13 गेदों मे 50 रन, शमी ने बचाया युवराज सिंह का रिकॉर्ड, जानिए उर्विल पटेल के तूफान की पूरी कहानी

Vimlesh Kumar Bhurtiya लाइव हिन्दुस्तान
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आईपीएल 2026 के 53वें मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच दोपहर में खेले गए मुकाबले में सीएसके के बल्लेबाज उर्विल पटेल ने सिर्फ 13 गेंदों में अर्धशतक जड़कर इतिहास रच दिया। युवराज सिंह का रिकॉर्ड कैसे बचा और उर्विल पटेल ने किस तरह का तांडव मचाया पूरी कहानी जानिए।

13 गेदों मे 50 रन, शमी ने बचाया युवराज सिंह का रिकॉर्ड, जानिए उर्विल पटेल के तूफान की पूरी कहानी

आईपीएल 2026 के 53वें मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच दोपहर में खेले गए मुकाबले में सीएसके के बल्लेबाज उर्विल पटेल ने सिर्फ 13 गेंदों में अर्धशतक जड़कर इतिहास रच दिया। वो तो शुक्र है मोहम्मद शमी का कि उन्होंने अपनी शानदार तीन गेंदों की वजह से पटेल को रोक दिया नहीं तो युवराज सिंह के सबसे तेज 12 गेंदों में अर्धशतक का रिकॉर्ड भी ध्वस्त हो जाता। कैसे मोहम्मद शमी की तीन गेंदों ने युवराज सिंह के रिकॉर्ड को टूटने ने बचा लिया और उर्विल पटेल ने किस तरह तांडव मचाया इसकी पूरी कहानी जानिए।

पहली चार गेंदों में बनाए 19 रन

संजू सैमसन पारी की 3.4 गेंद पर आउट हुए। उसके बाद उर्विल पटेल का आगमन हुआ जिन्होंने राठी की पहली गेंद पर सिंगल लिया। इसके बाद आखिरी गेंद ऋतुराज गायकवाड़ ने खेली, जिस पर सिंगल लेकर स्ट्राइक अपने पास रखी। पारी के पांचवें ओवर में उर्विल पटेल को चौथी गेंद पर स्ट्राइक मिली। यह ओवर आवेश खान डाल रहे थे और पहली तीन गेंदों पर ऋतुराज गायकवाड़ से एक छक्का खा चुके थे। आवेश खान की चौथी, पांचवीं और छठी गेंद पर उर्विल पटेल ने लगातार तीन छक्के लगाए इसके बाद ओवर खत्म होने के कारण ऑफ स्ट्राइक हो गए। वे खान का ओवर का खत्म होने के बाद चार गेंदों पर 19 रन बनाकर खेल रहे थे। आवेश खान ने 6, 0, 1, 6, 6, 6 यानी पारी के पांचवें ओवर में कुल 25 रन खर्चे।

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दिग्वेश राठी के ओवर में 5 गेंदों 23 रन जोड़े

इसके बाद पावरप्ले का आखिरी और पारी का छठवां ओवर डालने आए। दिग्वेश की पहली गेंद पर ऋतुराज गायकवाड़ ने सिंगल लेकर उर्विल पटेल को स्ट्राइक दी। अब उर्विल के सामने दिग्वेश की चुनौती थी। दिग्वेश के ओवर की दूसरी ही गेंद को उर्विल पटेल ने स्टैंड्स में पहुंचाकर छक्का जड़ दिया। इसके बाद अगली गेंद उन्होंने वाइड डाली। तीसरी लीगल गेंद पर उर्विल ने एक बार फिर बड़ा छक्का जड़ा, चौथी गेंद को भी उन्होंने बाउंड्री के बाहर चौके के लिए भेज दिया। पांचवीं गेंद को भी गनगचुंबी छक्का जड़ने के बाद उर्विल ने आखिरी गेंद पर बड़ा हिट मिस कर दिया और सिर्फ एक रन हासिल कर पाए। दिग्वेश के इस ओवर में कुल 1, 6, WD, 6, 4, 6, 1 यानी कुल 25 रन आए। उर्विल ने इस ओवर में 23 रन जोड़े। वे 9 गेंदों में 42 रन बनाकर खेल रहे थे। उन्हें अपना अर्धशतक पूरा करने के लिए सिर्फ 2 ओवर हिट चाहिए थे और अगर वे अगली दो गेंदों में ऐसा कर देते युवराज सिंह के सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड धराशायी हो जाता। और यदि तीन गेंदों में ऐसा कर पाते तो उनके रिकॉर्ड की बराबरी हो जाती।

9 गेंदों में 42 के बाद शमी ने बचाया युवराज सिंह का रिकॉर्ड

जिस तरह की बल्लेबाजी उर्विल पटेल कर रहे थे उसे देखते हुए लग भी रहा था कि युवराज सिंह का 12 गेंदों में टी-20 क्रिकेट में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड धराशायी हो जाएगा। लेकिन युवराज सिंह के रिकॉर्ड और उर्विल पटेल के बल्ले के बीच मोहम्मद शमी की गेंदें आ गईं। बाएं हाथ के महान बल्लेबाज के रिकॉर्ड को बचाने के लिए मोहम्मद शमी की तीन गेंदों का सबसे बड़ा योगदान रहा। शमी पारी का सातवां ओवर डालने तब आए जब उनके सामने उर्विल पटेल 9 गेंदों में 42 रन बनाकर खेल रहे थे। मोहम्मद शमी ने पहली गेंद 127 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से डाली जिसे पटेल चूक गए और कोई भी रन नहीं बना सके। हालांकि, अगली गेंद पर उर्विल ने पलटवार करते हुए छक्का जड़ दिया। अब वे 11 गेंदों में पर 48 रन बनाकर खेल रहे थे और उनके पास युवराज सिंह के रिकॉर्ड को तोड़ने का मौका तो जा चुका था, लेकिन इसकी बराबरी करने का मौका फिर भी था। सिर्फ एक चौका लगता या 2 रन दौड़कर भी पूरे कर लेते तो रिकॉर्ड बराबर हो जाता। हालांकि, मोहम्मद शमी ने उर्विल पटले को 7वें ओवर की तीसरी गेंद 139 की रफ्तार से डाली जिसे वे सिर्फ 1 रन से टैप कर पाए और युवराज सिंह का रिकॉर्ड बराबर होने से और टूटने से मोहम्मद शमी ने बचा लिया। वे अब 12 गेंदों में 49 रन बनाकर खेल रहे थे।

गेंद दर गेंद उर्विल पटेल की पारी- 1, 6, 6, 6, 6, 6, 4, 6, 1, 0, 6, 1, 1= 50 (13)

आईपीएल की सबसे तेज फिफ्टी

अब शमी के ओवर में ही उर्विल सिंगल लेकर 12 गेंदों में 49 रन बनाकर ऑफ स्ट्राइक हो गए थे। उन्हें गायकवाड़ ने स्ट्राइक दी जिसके बाद शमी की पांचवीं गेंद पर 1 रन दौड़कर उन्होंने 13 गेंदों में अर्धशतक जड़ा और आईपीएल में सबसे तेज शतक जड़ने वाले यशस्वी जायसवाल के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। अब उर्विल पटेल के नाम आईपीएल के इतिहास में सबसे तेज अर्धशतक जड़ने का रिकॉर्ड संयुक्त रूप से जायसवाल के साथ जुड़ गया है। वे आज के मैच में 23 गेंदों में 65 रन की पारी खेलकर गए जिसमें 8 छक्के और 2 चौके शामिल थे। उनका स्ट्राइक रेट 282 का था।

Vimlesh Kumar Bhurtiya

लेखक के बारे में

Vimlesh Kumar Bhurtiya

विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

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विमलेश खेल से जुड़ी तमाम तरह की स्टोरीज पाठकों तक पहुंचाते हैं, जिनमें तथ्यों की स्पष्टता होती है और सकारात्मक विश्लेषण भी शामिल होता है। ये क्रिकेट की दुनिया का अच्छा ज्ञान रखते हैं और राजनीति में गहरी दिलचस्पी है। राजनीति और क्रिकेट में घट रही घटनाओं का विश्लेषण करना उनकी तह तक जाना विमलेश को पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी तथ्यपरकता (Fact-checking) है। चाहे वह चकाचौंध से भरा क्रिकेट जगत हो या अन्य खेल और खिलाड़ियों का जीवन। बतौर खेल पत्रकार यह कसौटी हर वक्त बनी रहनी चाहिए कि लेखन हमेशा प्रमाणिक हो। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचित करना है, बल्कि उन्हें सही और सुरक्षित जानकारी के माध्यम से सशक्त बनाना भी है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सूचना, शिक्षा और मनोरंजन होता है और इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करना एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।

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