अजिंक्य रहाणे कैसे अपनी साख को धूमिल कर रहे? KKR के पास कप्तानी के ज्यादा ऑप्शन नहीं
अजिंक्य रहाणे की अगुवाई वाली केकेआर ने आईपीएल 2026 में अब तक जीता का खाता नहीं खोला है। केकेआर ने पांच मैचों सें चार में हार का से मुंह देखा है। उसका एक मैच बारिश की भेंट चढ़ा। बल्लेबाज के तौर पर रहाणे की जगह समीक्षा के दायरे में है लेकिन केकेआर के पास कप्तानी के अधिक विकल्प नहीं।

कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के कप्तना अजिंक्य रहाणे के लिए आईपीएल 2026 में हालात काफी अच्छे नहीं चल रहे और उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है जिसे संभवत: कोई खिलाड़ी सुनना नहीं चाहता। ऐसे कई मौके आए हैं जब टीमों की आईपीएल में शुरुआत बेहद खराब रही है लेकिन कोई भी टीम केकेआर जितनी बिखरी हुई और कोई भी कप्तान इतना बेखबर पहले कभी नहीं दिखा। इसके अलावा बल्लेबाजी का अंदाज भी आईपीएल की शुरुआत के समय जितना ही पुराना है। अभिषेक शर्मा और ईशान किशन जैसे युवा खिलाड़ियों ने टी20 में बल्लेबाजी का अंदाज पूरी तरह से बदल दिया है और अब वैभव सूर्यवंशी ने तो इसे एक बिल्कुल ही नए स्तर पर पहुंचा दिया है। आयुष म्हात्रे और प्रियांश आर्य जैसे खिलाड़ियों को भी नहीं भूलना चाहिए।
रहाणे के लिए तरीके को बदलना नामुमकिन?
37 साल की उम्र में रहाणे के लिए अब इस बदलते खेल के साथ कदम मिलाना या अपनी बल्लेबाजी के तरीके को बदलना नामुमकिन सा है क्योंकि उनकी बल्लेबाजी का तरीका पिछले 20 वर्षों में बनी उनकी 'मसल मेमोरी' (शारीरिक आदत) पर आधारित है। अब इस बात पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि रहाणे इस टीम के कप्तान कैसे बने रह सकते हैं जबकि एक बल्लेबाज के तौर पर भी उनकी जगह पक्की नहीं है। पांच मैच में रहाणे सिर्फ सात छक्के लगा पाए हैं लेकिन इससे भी अधिक हैरानी की बात यह है कि उन्होंने सिर्फ आठ चौके जड़े हैं। एक शीर्ष क्रम के बल्लेबाजी के लिए जो या तो पारी का आगाज करता है या फिर तीसरे नंबर पर आता है उसके लिए इस स्तर पर हर मैच में औसतन तीन बाउंड्री लगाना बहुत बड़ी नाकामी मानी जाएगी।
KKR के पास कप्तानी के ज्यादा ऑप्शन नहीं
रहाणे का स्ट्राइक रेट भी 150 से कम है जो कोविड से पहले के दिनों में अच्छा माना जाता था लेकिन अब उस खिलाड़ी के लिए एक निराशाजनक तस्वीर पेश कर रहा है जो देश के लिए 80 से टेस्ट मैच खेल चुका है और सम्मानित पूर्व टेस्ट कप्तान है। रहाणे बस अपनी साख को धूमिल कर रहे हैं लेकिन उनके हित में सबसे बड़ी चीज यह है कि नाइट राइडर्स के पास कोई विकल्प नहीं है। उपकप्तान रिंकू सिंह भी उतनी ही खराब फॉर्म में हैं। टीम में कप्तानी का कुछ अनुभव रखने वाला एकमात्र अन्य खिलाड़ी रोवमैन पॉवेल है जिसने वेस्टइंडीज के लिए 37 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों और तीन एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में कप्तानी की है। टी20 अंतरराष्ट्रीय में उनका जीत का प्रतिशत 51 है लेकिन इस समय पॉवेल भी एक बेहतर विकल्प लगते हैं।
कोई बेहतरीन भारतीय रिजर्व खिलाड़ी नहीं हैं
रहाणे और हेड कोच अभिषेक नायर के शिष्य अंगकृष रघुवंशी (155 के स्ट्राइक रेट से 182 रन बनाकर केकेआर के मौजूदा शीर्ष स्कोरर) दोनों के शीर्ष चार में बल्लेबाजी करने के बावजूद कोलकाता को अधिकतर पावरप्ले में कभी भी वैसी जोरदार शुरुआत नहीं मिली जैसी मंगलवार को चेपॉक में मिली थी। इसकी पूरी जिम्मेदारी सीईओ वेंकी मैसूर और नायर सहित नाइट राइडर्स के टीम प्रबंधन के सभी बड़े अधिकारियों पर आती है कि उन्होंने एक ऐसी टीम बनाई है जिसमें कोई उपयुक्त विकल्प मौजूद नहीं हैं। भले ही रहाणे को बाहर बिठा दिया जाए लेकिन उनके पास ऐसे कोई बेहतरीन भारतीय रिजर्व खिलाड़ी नहीं हैं जो आकर पहले ही मैच से टीम को लय दे सके। एक युवा खिलाड़ी जिसमें स्वाभाविक रूप से जोरदार हिटिंग करने की क्षमता है वह दिल्ली के तेजस्वी दहिया हैं। कुल मिलाकर नाइट राइडर्स के लिए हालात काफी गंभीर दिख रहे हैं और रहाणे के हाथ में कमान होने से ऐसा लगता है कि टीम का अभियान प्रतिकूल दिशा में जा रहा है।
लेखक के बारे में
Md.Akramमोहम्मद अकरम: खेल पत्रकार
परिचय: मोहम्मद अकरम 10 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रॉड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। इन्हें खेल और राजनीति की दुनिया में गहरी दिलचस्पी है। क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़े अपडेट्स, मैच एनालिसिस और स्टोरी रिसर्च बखूबी अंजाम देते हैं। अकरम का मानना है कि खेल पत्रकारिता सिर्फ स्कोर बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल की भावना, खिलाड़ियों की मेहनत और उससे जुड़ी कहानियों को सामने लाना भी उतना ही जरूरी है।
अनुभव: अकरम को कंटेंट रिसर्च, स्क्रिप्ट राइटिंग, स्टोरीटेलिंग और एडिटिंग का अच्छा अनुभव है। 2016 में अमर उजाला की ओर से पत्रकारिता में डेब्यू किया। 2019 में टाइम्स नाउ से जुड़े और पांच साल यहां रहे। साल 2022 से लाइव हिंदुस्तान का हिस्सा हैं। डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और ऑडियंस बिहेवियर को समझकर कंटेंट तैयार करते हैं, जो प्रभावशाली हो। ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, एशियन गेम्स, क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल जैसे इवेंट कवर किए हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: अकरम ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से बी.ए. (ऑनर्स) मास मीडिया और आईआईएमसी से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। शैक्षणिक पृष्ठभूमि और प्रोफेशनल अनुभव ने अकरम को मीडिया की बुनियादी समझ के साथ-साथ प्रैक्टिकल अप्रोच भी दी है। सीखते रहना और खुद को लगातार अपडेट करना प्रोफेशनल आदतों में शामिल है।
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