IPL इतिहास के वे 2 फाइनल जिनमें दिखा रोमांच का चरम, सिर्फ 1 रन से तय हुई हार-जीत
आईपीएल रोमांचक और यादगार मुकाबलों के लिए जाना जाता है। टूर्नामेंट के इतिहास में तो दो बार ऐसे फाइनल हुए हैं जब जीत-हार का अंतर महज एक रन का रहा। यह भी संयोग है कि सांसें अटका देने वाले उन दोनों ही खिताबी मुकाबलों में जीत का सेहरा बंधा मुंबई इंडियंस के सिर।

आईपीएल की देखा-देखी दुनियाभर में इस तरह की कई क्रिकेट लीग खेले जाने लगी है लेकिन जो बात आईपीएल में है वो कहीं और कहां। दुनियाभर के टैलेंट, दिग्गज खिलाड़ी, उभरती हुई नई प्रतिभाएं या यूं कहिए कि भविष्य में सुपर स्टार बनने की कुव्वत रखने वालीं नायाब प्रतिभाओं का शानदार मंच। आईपीएल रोमांचक और यादगार मुकाबलों के लिए जाना जाता है। टूर्नामेंट के इतिहास में तो दो बार ऐसे फाइनल हुए हैं जब जीत-हार का अंतर महज एक रन का रहा। यह भी संयोग है कि सांसें अटका देने वाले उन दोनों ही खिताबी मुकाबलों में जीत का सेहरा बंधा मुंबई इंडियंस के सिर।
आईपीएल इतिहास के इन दो सबसे रोमांचक फाइनल मुकाबलों में मुंबई इंडियंस ने राइजिंग पुणे सुपर जॉइंट्स और चेन्नई सुपर किंग्स को 1-1 रन के अंतर से हराया था। एमआई ने 2017 में आरपीएस को फाइनल में शिकस्त देकर ट्रॉफी अपने नाम किया था। वहीं चेन्नई सुपर किंग्स को 2019 के आईपीएल फाइनल में 1 रन से हराकर झटका दिया था। मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स आईपीएल इतिहास की दो सबसे सफल टीमें हैं। दोनों ने अब तक 5-5 बार टाइटल जीता है।
2017 में MI ने 129 रन को कर लिया था डिफेंड
2017 के आईपीएल में मुंबई इंडियंस और राइजिंग पुणे सुपर जॉइंट्स के बीच खिताबी भिड़ंत हुई। मुंबई की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर सिर्फ 129 रन बना सकी। क्रुणाल पांड्या ने सबसे ज्यादा 47 रन बनाए। कप्तान रोहित शर्मा ने 24, अंबाती रायडू ने 13 और हार्दिक पांड्या ने 10 रन बनाए थे। इन चारों के अलावा 11वें नंबर पर उतरे मिचेल जॉनसन ही दहाई का आंकड़ा पार कर पाए थे जिन्होंने नाबाद 13 रन बनाए थे।
जवाब में राइजिंग पुणे सुपरजॉइंट्स ने 10 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 119 रन बना लिए थे। आखिरी ओवर में उसे जीत के लिए 11 रनों की दरकार थी। स्टीव स्मिथ तब 51 रन बनाकर खेल रहे थे और मनोज तिवारी 3 रन पर।
मुंबई की तरफ से मिचेल जॉनसन आखिरी ओवर फेंकने आए। पहली ही गेंद पर मनोज तिवारी ने चौका जड़ दिया। अब आरपीएस को जीत के लिए 5 गेंदों में 7 रन की जरूरत थी। अगली ही गेंद पर जॉनसन ने तिवारी को कैच आउट करा दिया। उसकी अगली ही गेंद पर स्टीव स्मिथ भी चलते बने। अब 3 गेंदों में 7 रन चाहिए थे। चौथी गेंद पर बाई के रूप में आरपीएस को एक रन मिला। पांचवीं गेंद पर 2 रन। अब आखिरी गेंद पर जीत के लिए 3 रन की दरकार थी। आरपीएस के बल्लेबाज दो रन तो दौड़कर पूरे कर लिए लेकिन तीसरे रन के चक्कर में वॉशिंगटन सुंदर रन आउट हो गए। मुंबई 1 रन से मैच जीती और आईपीएल की ट्रॉफी पर कब्जा किया।
मुंबई की तरफ से मिचेल जॉनसन ने सबसे ज्यादा 3 और जसप्रीत बुमराह ने 2 विकेट लिए। लेग स्पिनर करण शर्मा को कोई विकेट तो नहीं मिला लेकिन उनकी कसी हुई किफायती गेंदबाजी ने मुंबई की जीत में बड़ा रोल निभाया। शर्मा ने 4 में सिर्फ 18 रन दिए थे।
जब रोमांचक फाइनल में धोनी की CSK पर भारी पड़ी थी MI
2019 का आईपीएल फाइनल भी बहुत ही रोमांचक रहा था। उस बार भी मुंबई इंडियंस ने 1 रन से जीत हासिल की थी लेकिन तब उसके सामने थी महेंद्र सिंह धोनी की अगुआई वाली चेन्नई सुपर किंग्स।
मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 149 रन बनाए थे। जवाब में फाफ डु प्लेसी और शेन वॉटसन ने सीएसके की पारी की शुरुआत की। फाफ 26 रन बनाकर आउट हुए। शेन वॉटसन एक छोर से ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन उन्हें किसी भी बल्लेबाज का साथ नहीं मिला। आखिरकार वॉटसन 59 गेंद में 80 रन बनाकर रन आउट हो गए और उसी के साथ चेन्नई की उम्मीदें भी धूमिल हो गईं। फाफ डु प्लेसी, शेन वॉटसन और ड्वेन ब्रावो के अलावा सीएसके का कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाया। ब्रावो ने 15 रन बनाए थे।
चेन्नई सुपर किंग्स को आखिरी ओवर में जीत के लिए 9 रन चाहिए थे और उसके पास 5 विकेट शेष थे। लसिथ मलिंगा ने मुंबई की तरफ से आखिरी ओवर डाला। वॉटसन और रविंद्र जडेजा खेल रहे थे। पहली गेंद पर वॉटसन ने सिंगल लिया। दूसरी गेंद पर जडेजा ने भी एक रन दौड़कर पूरा किया। तीसरी गेंद पर वॉटसन ने दो रन लिए। अगली गेंद पर वॉटसन दो रन लेने के चक्कर में रन आउट हो गए। पांचवी गेंद पर शार्दुल ठाकुर ने 2 रन भाग लिए। अब आखिरी गेंद पर सीएसके को जीत के लिए सिर्फ 2 रन चाहिए थे लेकिन मलिंगा ने शार्दुल ठाकुर को एलबीडब्लू आउट करके मुंबई को जिता दिया।
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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