ऋषभ पंत क्या वाकई सलामी बल्लेबाज हैं? केविन पीटरसन ने उठाया सवाल, नसीहत भी दी

Chandra Prakash Pandey लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली, भाषा
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इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज केविन पीटरसन ने लखनऊ सुपर जॉइंट्स के कप्तान ऋषभ पंत की शीर्ष क्रम के बल्लेबाज के रूप में योग्यता पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि शीर्ष तीन में खेलने से यह भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज अपने खेल का आनंद लेने के बजाय खुद पर दबाव बना रहा है।

ऋषभ पंत क्या वाकई सलामी बल्लेबाज हैं? केविन पीटरसन ने उठाया सवाल, नसीहत भी दी

इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज केविन पीटरसन ने लखनऊ सुपर जॉइंट्स के कप्तान ऋषभ पंत की शीर्ष क्रम के बल्लेबाज के रूप में योग्यता पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि शीर्ष तीन में खेलने से यह भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज अपने खेल का आनंद लेने के बजाय खुद पर दबाव बना रहा है।

पंत दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ आईपीएल मैच में सलामी बल्लेबाज के रूप में खेलने के लिए उतरे और केवल सात रन बनाकर रन आउट हो गए। दिल्ली ने यह मैच छह विकेट से जीता।

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लखनऊ की हार के बाद पंत ने कहा था कि वह इस सत्र में शीर्ष क्रम में खेलने की योजना बना रहे हैं लेकिन पीटरसन ने कहा कि इससे वह अपने खेल का आनंद नहीं ले पाएंगे।

कुछ ज्यादा ही ऊपर बल्लेबाजी कर रहे पंत: पीटरसन

केविन पीटरसन ने जियो हॉटस्टार से कहा, ‘जब आप लखनऊ की टीम की बल्लेबाजी की ताकत और गहराई को देखते हैं तो तब सवाल उठता है कि क्या ऋषभ पंत वास्तव में सलामी बल्लेबाज हैं? मुझे लगता है कि पिछले साल की तुलना में उन्हें इस साल बल्लेबाजी क्रम में कुछ ज्यादा ही ऊपर भेज दिया गया है।’

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ने कहा, 'पिछले साल उन्होंने बल्लेबाजी क्रम में नीचे खेलने का फैसला किया और अब वह अचानक से कह रहे हैं कि 'मैं शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी करूंगा।' मुझे लगता है कि उन्हें बस मैदान पर जाकर अपने खेल का आनंद लेना चाहिए।'

'ओपनिंग चुनकर खुद पर और ज्यादा दबाव डाल लिया है'

पीटरसन ने कहा कि पंत बल्लेबाजी क्रम में ऊपर आकर खुद पर और अधिक दबाव डाल रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘खुद को नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने के लिए मजबूर मत करो, उस स्थिति का आनंद लो। मुझे लगता है कि पंत सलामी बल्लेबाज के रूप में उतरकर खुद पर दबाव डाल रहे हैं।’

समीर रिजवी की बैटिंग से प्रभावित हुए केपी

पिछले सत्र तक दिल्ली कैपिटल्स के कोचिंग स्टाफ का सदस्य रहे पीटरसन ने समीर रिजवी की जमकर तारीफ की जिन्होंने नाबाद अर्धशतक लगाकर अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

पीटरसन ने कहा, ‘उन्होंने स्थिति का बखूबी सामना किया और मुझे इससे किसी तरह की हैरानी नहीं हुई। मैंने पिछले सत्र में समीर के साथ काफी समय बिताया तथा उनके कौशल को करीब से देखा। उन्होंने तब अभ्यास मैच में शतक में लगाया था लेकिन दुर्भाग्य से उन्हें टूर्नामेंट के शुरुआती चरण में खेलने का मौका नहीं मिला था।’

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लेखक के बारे में

Chandra Prakash Pandey

चन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।

चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।

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