IPL में धाकड़ ट्रैक रिकॉर्ड, फिर श्रेयस अय्यर को कप्तान के तौर पर क्यों नहीं मिलता उतना क्रेडिट? आकाश चोपड़ा ने बताया
श्रेयस अय्यर आईपीएल इतिहास के इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने अपनी कप्तानी में 3 अलग-अलग टीमों को फाइनल में पहुंचाया है। इसके बाद भी उनकी कप्तानी को वो क्रेडिट नहीं मिलता, जो मिलना चाहिए। आकाश चोपड़ा ने इसकी वजह बताई है और साथ में ये भी बताया है कि उन्हें कब उनकी कप्तानी का वाजिब श्रेय मिलने लगेगा।

श्रेयस अय्यर धाकड़ खिलाड़ी हैं। आईपीएल में उनका रिकॉर्ड भी धाकड़ है और कप्तान के तौर पर तो सरपंच साहब का कोई जवाब ही नहीं है। वह आईपीएल इतिहास के इकलौते शख्स ने जिन्होंने अपनी अगुआई में तीन अलग-अलग टीमों को फाइनल में पहुंचाया है। इसके बाद भी उनकी कप्तानी, उनकी लीडरशिप को वो क्रेडिट नहीं मिलता, जितना मिलना चाहिए। आखिर इसकी वजह क्या है? दिल्ली कैपिटल्स और केकेआर को अपनी कप्तानी में ऊंचाइयों पर पहुंचाने के बाद श्रेयस अय्यर का इन टीमों से नाता क्यों टूटा? आखिर उन्हें उनकी नेतृत्व क्षमता के लिए वाजिब क्रेडिट कब मिलेगा? जियोस्टार के 'आईपीएल टुडे लाइव' में ऐसे ही तमाम सवालों का विश्लेषण किया जियोस्टार एक्सपर्ट्स आकाश चोपड़ा और इरफान पठान ने।
कप्तानी का वाजिब श्रेय नहीं मिलने का चोपड़ा ने बताए कारण
जियोस्टार के 'आईपीएल टुडे लाइव' कार्यक्रम में आकाश चोपड़ा ने उन कारणों को गिनाया और विश्लेषण किया कि क्यों अय्यर को उनकी कप्तानी का वाजिब श्रेय नहीं मिलता। अय्यर को 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स को बतौर कप्तान आईपीएल चैंपियन बनाने के लिए पर्याप्त श्रेय नहीं मिलने को लेकर आकाश चोपड़ा ने कहा, ‘मुझे लगता है कि एक लीडर के तौर पर उनका योगदान उन लोगों के नैरेटिव के बीच में हल्का हो गया जो टीम का हिस्सा नहीं हैं। केकेआर और श्रेयस अय्यर के साथ दो चीजें हुईं। वह एक ऐसे सेटअप में था जहां कोच भी बहुत मजबूत और एक लोकप्रिय हस्ती थे। महेंद्र सिंह धोनी या रोहित शर्मा या यहां तक कि आरसीबी में विराट कोहली के साथ भी ऐसा नहीं था क्योंकि वहां टीम से बाहर कोई उनसे ज्यादा कद्दावर शख्स नहीं था।’
चोपड़ा ने आगे कहा, 'यहां आपके पास गौतम गंभीर थे, एक बहुत ही सफल खिलाड़ी और एक बहुत अच्छे मेंटॉर। बाकी एमएस, रोहित और कोहली लंबे समय तक भारतीय टीम के भी कप्तान रह चुके हैं और बहुत ही सफल कप्तान रहे हैं। उन्हें थाली में सजाकर श्रेय दिया गया। श्रेयस के मामले में देखें तो वह भारतीय टीम के कप्तान नहीं हैं। लेकिन वह अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं तो उन्हें श्रेय मिल रहा है।'
आकाश चोपड़ा ने बताया कब मिलने लगेगा अय्यर को वाजिब श्रेय
आकाश चोपड़ा ने साथ में यह भी बताया कि श्रेयस अय्यर को कब उनकी कप्तानी का उचित श्रेय मिलने लगेगा। उन्होंने कहा, ‘अगर आपको लगता है कि वह एक और ट्रॉफी जीत लें तो हर कोई अचानक बदल जाएगा और हर कोई उनके लिए तालियां बजाएगा तो ऐसा नहीं हो सकता है। तारीफें थोड़ी ज्यादा मिल सकती हैं लेकिन रातों-रात औरा नहीं बदल जाएगा। ऐसा सिर्फ एक सूरत में ही हो सकता है।’
वह स्थिति क्या है, उसके बारे में आकाश चोपड़ा ने कहा, 'अगला टी20 विश्व कप 2028 में है। मैं यह नहीं कह रहा कि भारत की टी20 लीडरशिप तत्काल बदल जाएगी लेकिन अगले कुछ सालों में इसकी गुंजाइश है। अगर श्रेयस अय्यर भारतीय टीम की कप्तानी के मजबूत दावेदार बन जाते हैं, वह रन बनाते हैं और टीम को प्लेऑफ, फाइनल या ट्रॉफी जितवाते हैं और किसी तरह निकट भविष्य में टीम इंडिया के टी20 कैप्टन बन जाते हैं, चाहें 12 महीने में या अगले वर्ल्ड कप तब सब कुछ बदल जाएगा। वह भारत के लिए विश्व कप विजेता कप्तान भी बन सकते हैं और तब उनका औरा अलग ही होगा। तब उन्हें किसी से किसी तरह के एन्डॉर्समेंट की जरूरत नहीं होगी।'
दिल्ली कैपिटल्स ने क्यों छोड़ा था श्रेयस अय्यर का साथ?
आकाश चोपड़ा ने साथ में यह भी बताया कि दिल्ली कैपिटल्स ने आईपीएल 2021 के बाद श्रेयस अय्यर को क्यों रीटेन नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘सीजन के बीच में ही श्रेयस अय्यर इंजर्ड हो गए थे और ये उनके और ऋषभ पंत के साथ हमेशा से होता आया है, जिन पर दिल्ली ने अपना निवेश किया था। ऐसी स्थिति में आपको किसी अन्य को कप्तानी देनी पड़ती है।’
चोपड़ा ने आगे कहा, 'फ्रेंचाइजी के लिए क्या सही है, उसे ज्यादा तवज्जो दिया जाता है कि वनिस्पत कि खिलाड़ी के लिए क्या सही है। अगर आप दोनों में से किसी को रोक सकते हैं या दोनों ही कप्तान बनना चाहते थे, ये सब जानकारी तो हमारे पास नहीं है लेकिन उनकी निश्चित तौर पर बातचीत हुई होगी और फ्रेंचाइजी को लगा होगा कि ऋषभ ज्यादा जरूरी है। ऋषभ को पहले ही कप्तानी दी जा चुकी थी, इसलिए उन्होंने उसे ही कप्तान बनाए रखा। श्रेयस अय्यर को लगा होगा कि अगर वह फ्रेंचाइजी में हैं तो उन्हें कप्तानी मिलनी चाहिए। इसलिए वह दूसरी फ्रेंचाइजी में चले गए और वहां अच्छा प्रदर्शन किया। कभी कभी चीजें आपके नियंत्रण से बाहर होती हैं और शायद दिल्ली कैपिटल्स से श्रेयस अय्यर के अलग होने के मामले में भी यही हुआ।'
श्रेयस अय्यर के नाम आईपीएल की तीन अलग-अलग टीमों को अपनी कप्तानी में फाइनल में पहुंचाने का रिकॉर्ड है। आज तक किसी अन्य कप्तान ने ये कारनामा नहीं किया है। अय्यर ने 2020 के आईपीएल सीजन में दिल्ली कैपिटल्स को फाइनल में पहुंचाया था। पहली बार टीम ने फाइनल खेला लेकिन खिताब से चूक गई। उसके बाद 2024 में अय्यर ने अपनी कप्तानी में कोलकाता नाइट राइडर्स को फाइनल में पहुंचाया और केकेआर तीसरी बार आईपीएल चैंपियन बनी। पिछले साल पंजाब किंग्स 11 साल बाद आईपीएल फाइनल में पहुंची और ये कारनामा श्रेयस अय्यर के ही नेतृत्व में हुआ। हालांकि पंजाब की टीम फाइनल में आरसीबी से हार गई।



