बल्लेबाजों पर 230 रनों का स्कोर खड़ा करने का दबाव गेंदबाजों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है- हेजलवुड
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने कहा है कि आईपीएल में बड़े स्कोर बनाने की बढ़ती होड़ गेंदबाजों के पक्ष में भी जा सकती है, क्योंकि बल्लेबाजों पर लगातार आक्रामक शुरुआत करने का दबाव रहता है।
बेंगलुरु, 17 अप्रैल (भाषा) रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने कहा है कि आईपीएल में बड़े स्कोर बनाने की बढ़ती होड़ गेंदबाजों के पक्ष में भी जा सकती है, क्योंकि बल्लेबाजों पर लगातार आक्रामक शुरुआत करने का दबाव रहता है।
रन रोकने से बिगड़ सकती है बल्लेबाजों की एकाग्रता
उन्होंने कहा कि अगर गेंदबाज कुछ ओवरों तक रन रोकने में सफल रहते हैं, तो इससे बल्लेबाजों की लय और एकाग्रता बिगड़ सकती है। आईपीएल में अब तक खेले गए 24 मैचों में से 21 बार 200 रन का आंकड़ा पार किया जा चुका है और अक्सर बल्लेबाज गेंदबाजी आक्रमण की जमकर धुलाई करते नजर आते हैं। हेजलवुड ने कहा, "मुझे लगता है कि दर्शकों के लिए यह शानदार है कि गेंदें स्टैंड्स में जा रही हैं, लेकिन गेंदबाजों के नजरिए से इससे थोड़ा दबाव कम होता है क्योंकि बल्लेबाजों से अच्छी शुरुआत की उम्मीद रहती है।"
गेंदबाजों के लिए फायदेमंद हो सकता है 230 रन बनाने का दवाब
उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मैच की पूर्व संध्या पर कहा, “उनसे बड़े स्कोर बनाने की उम्मीद की जाती है, उनसे हर टी20 पारी में लगभग 230 रन बनाने की अपेक्षा की जाती है।” उन्होंने कहा कि अगर गेंदबाज बल्लेबाजों को थोड़े समय के लिए भी रोक पाते हैं, तो इससे उन पर दबाव बढ़ सकता है और एक या दो विकेट मिलने की संभावना बन सकती है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में पावरप्ले गेंदबाजों के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण चरण बन गया है, क्योंकि बल्लेबाज पहले से अधिक आक्रामक हो गए हैं। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि पावरप्ले में गेंदबाजी करना अब सबसे मुश्किल हो गया है। यह वाकई एक कठिन दौर है और इसमें बल्लेबाज को आउट करने और रन रोकने के बीच सही संतुलन बनाना सबसे अहम है।"
अपनी गेंदबाजी में विविधता लाने की कोशिश कर रहे हैं हेजलवुड
हेजलवुड ने कहा, “पांच साल पहले की तुलना में अब स्थिति बिल्कुल अलग है, जब आप छह ओवरों में बल्लेबाज को आउट करने की कोशिश कर सकते थे। खेल हमेशा बदलता रहता है, और यह एक अच्छी चुनौती है।” उन्होंने कहा, “इस चुनौती का सामना करने का एक तरीका है अपनी गेंदबाजी पर काम करना और संभवतः बल्लेबाजों को परेशान करने के लिए कुछ नए विकल्प शामिल करना।” हेजलवुड ने यह भी कहा कि वे अपनी गेंदबाजी में विविधता लाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी मुख्य ताकत अब भी हार्ड लेंथ पर गेंदबाजी करना ही है। उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के गेंदबाजी आक्रमण की तारीफ करते हुए कहा कि टीम का संतुलित गेंदबाजी यूनिट आईपीएल 2026 में उनकी सफलता का बड़ा कारण है।
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Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
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परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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