वेंटिलेटर पर रहे, लंग्स हो गए थे फेल... क्या मेडिकल मजबूरी में रोमी भिंडर ने तोड़ा IPL का प्रोटोकॉल?
आरसीबी के खिलाफ मैच में राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर डगआउट में बैठकर अपना फोन इस्तेमाल करते नजर आए थे। उनके फोन में वैभव सूर्यवंशी भी कुछ ताक रहे थे। इसके लिए उन्हें नोटिस थमाया गया है।

आईपीएल की टीम राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमी भिंडर इस समय विवादों में घिरे हुए हैं। बीसीसीआई की एंटी करप्शन और सिक्योरिटी यूनिट यानी एसीएसयू ने आईपीएल 2026 मैच के दौरान डगआउट में फोन का इस्तेमाल करने के लिए उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी है। गुवाहटी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु यानी आरसीबी के खिलाफ मैच में वह डगआउट में बैठकर अपना फोन इस्तेमाल करते नजर आए थे। उनके फोन में वैभव सूर्यवंशी भी कुछ ताक रहे थे। इसके लिए उन्हें नोटिस थमाया गया है, लेकिन एक सूत्र ने दावा किया है कि रोमी भिंडर मेडिकल इमरजेंसी की वजह से फोन का इस्तेमाल कर रहे थे।
रिपोर्ट की मानें तो वह पहले की मेडिकल इमरजेंसी की वजह से फोन ले जा रहे थे, क्योंकि पहले उनके दोनों लंग्स खराब हो गए थे, जिससे उन्हें लगभग एक हफ्ते तक वेंटिलेटर पर रहना पड़ा था और 10 किलो वजन भी उनका कम हो गया था। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने एक सोर्स के हवाले से बताया, "उनके दोनों लंग्स खराब हो गए थे और उस मेडिकल इमरजेंसी की वजह से उन्हें लगभग एक महीना नागपुर के एक हॉस्पिटल में बिताना पड़ा।"
हालांकि, बीसीसीआई के मिनिमम स्टैंडर्स फोर प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया यानी पीएमसओए में मोबाइल फोन या इलेक्ट्रोनिक डिवाइस की अनुमति नहीं है। सिर्फ कुछ ही अधिकारियों को इसकी इजाजत होती है। टीम मैनेजर फोन का इस्तेमाल कर सकता है, लेकिन सिर्फ ड्रेसिंग रूम में। इसके अलावा, खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को स्टेडियम पहुंचने पर अपने फोन, स्मार्टवॉच या दूसरे कम्युनिकेशन डिवाइस बंद करके सिक्योरिटी लाइजन ऑफिसर (SLO) को जमा करने होते हैं।
'नियम कानून उन्हें पता हैं'
एक और सोर्स के हवाले से अखबार ने कहा, "मेडिकल दिक्कतों की वजह से रोमी भिंडर का वजन 10 किलो से ज्यादा कम हो गया है। उन्हें अस्थमा भी है, जिसकी वजह से उन्हें ज़्यादा दूर तक न चलने या बार-बार सीढ़ियां न चढ़ने की सलाह दी गई है। वह टीम के साथ हैं और उन्होंने फ्रेंचाइजी के लिए कई रोल निभाए हैं। इसलिए, उन्हें नियम और कानून पता हैं, लेकिन वह फोन मेडिकल वजहों से उनके पास था। प्रोटोकॉल के हिसाब से डगआउट में मोबाइल फोन और लैपटॉप रखने की इजाजत है। बस दिक्कत इस्तेमाल की थी, लेकिन वह न तो कॉल कर रहे थे और न ही कोई कॉल रिसीव कर रहे थे। वह बस अपना फोन स्क्रॉल कर रहे थे। उनके पास समय है और वह ACSU अधिकारियों को अपनी बात समझाने की कोशिश करेंगे।"
सोर्स ने रोमी के डिवाइस के इस्तेमाल का भी बचाव किया और कहा, "हमें उम्मीद है कि ACSU के अधिकारी किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले रोमी की मेडिकल कंडीशन को ध्यान में रखेंगे। दिक्कत यह थी कि उन्हें ड्रेसिंग रूम तक पहुंचने के लिए कम से कम 50 कदम चलना पड़ा और फिर डगआउट में लौटने के लिए भी लगभग 20 सीढ़ियां चढ़नी पड़ीं। इसी वजह से उन्हें डगआउट में ही फोन चेक करना पड़ा होगा।"
लेखक के बारे में
Vikash Gaurविकाश गौड़: डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर कम असिस्टेंट मैनेजर, स्पोर्ट्स
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