के सिलेक्शन में इस आधार पर होता है भेदभाव? शिखर धवन बोले- चाहे दिल्ली का लड़का हो या मुंबई का…
जम्मू-कश्मीर में शिखर धवन से राष्ट्रीय टीम में खिलाड़ियों के चयन में क्षेत्र के आधार पर भेदभाव को लेकर सवाल किया गया था। भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज ने इसका बेबाक जवाब दिया। धवन ने 269 इंटरनेशनल मैच खेले।

भारत में क्रिकेट काफी लोकप्रिय है। बेशुमार क्रिकेटर जिला, राज्य और घरेलू स्तर पर खेलते हैं। हर खिलाड़ी का सपना भारत की राष्ट्रीय टीम में जगह पाना होता है लेकिन चुनिंदा की किस्मत ही चमकती है। अनेक खिलाड़ी परफॉर्मेंस और फिटनेस मानकों पर खरा उतरने के बावजूद भारतीय स्कॉड का हिस्सा नहीं बन पाते। जम्मू-कश्मीर के अब तक सिर्फ तीन क्रिकेटर- परवेज रसूल, उमरान मलिक और आकिब नबी राष्ट्रीय टीम में जगह बना पाए हैं। शिखर धवन ने कहा कि टीम इंडिया में खिलाड़ियों के सिलेक्शन में क्षेत्र के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होता। हालांकि, भारत के पूर्व दिग्गज सलामी बल्लेबाज धवन ने स्वीकार किया कि इस प्रक्रिया में किस्मत भी भूमिका निभा सकती है।
'चाहे दिल्ली का लड़का हो या मुंबई का…'
दरअसल, धवन से श्रीनगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछा गया कि क्या जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों के साथ भेदभाव होता है क्योंकि उन्हें अधिक मौके नहीं मिलते? जवाब में पूर्व भारतीय ओपनर ने कहा, ''नहीं, निश्चित रूप से कोई भेदभाव नहीं होता।'' धवन ने कहा, ''अगर आप अच्छा खेलते हैं तो दुनिया में कोई भी आपको बाहर नहीं रख सकता। आपका खेल ही आपकी पहचान बनता है। कभी-कभी किस्मत भी भूमिका निभाती है। यह सिर्फ जम्मू-कश्मीर तक सीमित नहीं है। चाहे दिल्ली का लड़का हो या मुंबई का, आपको ऐसे कई उदाहरण मिलेंगे जहां कोई खिलाड़ी मौके का हकदार था लेकिन उसे मौका नहीं मिला और उसकी जगह किसी और को चुन लिया गया। यह खेल का ही एक हिस्सा है।''
धवन और परवेज 'आइकॉनिक खिलाड़ी'
बता दें कि प्रेस कॉन्फ्रेंस 'प्रो स्टार क्रिकेट लीग' दूसरे सीजन की शुरुआत की घोषणा करने के लिए बुलाई गई थी। यह टूर्नामेंट अगले साल मार्च के पहले हफ्ते में शुरू होगा। इसकी शुरुआत श्रीनगर से होगी और फाइनल देहरादून में होगा। धवन को जम्मू-कश्मीर के क्रिकेटर परवेज रसूल के साथ लीग का 'आइकॉनिक खिलाड़ी' घोषित किया गया। परवेज ने भारत के लिए 2014 में डेब्यू किया। उन्होंने एक वनडे और एक टी20 इंटरनेशनल मैच खेला। भारत के लिए और आईपीएल में खेल चुके रसूल और तेज गेंदबाज उमरान का जिक्र करते हुए धवन ने कहा कि इन खिलाड़ियों को एक शानदार मंच मिला। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि सबसे जरूरी बात यह है कि खिलाड़ी उस स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करें। उमरान ने 2023 में टीम इंडिया की ओर से डेब्यू किया। उन्होंने 10 वनडे और 8 T20I मैच खेले।
'लेकिन आपके कंट्रोल में सिर्फ यही है कि…'
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर आकाश चोपड़ा 'प्रो स्टार क्रिकेट लीग' के कमिश्नर हैं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के चयन में किस्मत की भूमिका होती है लेकिन कॉम्पिटिशन बहुत कड़ा है। चोपड़ा ने कहा, ''किस्मत का रोल होता है लेकिन आपके कंट्रोल में सिर्फ यही है कि आप कड़ी मेहनत करते रहें और लगातार अच्छा परफॉर्म करते रहें। भारतीय क्रिकेट अभी ऐसे मोड़ पर है जहां अगर आपके पास वाकई टैलेंट है तो यह आपको एक स्टेज देगा। उन्होंने कहा, ''अगर राष्ट्रीय टीम के लिए खेलते हुए नहीं तो इंडियन प्रीमियर लीग वो प्लेटफॉर्म देगा। फिर आप रणजी ट्रॉफी खेलते हैं, आप दलीप ट्रॉफी खेलते हैं। बहुत सारा क्रिकेट हो रहा है।'' उन्होंने तेज गेंदबाज आकिब नबी का जिक्र किया जो IPL में खेल चुके हैं और नेशनल टीम के लिए भी चुने गए। चोपड़ा ने पेसर नबी के बारे में कहा, ''न्यूजीलैंड का दौरा नजदीक आ रहा है। वह एक अच्छा खिलाड़ी है और अच्छा करेगा।'' नबी को श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम में चुना गया था लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिला।



