गुजरात टाइटन्स के धाकड़ बल्लेबाज साई सुदर्शन को क्यों है CSK के साथ गहरा लगाव? खुद किया खुलासा
साई सुदर्शन खेलते तो गुजरात टाइटन्स की तरफ से हैं लेकिन चेन्नई सुपर किंग्स के साथ उनका बहुत भावनात्मक जुड़ाव है। सुदर्शन ने जिओस्टार के साथ बातचीत में खुद इसका खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि सीएसके के खिलाफ खेलना उनके लिए बहुत ही खास होता है।

गुजरात टाइटन्स के धाकड़ बल्लेबाज साई सुदर्शन आईपीएल 2025 के ऑरेंज कैप विनर थे और इस बार भी उनके बल्ले से खूब रन निकल रहे हैं। उन्होंने आईपीएल 2026 में अब तक 500 से ज्यादा रन बना दिए हैं और टीम को प्लेऑफ में पहुंचाने में उनका अहम रोल रहा है। जिओस्टार के साथ बातचीत में साई सुदर्शन ने खुलासा किया है कि वह अपने स्कूल के सामने से चेन्नई सुपर किंग्स की टीम बस को गुजरते हुए देखने के लिए सड़क किनारे खड़े रहते थे। उन्होंने बताया कि सीएसके के खिलाफ खेलने में उन्हें स्पेशल फील होता है। गुरुवार को जीटी का सीएसके से ही मुकाबला है।
खास बात ये है कि साई सुदर्शन ने 2 साल पहले आईपीएल इतिहास का अपना पहला शतक चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ ही जड़ा था। जिओस्टार से बातचीत में उन्होंने 2024 में सीएसके के खिलाफ जड़े गए अपने पहले शतक के बारे में बात करते हुए ही खुलासा किया कि चेन्नई सुपर किंग्स के साथ उनका गहरा भावनात्मक जुड़ाव है।
सुदर्शन ने अपने पहले आईपीएल शतक को लेकर कहा, ‘ये जानबूझकर नहीं हुआ था, मुझे लगता है कि ये भगवान की कृपा था और वो सही समय पर आया है। लेकिन मुझे पिच पर समय बिताना हमेशा बहुत खास लगता है, खासकर तब जब मैं चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ खेलता हूं। वजह ये है कि कुछ भी कहा या किया जाए, मेरा सीएसके के साथ एक गहरा भावनात्मक जुड़ाव है। हम सड़के के किनारे बस इसलिए खड़ा हुआ करते थे कि सीएसके की टीम बस को हमारे स्कूल के नजदीक से गुजरते हुए देख सकें। वो शानदार यादें हैं। मैं इसके लिए भगवान का आभारी हूं कि मैंने सीएसके के खिलाफ कुछ यादगार प्रदर्शन किए हैं।’
पिछले सीजन के ऑरेंज कैप विनर साई सुदर्शन से इस सीजन में भी काफी उम्मीदें थी। जाहिर है उन उम्मीदों पर खरा उतरने का उन पर दबाव था। ऑरेंज कैप जीतने के बाद उम्मीदों और दबाव से निपटने को लेकर सुदर्शन ने कहा, ‘यह बहुत दिलचस्प है। ईमानदारी से कहूं तो मैं अतीत की तरह देखता ही नहीं हूं क्योंकि वह तो पहले ही गुजर चुका होता है। जो मायने रखता है वो है वर्तमान।’
साई सुदर्शन ने आगे कहा, 'बेब रुथ का एक बहुत ही मशहूर कथन है- 'कल के रन आज आपको मैच नहीं जिता पाएंगे।' मेरा यही मोटो है क्योंकि कल मैंने जो कुछ भी किया था, वो आज के मकसद को पूरा नहीं करता। मुझे आज फिर शुरुआत करनी होगी और जब कल आएगा तो मैं नए सिरे से फिर शुरुआत करूंगा। इसलिए मैं पिछले सीजन के बारे में नहीं सोचता। मैं उससे सीखने की कोशिश करता हूं और आने वाले सीजन या आने वाले दिन के लिए जितना संभव हो सके, खुद को ताजा बनाए रखना चाहता हूं। '
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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