लेकिन वो थका नहीं; प्रफुल्ल हिंगे के जुनून को पिता ने शौक समझने की कर दी थी गलती
प्रफुल्ल हिंगे के सिर पर जब क्रिकेट का जुनून सवार हुआ तब उनके अपनों तक को भी उन पर यकीन नहीं था। पिता प्रकाश हिंगे तक ने क्रिकेट को लेकर उनके जुनून को महज शौक या कुछ दिनों की चुल्ल समझ लेने की गलती कर दी थी। आज उन्हें अपने उसी बेटे पर नाज होगा।

इंडियन प्रीमियर लीग के हर सीजन में कुछ प्रतिभाएं अपनी चमक बिखेरती हैं। कल तक जो प्रतिभाएं पहचान की मोहताज होती हैं, अचानक वो आईपीएल के मंच पर अपने प्रदर्शन से क्रिकेटप्रेमियों की जुबां पर चढ़ जाती हैं। अभावों के बीच बड़ा लक्ष्य हासिल करने की धुन। सालों का संघर्ष। क्रिकेट की दुनिया में कुछ कर गुजरने का जज्बा। जुनून। अपनों तक का कभी-कभार भरोसा डगमगा जाए लेकिन जिद ऐसी कि ख्बावों को हकीकत का शक्ल दिए चैन कहां। प्रफुल्ल हिंगे उन्हीं में से एक हैं। पहले ही मैच में 4 विकेट और प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड। विदर्भ के इस तेज गेंदबाज के सिर पर जब क्रिकेट का जुनून सवार हुआ तब उनके पिता को भी उन पर यकीन नहीं था। पिता प्रकाश हिंगे तक ने उनके जुनून को महज शौक या कुछ दिनों की चुल्ल समझ लेने की गलती कर दी थी। आज उन्हें अपने उसी बेटे पर नाज होगा।
आईपीएल के 19 साल के इतिहास में अब तक नहीं हुआ था ऐसा
24 साल के प्रफुल्ल हिंगे ने सोमवार को आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के बड़े-बड़े शूरमाओं को न सिर्फ पवैलियन की राह दिखाई, बल्कि उसके विजय रथ को भी रोकने में अहम किरदार निभाया। अपने डेब्यू मैच के पहले ही ओवर में 3 विकेट चटकाकर इतिहास रच दिया। आईपीएल के 19 साल के इतिहास में अब तक ऐसा नहीं हुआ था कि किसी गेंदबाज ने अपने डेब्यू मैच के पहले ही ओवर में 3 विकेट चटका दे। और आउट भी किनको किया! वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल और लुहान ड्रि प्रिटोरियस। बाद में राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग का भी विकेट अपने नाम किया। डेब्यू आईपीएल मैच में 4 ओवर में 34 रन देकर 4 विकेट। सनराइजर्स हैदराबाद ने राजस्थान रॉयल्स को 57 रनों से शिकस्त दी और प्रफुल्ल हिंगे प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए।
अटूट यकीन से लिखी नई इबारत
हिंगे को खुद पर पूरा भरोसा था। उन्हें यकीन था कि जब भी मौका मिलेगा, वह डेब्यू में ही कमाल करेंगे। मैच के बाद उन्होंने खुलासा भी किया कि उन्होंने पहले से सोच रखा था कि डेब्यू मैच में वह 4-5 विकेट लेंगे और वैभव सूर्यवंशी का विकेट उनका टॉप टारगेट था।
ज्यादातर क्रिकेटरों की तरह प्रफुल्ल हिंगे ने भी बहुत कम उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया। उनके पिता प्रकाश हिंगे ने 'न्यूज18 क्रिकेट नेक्स्ट' से बातचीत में बेटे के जिद और जुनून की कहानी बताई है।
बेटे की जिद और एक पिता की मजबूरी
प्रकाश हिंगे के मुताबिक उनके बेटे ने एक दिन उनसे कहा कि नागपुर के किसी क्रिकेट एकेडमी में उनका दाखिला करा दें। उन्होंने उसे समझाने की कोशिश की कि पढ़ाई पर फोकस करो। वजह ये कि क्रिकेट एक महंगा खेला है। इसके इक्विपमेंट्स काफी महंगे आते हैं। लेकिन बेटे ने नहीं सुनी। जिद ठान ली कि एकेडमी में दाखिला कराइए ही। आखिरकार बेटे की जिद के आगे पिता झुक जाते हैं और एक दिन उसका दाखिला नागपुर के एक लोकल क्लब रेशमीबाग जिमखाना में दाखिला करा देते हैं।
प्रकाश हिंजे ने प्रफुल्ल का एकेडमी में नाम तो लिखा दिया लेकिन उन्हें संदेह था कि बेटा वो समर्पण दिखा पाएगा जो क्रिकेट के लिए जरूरी होता है। लेकिन बेटे ने उन्हें गलत साबित कर दिया।
फोकस देख पिता का बढ़ा यकीन
प्रकाश ने बताया, 'हमें लगा कि थकेगा तो घर को वापस आ जाएगा, पर वो थका नहीं। उसने ग्राउंड को ही अपना घर बना लिया। उसकी पढ़ाई में बहुत कम रुचि थी लेकिन क्रिकेट पर उसका फोकस पूरा था। उस वक्त मुझे अहसास हुआ कि वह खेल में भी अच्छा कर सकता है और मैंने उसका पूरा साथ देना शुरू कर दिया।'
मेहनत और जुनून से ख्वाब बना हकीकत
आईपीएल 2026 से पहले सनराइजर्स हैदराबाद ने प्रफुल्ल हिंगे को 30 लाख की बेस प्राइस पर खरीदा। अब जब उन्हें पहली बार आईपीएल में खेलने का मौका मिला तो हिंजे ने कमाल ही कर दिया। पैट कमिंस को अपना आदर्श मानने वाले हिंगे खुलकर कहा करते थे कि एक दिन वह इस दिग्गज के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करेंगे।
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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