जब करार ही नहीं तो उल्लंघन कैसे और सजा कैसी? मुजरबानी ने PSL बैन पर उठाया सवाल, PCB ने किया पलटवार
PSL के ऊपर IPL को तरजीह देने वाले जिम्बाब्वे के गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के बीच एक तरह का वाकयुद्ध चल रहा है। मुजरबानी ने खुद पर PSL खेलने पर लगे प्रतिबंध को अन्यायपूर्ण बताया है, वहीं PCB का कहना है कि फॉर्मल कॉन्ट्रैक्ट भले ही न हो, लेकिन पेसर ने गैरपेशेवर रवैया दिखाया।

पीएसएल के ऊपर आईपीएल को तरजीह देने वाले जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के बीच एक तरह का वाकयुद्ध चल रहा है। पीसीबी ने मुजरबानी पर पीएसएल में उनके अगले 2 साल तक खेलने पर प्रतिबंध लगा दिया है। दूसरी तरफ जिम्बाब्वे के गेंदबाज ने रविवार को इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि आप ऐसे किसी कॉन्ट्रैक्ट का उल्लंघन ही कैसे कर सकते हैं, जिसे आपने कभी किया ही नहीं हो। अब पीसीबी ने भी ये कबूल किया है कि पीएसएल फ्रेंचाइजी और मुजरबानी के बीच कॉन्ट्रैक्ट नहीं हुआ था लेकिन उसने साथ में 'गैरपेशेवर रवैये' की वजह से जिम्बाब्वे के पेसर के खिलाफ 2 साल के प्रतिबंध का भी बचाव किया है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक पीसीबी से जुड़े सूत्रों ने ये माना है कि पीएसएल और मुजरबानी के बीच कोई लिखित करार नहीं हुआ था लेकिन उनके बीच मौखिक सहमति जरूर बनी थी। सूत्रों ने आगे बताया कि पीसीबी कहा कहना है कि साफ-साफ ऑफर और महत्वपूर्ण शर्तों पर सहमति के बाद खिलाड़ी ने एक अन्य करार करके वचनबद्धता का उल्लंघन किया है।
टी20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करने वाले ब्लेसिंग मुजरबानी पीएसएल की नीलामी में अनसोल्ड रहे थे। लेकिन बाद में इस्लामाबाद यूनाइटेड ने अपने एक खिलाड़ी के रीप्लेसमेंट के लिए उनसे संपर्क किया था और 1.1 करोड़ पाकिस्तानी रुपये की पेशकश की थी। फ्रेंचाइजी ने सोशल मीडिया पर यह ऐलान भी कर दिया था कि मुजरबानी पीएसएल 2026 में उनकी तरफ से खेलेंगे। हालांकि जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ने बाद में खुद को पीएसएल से अलग कर लिया और आईपीएल फ्रेंचाइजी केकेआर का ऑफर स्वीकार कर लिया। केकेआर ने मुस्तफिजुर रहमान के रीप्लेसमेंट के तौर पर मुजरबानी को अपने साथ जोड़ा।
इससे पहले जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी के एजेंट रॉब हंफ्राइज ने रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पीसीबी पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल ने इस्लामाबाद यूनाइटेड के साथ किसी औपचारिक करार पर दस्तखत ही नहीं किए थे। उन्होंने पेसर पर लगे बैन को 'बहुत ज्यादा' और 'अन्यायपूर्ण' बताया।
वर्ल्ड स्पोर्ट एक्सचेंज की तरफ से मुजरबानी का प्रतिनिधित्व करते हुए हंफ्राइज ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में पीसीबी से अपने मुवक्किल पर लगे प्रतिबंध को हटाने की भी गुजारिश की।
हंफ्राइज ने कहा कि मुजरबानी पीएसएल में तभी खेल पाते जब उन्हें जिम्बाब्वे क्रिकेट से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) मिलती। ये एनओसी बिना किसी फॉर्मल कॉन्ट्रैक्ट के जारी नहीं हो सकता था। इस्लामाबाद यूनाइटेड ने सोशल मीडिया पर जब मुजरबानी के खुद से जुड़ने का ऐलान किया, उसके बाद दो हफ्ते तक पेसर ने फॉर्मल कॉन्ट्रैक्ट का इंतजार किया। जब उन्हें कोई ऑफिशल पेपरवर्क नहीं मिला तब उन्होंने आईपीएल 2026 के लिए केकेआर के साथ कॉन्ट्रैक्ट किया।
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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