अगर मैंने विराट कोहली को आउट किया तो उनके पैर छुऊंगा; पंजाब के मिस्ट्री स्पिनर विशाल निषाद की ख्वाहिश
पंजाब किंग्स के मिस्ट्री स्पिनर विशाल निषाद महान बल्लेबाज विराट कोहली के जबरा फैन हैं। 18 साल के इस युवा गेंदबाज की ख्वाहिश अपने आदर्श कोहली का विकेट लेने की है। उन्होंने पंजाब किंग्स के यूट्यूब चैनल पर कहा कि अगर वह विराट कोहली को आउट करेंगे तो उसके बाद उनके पैर छुएंगे।

पंजाब किंग्स के मिस्ट्री स्पिनर विशाल निषाद महान बल्लेबाज विराट कोहली के जबरा फैन हैं। इतने तगड़े फैन कि वह अपनी जर्सी का नंबर भी 18 ही चाहते थे जो किंग कोहली का है। ये जर्सी नंबर पहले ही उनकी टीम के साथी प्रियांश आर्या ले चुके हैं तो निषाद ने अपनी जर्सी का नंबर 81 चुन लिया। विशाल कभी अपने आदर्श विराट कोहली से मिले नहीं हैं लेकिन आईपीएल 2026 में कम से कम दो बार उनकी टीम और किंग कोहली की आरसीबी के बीच मुकाबला होगा। निषाद की हसरत है कि वह अपने आदर्श को आउट करें। उन्होंने कहा कि अगर वह विराट कोहली का विकेट लेंगे तब उनका पैर छुएंगे।
उत्तर प्रदेश के विशाल निषाद को पंजाब किंग्स ने 30 लाख रुपये के बेस प्राइस पर खरीदा है। पहले राउंड में वह अनसोल्ड रहे थे लेकिन तीसरे राउंड में आखिरकार पंजाब किंग्स ने इस स्पिनर के लिए बोली लगा दी। विराट कोहली अपने करियर में कभी-कभी स्पिनरों के खिलाफ संघर्ष करते दिखे हैं। विशाल निषाद भी चाहते हैं कि मौजूदा दौर के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक किंग कोहली का विकेट उनके नाम भी दर्ज हो।
निषाद ने पंजाब किंग्स के यूट्यूब चैनल पर विराट कोहली को लेकर कहा, 'मैं उनसे कभी मिला नहीं हूं लेकिन इस सीजन में मैं उनका दो बार सामना करूंगा। और अगर मैंने उनका विकेट लिया तब मैं उनके पैर छुऊंगा क्योंकि वह मेरे आदर्श हैं।'
18 साल के युवा गेंदबाज ने कहा, ‘मैदान के बाहर तो मैं उनसे बाद करूंगा और उनसे सीखने की कोशिश करूंगा। मैदान में तो वही एटिट्यूड रहेगा। मैं उन्हें आउट करने की कोशिश करूंगा।’
विशाल निषाद के तरकश का सबसे बड़ा हथियार है कैरम बॉल और वह स्टार स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को देखकर सीखने की कोशिश करते हैं। विशाल ने चक्रवर्ती को लेकर कहा, 'मैं उनका गूगली देखता हूं और सीखने की कोशिश करता हूं।'
विशाल निषाद एक बहुत ही साधारण परिवार से हैं। आर्थिक किल्लतों की वजह से एक समय वह अपने पिता का उनके काम में भी हाथ बंटाते थे और कभी-कभी इतना निराश हो जाते थे कि उन्हें लगता था कि क्रिकेट में करियर बनाने का उनका सपना शायद कभी पूरा नहीं होगा।
निषाद ने कहा, 'ऐसे भी दिन थे जब मैं अपने पिता का उनके काम में हाथ बंटाने जाता था। उन दिनों में मुझे लगता था कि क्रिकेट छोड़ देना चाहिए।' उनकी मां उनसे लगातार कहा करती थी कि क्रिकेट छोड़ दो और कोई हुनर वगैरह सीख लो जिससे नौकरी कर सको।
विशाल निषाद ने अपने संघर्ष की कहानी बयां किया, 'वह (मां) कहती थीं कि क्रिकेट बहुत मुश्किल है, बहुत सारे लोग कोशिश कर रहे हैं। इसे छोड़ दो और कुछ और करो। मैंने उनसे कहता था- मां, मैं खेलूंगा। मैं इसे करके दिखाऊंगा।'
विशाल की लगन, मेहनत और उनका संघर्ष आखिरकार रंग लाया। अब 18 वर्ष की उम्र में वह पंजाब किंग्स के स्क्वाड का हिस्सा हैं।
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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