सूर्यवंशी को अपने खेल का लुत्फ उठाने दे, कई बार किसी के बारे में कम बात करना अच्छा होता है: संगकारा
राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी के इंडियन प्रीमियर लीग में शानदार प्रदर्शन को लेकर बढ़ती चर्चाओं के बीच टीम के मुख्य कोच कुमार संगकारा ने कहा कि इस किशोर खिलाड़ी को अपने खेल का आनंद लेते रहना चाहिए और उसके बारे में कम कहा जाए तो बेहतर है।

राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी के इंडियन प्रीमियर लीग में शानदार प्रदर्शन को लेकर बढ़ती चर्चाओं के बीच टीम के मुख्य कोच कुमार संगकारा ने कहा कि इस किशोर खिलाड़ी को अपने खेल का आनंद लेते रहना चाहिए और उसके बारे में “कम कहा जाए तो बेहतर है।" संगकारा ने कहा कि वैभव की आईपीएल यात्रा शानदार पारियों और सीखने के अनुभवों का मिश्रण है, और इस उम्र में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक हैं। उन्होंने कहा, "मेरा संदेश सरल है हर स्थिति का लुत्फ लो। चाहे 35 गेंदों में 100 रन हों, 15 गेंदों में 50 रन या पहली ही गेंद पर आउट होना। खेल में रन बनाना और आउट होना, दोनों ही प्रक्रिया का हिस्सा हैं।"
अब तक बेहद प्रभावशाली नजर आए हैं वैभव
अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंद में 175 रन बनाने वाले इस 15 वर्षीय बल्लेबाज ने मौजूदा आईपीएल सत्र में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा है। उन्होंने मुंबई इंडियंस के खिलाफ जसप्रीत बुमराह और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ जोश हेजलवुड जैसे गेंदबाज़ों पर भी आक्रामक प्रहार किए हैं। चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 17 गेंदों में 52 रन की तूफानी पारी ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया था। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ पिछले मैच में वह पहली ही गेंद पर आउट हो गए, जिससे उनके प्रदर्शन में अस्थिरता भी सामने आई।
वैभव में अपार प्रतिभा है, ऐसे खिलाड़ी के बारे में कम कहा जाना ठीक
संगकारा ने कहा कि टी20 क्रिकेट में सलामी बल्लेबाजों के लिए आक्रामक शुरुआत करना सामान्य बात है और वैभव समय के साथ परिस्थितियों को समझना सीख जाएंगे। उन्होंने कहा, “वह खुद ही चीजें समझ लेंगे। ऐसे खिलाड़ी के लिए कभी-कभी कम कहा जाना ही बेहतर होता है।” उन्होंने कहा, "वैभव में अपार प्रतिभा है। वह नेट सत्र में कड़ी मेहनत करते हैं और मैच की परिस्थितियों को अच्छी तरह समझते हैं। मैं चाहता हूं कि वैभव अपनी 15 साल की उम्र की स्वाभाविक मासूमियत और खेल के प्रति जिज्ञासा को बनाए रखें, क्योंकि यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।"
संगाकारा ने ध्रुव जुरैल की भी सराहना की
संगकारा ने टीम के युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ध्रुव जुरेल की भी जमकर सराहना की और कहा कि उनकी स्पष्ट सोच और आत्मविश्वास ने उनके प्रदर्शन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि जुरेल नंबर तीन पर बल्लेबाजी करते हुए टीम के लिए अहम खिलाड़ी साबित हुए हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ 200 से अधिक रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए उनकी नाबाद 81 रन की संयमित और जिम्मेदार पारी ने सभी को प्रभावित किया। संगकारा ने कहा, "उनका हमेशा से लक्ष्य रन बनाना रहा है। वह टीम पर प्रभाव डालने वाले खिलाड़ी हैं। वह कद में छोटे हैं, लेकिन उनके इरादे बेहद मजबूत हैं और उनके पास ताकत के साथ-साथ तकनीक भी है।"
स्पष्ट है जुरैल की भूमिका
उन्होंने आगे कहा कि जुरेल अपनी भूमिका और करियर की दिशा को लेकर स्पष्ट हैं, जिससे उनके खेल में और निखार आया है। संगकारा ने कहा, ''अब उन्हें पता है कि राजस्थान रॉयल्स और संभवतः भारतीय टीम में उनका रास्ता क्या है। इस स्पष्टता ने उन्हें खुलकर खेलने की आज़ादी दी है।" रॉयल्स के कप्तान रियान पराग भले ही रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हों, लेकिन मुख्य कोच संगकारा का मानना है कि उनका प्रदर्शन वास्तविक स्थिति से कहीं बेहतर है। उन्होंने कहा कि पराग अच्छी बल्लेबाज़ी कर रहे हैं और गेंद को सही समय पर और सही जगह खेल रहे हैं। उन्होंने कहा, "जब मैं उन्हें बल्लेबाज़ी करते देखता हूं, तो वह वास्तव में बहुत अच्छी बल्लेबाज़ी कर रहे हैं। वह गेंद को अच्छे से खेल रहे हैं और जानते हैं कि उसे कहां खेलना है।"
कोलकाता को हल्के में नहीं ले रहे है संगाकारा
संगकारा ने कहा कि क्रिकेट में कई बार खिलाड़ी अच्छा खेलता है लेकिन रन नहीं बनते। कोलकाता नाइट राइडर्स ने इस सत्र में अब तक संघर्ष किया है, लेकिन संगकारा ने कहा कि किसी भी टीम के खिलाफ रिकॉर्ड या मौजूदा फॉर्म निर्णायक नहीं होता। उन्होंने कहा, “हम किसी भी टीम को हल्के में नहीं लेते। रिकॉर्ड्स का आमने-सामने के मुकाबलों में कोई मतलब नहीं होता। हमें उम्मीद है कि यह एक कठिन मुकाबला होगा।” उन्होंने कहा कि कोलकाता नाइट राइडर्स एक मजबूत टीम है, भले ही परिणाम उनके पक्ष में नहीं आए हों।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
खेल पत्रकारिता और पत्रकारिता का उद्देश्य
विमलेश खेल से जुड़ी तमाम तरह की स्टोरीज पाठकों तक पहुंचाते हैं, जिनमें तथ्यों की स्पष्टता होती है और सकारात्मक विश्लेषण भी शामिल होता है। ये क्रिकेट की दुनिया का अच्छा ज्ञान रखते हैं और राजनीति में गहरी दिलचस्पी है। राजनीति और क्रिकेट में घट रही घटनाओं का विश्लेषण करना उनकी तह तक जाना विमलेश को पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी तथ्यपरकता (Fact-checking) है। चाहे वह चकाचौंध से भरा क्रिकेट जगत हो या अन्य खेल और खिलाड़ियों का जीवन। बतौर खेल पत्रकार यह कसौटी हर वक्त बनी रहनी चाहिए कि लेखन हमेशा प्रमाणिक हो। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचित करना है, बल्कि उन्हें सही और सुरक्षित जानकारी के माध्यम से सशक्त बनाना भी है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सूचना, शिक्षा और मनोरंजन होता है और इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करना एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।



