संजू सैसमन ने अपने माता-पिता या धोनी को नहीं, बल्कि इस शख्स को समर्पित किया शतक, कहा- मैं 31 साल का हूं और..

Vimlesh Kumar Bhurtiya लाइव हिन्दुस्तान
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प्लेयर ऑफ द मैच अवार्ड लेने के बाद संजू सैसमन ने अपनी शतकीय पारी की खुशी जाहिर की और बहुत सारी बातें कहीं। उन्होंने अपने इस शतक को महेंद्र सिंह धोनी या अपने माता-पिता को नहीं बल्कि अपने कोच को समर्पित किया है। संजू ने चेन्नई सुपर किंग्स के ड्रेसिंग रूम के माहौल के बारे में भी बात की है। 

संजू सैसमन ने अपने माता-पिता या धोनी को नहीं, बल्कि इस शख्स को समर्पित किया शतक, कहा- मैं 31 साल का हूं और..

आईपीएल 2026 में संजू सैसमन नई जर्सी में नजर आए। वह जर्सी थी महेंद्र सिंह धोनी के स्टारडम वाली टीम चेन्नई सुपर किंग्स की। मिनी ऑक्शन से पहले राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच एक ट्रेड डील हुए थी, जिसके बाद संजू को सीएसके की टीम में शामिल किया गया। आईपीएल के इस सीजन में पीली जर्सी पहनने के बाद संजू सैमसन ने पहले तीन मुकाबलों में बहुत खराब प्रदर्शन किया, जिसके बाद उनकी आलोचना भी होने लगी थी। हालांकि, चौथे मैच में उन्होंने जोरदार वापसी करते हुए शतक जड़ा और चेन्नई सुपर किंग्स को इस सीजन की पहली जीत दिलाई। संजू ने इस मुकाबले में 52 गेंदों में शतक लगाया और 56 गेंदों में कुल 115 रन बनाकर नाबाद रहे। उन्हें इस शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया।

मुझे साबित करना था कि हम अभी भी टूर्नामेंट में हैं

प्लेयर ऑफ द मैच अवार्ड लेने के बाद संजू सैसमन ने अपनी शतकीय पारी की खुशी जाहिर की और बहुत सारी बातें कहीं। उन्होंने अपने इस शतक को महेंद्र सिंह धोनी या अपने माता-पिता को नहीं, बल्कि अपने कोच को समर्पित किया है। संजू ने चेन्नई सुपर किंग्स के ड्रेसिंग रूम के माहौल के बारे में भी बात की है और कहा है कि ऐसा कभी लगा ही नहीं मैं किसी दूसरी फ्रेंचाइजी के लिए खेल रहा हूं। हमेशा ऐसा लगता है कि मेरी घर वापसी हुई है। संजू सैमसन ने अपने शतक को बहुत महत्वपूर्ण बताया और कोच के साथ टीम मैनेजमेंट का आभार जताते हुए कहा कि "उन्होंने मुझ पर जो भरोसा दिखाया, उस अनुभव के बाद मुझे लगा कि मुझे अच्छा प्रदर्शन करना ही होगा। मुझे यह साबित करना था कि हम अभी भी टूर्नामेंट में हैं। और सौभाग्य से सब कुछ बहुत अच्छा रहा।"

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यह कोई दूसरी फ्रेंचाइजी नहीं, मैं अपने घर वापस आ गया हूं

संजू ने आगे कहा "किसी दूसरी फ्रेंचाइजी में इस तरह टूर्नामेंट की शुरुआत करना आसान नहीं होता, लेकिन मुझे कभी ऐसा लगा ही नहीं कि यह कोई दूसरी फ्रेंचाइजी है। मुझे ऐसा लगा जैसे मैं अपने घर वापस आ गया हूं। यहां के लोग बहुत अच्छे और मिलनसार हैं। और सभी बहुत शांत और सहज हैं। लगातार तीन मैच हारने के बावजूद, आज हमारी सिर्फ 50 सेकंड की मीटिंग हुई। इससे पता चलता है कि फ्रेंचाइजी कितनी अच्छी है और यह मेरे व्यक्तित्व से कितना मेल खाता है। इसलिए मैं यहां आकर बहुत खुश हूं।"

मैं 31 साल का हूं और मुझे बुनियादी बातें पता होनी चाहिए

संजू ने तीन मैचों में लगातार रन ना बनने और बैक टू बेसिक्स पर बात करते हुए कहा "मैं कई बार असफल हुआ हूं। इसलिए असफलता से ही आपको वापसी करने में मदद मिलती है। मुझे लगता है कि बार-बार असफल होने पर मानसिक रूप से आप सोचते हैं। क्या आपको थोड़ा और ज़ोर लगाना चाहिए या अपनी खेल योजना बदलनी चाहिए? तो दिमाग थोड़ा इधर-उधर भटकता रहता है। इसलिए मुझे लगता है कि आपको अपने मन और शरीर को बुनियादी बातों पर केंद्रित करना होगा।" उन्होंने इस दौरान अपनी उम्र का भी हवाला दिया और कहा, "मैं 31 साल का हूं और मैंने इस खेल में काफी समय बिताया है। इसलिए मुझे अपनी बुनियादी बातों का पता होना चाहिए। मुझे लगता है कि बुनियादी बातों का मतलब है मानसिक रूप से एक अलग स्थिति में आना और शारीरिक रूप से भी अपनी बुनियादी बातों को सही ढंग से करना।"

आयुष म्हात्रे एक परिपक्व खिलाड़ी हैं

संजू ने आगे कहा “एक बल्लेबाज के रूप में गेंदबाजों से अच्छी तरह से आने वाली गेंद पर ध्यान देना चाहिए। इसलिए हमने एक दिन पहले अपने सहायक स्टाफ के साथ कुछ बहुत अच्छे अभ्यास सत्र किए और हमें खुशी है कि चीजें हमारे लिए अच्छी रहीं।” आयुष म्हात्रे के साथ हुई साझेदारी के बारे में बात करते हुए सैमसन ने उनकी तारीफ की। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि इस प्रारूप में एक अच्छी साझेदारी होना बहुत महत्वपूर्ण है। आयुष, ऐसा बिल्कुल नहीं लगा कि वह अभी अंडर 19 से आया है। उसने बहुत परिपक्वता दिखाई है। मुझे लगता है कि वह उन गेंदों पर शॉट लगा रहा था। यह सोच-समझकर किया गया काम भी है। इससे पता चलता है कि उनकी बल्लेबाजी में कितना आत्मविश्वास और स्पष्टता है। मैं बहुत खुश हूं।"

यह शतक कोच स्टीफन फ्लेमिंग को समर्पित है

उन्होंने शतक को अपने कोच को समर्पित करते हुए कहा कि "यह शतक फ्लेमिंग के लिए था। मुझे पता है कि जब आप खराब प्रदर्शन कर रहे हों तो आपको टीम में रखना कितना मुश्किल हो सकता है। पिछले पांच सालों से एक फ्रेंचाइजी की कप्तानी करते हुए, मुझे पता है कि यह मानसिक रूप से कितना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसलिए मैं इसे अपने कोच फ्लेमिंग को समर्पित करना चाहता हूं।"

Vimlesh Kumar Bhurtiya

लेखक के बारे में

Vimlesh Kumar Bhurtiya

विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

खेल पत्रकारिता और पत्रकारिता का उद्देश्य
विमलेश खेल से जुड़ी तमाम तरह की स्टोरीज पाठकों तक पहुंचाते हैं, जिनमें तथ्यों की स्पष्टता होती है और सकारात्मक विश्लेषण भी शामिल होता है। ये क्रिकेट की दुनिया का अच्छा ज्ञान रखते हैं और राजनीति में गहरी दिलचस्पी है। राजनीति और क्रिकेट में घट रही घटनाओं का विश्लेषण करना उनकी तह तक जाना विमलेश को पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी तथ्यपरकता (Fact-checking) है। चाहे वह चकाचौंध से भरा क्रिकेट जगत हो या अन्य खेल और खिलाड़ियों का जीवन। बतौर खेल पत्रकार यह कसौटी हर वक्त बनी रहनी चाहिए कि लेखन हमेशा प्रमाणिक हो। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचित करना है, बल्कि उन्हें सही और सुरक्षित जानकारी के माध्यम से सशक्त बनाना भी है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सूचना, शिक्षा और मनोरंजन होता है और इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करना एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।

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