राजस्थान रॉयल्स को भी RCB के करीब कीमत मिलने की आस, ठुकरा दिया 16000 करोड़ रुपये का ऑफर
आईपीएल फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स के बिकने की प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है। इस बीच एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फ्रेंचाइजी ने एक पार्टी की तरफ से 1.7 अरब डॉलर यानी करीब 16000 करोड़ रुपये के ऑफर को ठुकरा दिया है।

इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल की दो फ्रेंचाइजी बिकने की प्रक्रिया में है। ये हैं- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और राजस्थान रॉयल्स (RR)। आरसीबी के बिकने की प्रक्रिया तो अब आखिरी चरण में है और अब उसे खरीदने की रेस में सिर्फ दो पार्टियां ही बची हैं लेकिन राजस्थान रॉयल्स के बिकने की प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है। इस बीच एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फ्रेंचाइजी ने एक पार्टी की तरफ से 1.7 अरब डॉलर यानी करीब 16000 करोड़ रुपये के ऑफर को ठुकरा दिया है।
एनडीटीवी ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया है कि कोलंबिया पैसिफिक कैपिटल पार्टनर्स कंसोर्टियम ने RR को खरीदने के लिए 1.7 अरब डॉलर की बोली लगाई थी। फ्रेंचाइजी ने इसे खारिज कर दिया है। जाहिर है RR के मौजूदा मालिक और ज्यादा कीमत चाहते हैं।
CPCP कंसोर्टियम में अमेरिका और कनाडा में सक्रिय इन्वेस्टमेंट बैंकिंग और प्राइवेट इक्विटी फर्म है। कंसोर्टियम की कमान उसके संस्थापक साझेदारों निशा सचदेवा और देबजीत गुप्ता के हाथ में है। आरआर को खरीदने के लिए कंसोर्टियम काफी गंभीर है क्योंकि रिपोर्ट के मुताबिक उसने 2 हफ्ते के भीतर फुल पेमेंट की पेशकश की थी।
राजस्थान रॉयल्स के बोर्ड ने इस ऑफर को ठुकरा दिया। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि ऑफर ठुकराने के पीछे वैल्यूएशन एक महत्वपूर्ण फैक्टर था। राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी का नेतृत्व इमर्जिंग मीडिया वेंचर्स के मनोज बडाले के हाथ में है जिनके पास 65 फीसदी हिस्सेदारी है। इसके अलावा रेडबर्ड कैपिटल भी इसमें माइनॉरिटी स्टेकहोल्डर है।
1.7 अरब डॉलर की पेशकश ठुकराने से साफ संकेत मिलता है कि राजस्थान रॉयल्स के ओनर अपनी फ्रेंचाइजी के लिए आरसीबी की तरह ही 2 अरब डॉलर के आसपास कीमत चाहते हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का स्वामित्व रखने वाली डियाजियो ने फ्रेंचाइजी की वैल्यू 2 अरब डॉलर यानी करीब 18488 करोड़ रुपये रखी है। आरसीबी को खरीदने की होड़ में कम से कम 5 पार्टियां शामिल थीं। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक मैनचेस्टर यूनाइटेड के मालिक अमेरिकी ग्लेजर फैमिली और सीरम इंस्टिट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला आरसीबी के लिए अधिकतम 1.8 अरब डॉलर देने के लिए तैयार थे।
आरसीबी को खरीदने की होड़ में अब सिर्फ दो पार्टियां बची हैं- स्वीडन की इक्विटी फर्म EQT और अलग-अलग ग्रुपों की एक कंसोर्टियम। डियाजियो ने पिछले साल आरसीबी को बेचने का फैसला किया था और संयोग से टीम ने पिछले साल ही आईपीएल खिताब का 18 साल से चला आ रहा सूखा खत्म किया था। डियाजियो ने बोलियों की स्वीकार करने की आखिरी तारीख 31 मार्च 2026 को मुकर्रर किया था। फ्रेंचाइजी के बिकने की प्रक्रिया में अभी करीब 45 से 90 दिन लग सकते हैं। उसके बाद RCB औपचारिक तौर पर बीसीसीआई को इसके बारे में सूचना देगी।



