इंग्लैंड से सीरीज हारने के बाद लीपा-पोती कर रहे श्रेयर अय्यर, ट्रांजिशन फेज वाली बात सफेद झूठ, देखिए सच्चाई

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इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टी-20 मैच में भारत की हार के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा है कि भारतीय टीम बदलाव यानी ट्रांजिशन के फेज से गुजर रही है। उनकी इस बात में कितना दम है। क्या वास्तव में टीम इंडिया बदलाव के दौर से गुजर रही है, पड़ताल करते हैं।

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इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज गंवाने के बाद भारतीय टी-20 टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा कि हमारी टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है। हम बहुत सी गलतियां करेंगे, हारेंगें, सीखेंगे और आगे बढ़ेंगे। श्रेयस अय्यर के इस बयान के बाद सवाल उठता है कि क्या वाकई भारतीय टी-20 टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है। आइए इसकी पड़ताल कर लेते हैं।

इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी-20 टीम का स्क्वॉड ऐसा है। अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, प्रिंस यादव, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, संजू सैमसन, प्रसिद्ध कृष्णा, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, सूर्यांश शेडगे।

सिर्फ तीन खिलाड़ी ही नए, फिर टीम ट्रांजिशन में कैसे?

इस स्क्वॉड में विश्व कप की टीम से कुछ बदलाव दिखाई दे रहे हैं। इसमें सबसे बड़ा बदलाव तो यही है कि कप्तान सूर्यकुमार यादव की जगह खुद श्रेयस अय्यर आए हैं। इसके अलावा संजू सैसमन स्क्वॉड में तो हैं, लेकिन वे अब प्लेइंग XI का हिस्सा नहीं हैं। हार्दिक पांड्या की जगह सूर्यांश शेडगे को स्कॉड में रखा गया है लेकिन सीरीज का एक भी मैच नहीं खेले हैं। कुलदीप यादव की जगह रवि बिश्नोई टीम में हैं। जसप्रीत बुमराह इस स्क्वॉड में नहीं है। प्रसिद्ध कृष्णा की भी वापसी हुई है। हालांकि, गौर से देखा जाए तो ये खिलाड़ी कोई आज के खिलाड़ी नहीं। शेडगे, प्रिंस यादव और वैभव सूर्यवंशी को छोड़ दिया जाए तो इंडिया की टी-20 टीम अनुभवी नजर आती है। अभिषेक शर्मा और ईशान किशन भारतीय टी-20 टीम का हिस्सा लंबे समय तक रहे हैं। श्रेयस अय्यर ने भी भारत के लिए कई टी-20 मैच खेले हैं। तिलक वर्मा भी 2024 से नियमित रूप से टीम का हिस्सा हैं। शिवम दुबे तो एक तरह से पुराने चावल हैं। अक्षर पटेल ने 100 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच भी पूरे कर लिए हैं। हर्षित राणा भी अनुभवी हो चुके हैं। अशर्दीप सिंह भारत के टी-20 क्रिकेट के सबसे अनुभवी गेंदबाजी और लीडिंग विकेट टेकर हैं। वरुण चक्रवर्ती भी टीम का नियमित हिस्सा सूर्या और उससे पहले कोहली की कप्तानी में रहे हैं। वाशिंगटन सुंदर औक रवि बिश्नोई इन तीनों खिलाड़ियों को टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का भी अच्छा अनुभव है। प्रसिद्ध कृष्णा ने भले ही सात टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं लेकिन उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाजी का अनुभव लंबे समय से है।

निराधार साबित हो रहा श्रेयस अय्यर का बयान

इन तमाम तथ्यों को देखने के बाद श्रेयस अय्यर का बयान कि हम ट्रांजिशन (यानी बदलाव) जिसका सही अर्थ 'एक पीढ़ी से अगली पीढ़ी की तरफ मूव ऑन होना है' के दौर से गुजर रहे हैं निराधार साबित हो रहा है। सिर्फ वैभव सूर्यवंशी और प्रिंस यादव के प्लेइंग XI में शामिल हो जाने से भारतीय टीम ट्रांजिशन के फेज से गुजर रही है इसलिए प्रदर्शन नहीं हो पा रहा है कैसे कहा जा सकता है? खासकर तब जब प्रिंस यादव ने पिछले दोनों मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन किया है और शेडगे बेंच पर ही बैठे रह गए हैं। तथ्य साफ हैं कि भारतीय टीम की प्लेइंग XI में पुराने ही खिलाड़ी हैं और उनसे ही प्रदर्शन अच्छा नहीं हो रहा है। नए खिलाड़ी और ट्राजिशन फेज तो कहने की बातें प्रतीत हो रही हैं।

भारतीय टी-20 टीम में पुराने खिलाड़ी

अभिषेक शर्मा- 52 टी-20I मैच

ईशान किशन- 51 टी-20I मैच

श्रेयस अय्यर- 57 टी-20I मैच

तिलक वर्मा-55 टी-20I मैच

शिवम दुबे- 70 टी-20I मैच

अक्षर पटेल- 100 टी-20I मैच

हर्षित राणा- 14 टी-20I मैच

अर्शदीप सिंह- 90 टी-20I मैच

वरुण चक्रवर्ती- 48 टी-20 मैच

संजू सैसमन- 65 टी-20 मैच

प्रसिद्ध कृष्णा- 7 टी-20 मैच

वाशिंगटन सुंदर- 62 टी-20I मैच

रवि बिश्नोई- 46 टी-20I मैच

सिर्फ तीन खिलाड़ी युवा

प्रिंस यादव- 2 टी-20I मैच

वैभव सूर्यवंशी- 3 टी-20I मैच

सूर्यांश शेडगे- 1 टी-20I मैच

Vimlesh Kumar Bhurtiya

लेखक के बारे में

Vimlesh Kumar Bhurtiya

विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

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