राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमी भिंडर पर 1 लाख का जुर्माना, डगआउट में मोबाइल देखने को लेकर BCCI ने लिया ऐक्शन
IPL मैच के दौरान डगआउट में बैठकर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वाले राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमी भिंडर पर BCCI ने कार्रवाई करते हुए 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। उन्हें चेतावनी भी दी गई है। वह 10 अप्रैल को RCB के खिलाफ मैच के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए कैमरे में कैद हुए थे।

आईपीएल मैच के दौरान डगआउट में बैठकर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वाले राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमी भिंडर पर बीसीसीआई ने कार्रवाई करते हुए 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। उन्हें चेतावनी भी दी गई है। वह 10 अप्रैल को गुवाहाटी में आरसीबी के खिलाफ मैच के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए कैमरे में कैद हुए थे। उनके बगल में वैभव सूर्यवंशी बैठे हुए थे। मोबाइल देखते भिंडर का क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद बीसीसीआई के एंटी-करप्शन यूनिट ने उन्हें कारण बताओं नोटिस जारी करते हुए 48 घंटे के भीतर अपना पक्ष रखने को कहा था।
प्लेयर्स ऐंड मैच ऑफिशल एरिया (PMOA) प्रोटोकॉल में साफ तौर पर कहा गया है कि टीम मैनेजर मोबाइल फोन का इस्तेमाल तो कर सकते हैं, लेकिन डगआउट में नहीं। वे ड्रेसिंग रूम में मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर सकते हैं।
रोमी भिंडर युवा क्रिकेट सनसनी वैभव सूर्यवंशी के 'स्थानीय संरक्षक' भी हैं और उनके करियर से जुड़े फैसलों में उनकी गहरी भूमिका मानी जाती है।
बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि बीसीसीआई की एंटी-करप्शन यूनिट भिंडर के जवाब से संतुष्ट नहीं थी। उनके ऊपर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है और उन्हें आधिकारिक तौर पर चेतावनी दी गई है।
सैकिया ने हमारे सहयोगी हिंदुस्तान टाइम्स से कहा, ‘रोमी भिंडर ने गुवाहाटी मैच में प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया। उन्हें आईपीएल प्रोटकॉल्स के तहत नोटिस जारी किया गया था। उन्हें अपनी बात रखने के लिए 48 घंटे की मोहलत दी गई थी। उनकी सफाई आ गई है और हम उससे बहुत संतुष्ट नहीं हैं। एंटी-करप्शन यूनिट उनके जवाब से बहुत संतुष्ट नहीं है। क्योंकि यह उनकी तरफ से पहला उल्लंघन है, इसलिए प्रोटोकॉल्स के तहत उनके ऊपर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है और साथ में उन्हें चेतावनी भी दी गई है कि भविष्य में उन्हें और ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है।’
सैकिया ने आगे कहा, 'हम उम्मीद करते हैं कि इस घटना को सभी हितधारक सबक के रूप में लेंगे। मैं सबसे नियम-कायदों को मानने की गुजारिश करता हूं ताकि खेल को नुकसान न हो।'
रोमी भिंडर शुरुआत से ही राजस्थान रॉयल्स से जुड़े हुए हैं। कुछ महीने पहले वह 'वेंटिलेशन सपोर्ट' पर थे। उनके दोनों लंग फेल हो गए थे। 10 किलोग्राम से ज्यादा वजन कम हो गया था। उन्हें अस्थमा भी है। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने राजस्थान रॉयल्स के एक सूत्र के हवाले से बताया था कि भिंडर संभवतः मेडिकल इमर्जेंसी की वजह से मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे थे। लेकिन वह आईपीएल के साथ शुरुआत से जुड़े हुए हैं, ऐसे में उन्हें नियम-कायदों की जानकारी तो अच्छी तरह से होगी ही।
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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