लगातार 6 हार के बाद भी कम नहीं हो रहा श्रेयस अय्यर का इगो, कहा निराश हूं, लेकिन फर्क नहीं पड़ता

Vimlesh Kumar Bhurtiya लाइव हिन्दुस्तान
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लगातार 6 मैच हारने के बाद पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर सकारात्मक हैं। उन्होंने मैच के बाद कहा है कि निराश हूं लेकिन इससे मेरे व्यक्तित्व में बहुत फर्क नहीं पड़ता है। जानिए उन्होंने आरसीबी से मिली हार के बाद क्या बयान दिया।

लगातार 6 हार के बाद भी कम नहीं हो रहा श्रेयस अय्यर का इगो, कहा निराश हूं, लेकिन फर्क नहीं पड़ता

आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स ने लगातार 6 मैच जीतने के बाद अब लगातार 6 हार भी हासिल कर ली है और उसका बुरा दौर शुरू हो गया है। रविवार दोपहर धर्मशाला में खेले गए आज के मैच में आरसीबी ने उन्हें 23 रनों के बड़े से अंतर से हराकर प्लेऑफ में पहुंचने की उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। आरसीबी के खिलाफ मिली हार के बाद पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर अपनी टीम के प्रदर्शन से काफी निराश दिखे। उन्होंने अपने बयान में बताया कि हम पावरप्ले में ही मैच हार गए थे।

पावरप्ले में ही हाथ से निकल गया मैच

पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर से पूछा गया कि कहां से आपको लगा कि अब मैच हाथ से निकल रहा है। इसका उन्होंने बड़ी ईमानदारी से जबाव दिया। अय्यर ने कहा, "जाहिर है, उन्होंने शानदार शुरुआत की और पावरप्ले के बाद गेंदबाजों पर हमला बोलना शुरू कर दिया। मुझे लगता है कि 222 रन बनाना सराहनीय प्रदर्शन था और हम गेंदबाजी में ज्यादा विकेट नहीं ले पाए।" अय्यर ने कहा “मुझे लगता है कि मैच पावरप्ले में ही हाथ से निकल गया था।” शुरुआती विकेट गिरने के बाद मुश्किल लक्ष्य का पीछा करने पर श्रेयस अय्यर ने कहा "बिल्कुल, हमारे तीन विकेट गिर चुके थे और हमारे ज्यादातर रन प्रभसिमरन और प्रियांश ने बनाए थे। पावरप्ले में वे हमें जो शुरुआत देते थे, ज़ाहिर है इस बार हम वैसी शुरुआत नहीं कर पाए और साथ ही मेरा जल्दी आउट हो जाना भी निराशाजनक रहा।"

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हार-जीत से मेरे व्यक्तित्व पर कोई फर्क नहीं पड़ता

इस मैच में मिली हार और लगातार 6 हार के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर काफी निराश नजर आए और उन्होंने अपनी निराशा को शब्दों में भी बयांन किया। श्रेयस अय्यर ने सीधे शब्दों में अपने दुख को व्यक्त करते हुए कहा "बहुत निराश हूं, लेकिन शशांक और स्टोइनिस और बीच के कुछ अन्य बल्लेबाजों का प्रदर्शन सराहनीय रहा। मुझे लगता है कि हम लगभग 10 रन प्रति ओवर की रफ्तार से अच्छा खेल रहे थे, लेकिन हां, लक्ष्य से चूक गए।" उन्होंने भुवनेश्वर कुमार और हेजलवुड की गेंदबाजी की तारीफ करते हुए कहा "भुवी और हेजलवुड की गेंदबाज़ी जबरदस्त थी।" लखनऊ के खिलाफ अगले मैच से पहले सकारात्मक रहने पर बात करते हुए अय्यर ने कहा "बिल्कुल। मैं हमेशा सकारात्मक रहता हूं, चाहे परिणाम कुछ भी हो। इससे मेरे व्यक्तित्व पर कोई फर्क नहीं पड़ता और मैं हमेशा दृढ़ निश्चय के साथ आगे बढ़ता हूं। मैं अतीत में ज्यादा उलझा नहीं रहती। यह बीत चुका है, यह सब खत्म हो गया है। कल फिर मैं सूर्योदय देखूंगा और हर मुश्किल के बाद उम्मीद की किरण जरूर होती है।"

Vimlesh Kumar Bhurtiya

लेखक के बारे में

Vimlesh Kumar Bhurtiya

विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

खेल पत्रकारिता और पत्रकारिता का उद्देश्य
विमलेश खेल से जुड़ी तमाम तरह की स्टोरीज पाठकों तक पहुंचाते हैं, जिनमें तथ्यों की स्पष्टता होती है और सकारात्मक विश्लेषण भी शामिल होता है। ये क्रिकेट की दुनिया का अच्छा ज्ञान रखते हैं और राजनीति में गहरी दिलचस्पी है। राजनीति और क्रिकेट में घट रही घटनाओं का विश्लेषण करना उनकी तह तक जाना विमलेश को पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी तथ्यपरकता (Fact-checking) है। चाहे वह चकाचौंध से भरा क्रिकेट जगत हो या अन्य खेल और खिलाड़ियों का जीवन। बतौर खेल पत्रकार यह कसौटी हर वक्त बनी रहनी चाहिए कि लेखन हमेशा प्रमाणिक हो। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचित करना है, बल्कि उन्हें सही और सुरक्षित जानकारी के माध्यम से सशक्त बनाना भी है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सूचना, शिक्षा और मनोरंजन होता है और इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करना एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।

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