कप्तानी से हटाए जाने की थी चर्चा, हार्दिक पांड्या ने तो मुंबई इंडियंस ही छोड़ दी!
हार्दिक पांड्या को मुंबई इंडियंस की कप्तानी से हटाए जाने की चर्चा थी। इस बीच पीटीआई ने विश्वस्त सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि उन्होंने खुद ही मुंबई इंडियंस छोड़ दी है। पांड्या ने इस बारे में पहले ही MI के टॉप मैनेजमेंट को बता दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक वह मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं।

मानसिक रूप से तनावग्रस्त मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के निराशाजनक अभियान के बाद फ्रेंचाइजी छोड़ने की तैयारी में हैं। टूर्नामेंट के एक शीर्ष सूत्र ने शुक्रवार को न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि उन्होंने यह बात सत्र के बीच में ही टीम प्रबंधन को बता दी थी।
बत्तीस साल के पांड्या ने 2024 में रोहित शर्मा की जगह कप्तानी संभाली थी। उन्होंने टीम के खराब आईपीएल अभियान के खत्म होने से कई हफ्ते पहले ही मुंबई इंडियंस प्रबंधन को फ्रेंचाइजी छोड़ने के अपने फैसले के बारे में बता दिया था।
पता चला है कि जब प्लेऑफ की उम्मीदें कई मैच बाकी रहते ही खत्म हो गईं, तब पांड्या और मुंबई इंडियंस दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला कर लिया।
आईपीएल के एक सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर पीटीआई से कहा, 'हार्दिक मानसिक तनाव में थे और पूरी तरह थक चुके थे। उन्हें पीठ में चोट भी लगी थी। वास्तव में, जैसे ही प्लेऑफ की उम्मीदें खत्म हुईं, हार्दिक ने फ्रेंचाइजी के फैसले लेने वालों को बता दिया कि वह आगे टीम के साथ नहीं रहेंगे।'
सूत्र ने कहा, 'हार्दिक अभी केवल 32 साल के हैं। वह 2024 में 30 साल की उम्र में, मुंबई इंडियंस में लौटे थे। पहले साल उन्हें 'हूटिंग' का सामना करना पड़ा और इस सत्र में भी चीजें योजना के अनुसार नहीं चलीं।'
सूत्र ने कप्तानी के उस परिवर्तन की ओर इशारा किया जिसमें बेहद लोकप्रिय रोहित शर्मा को कप्तानी से हटाकर हार्दिक को कप्तान बनाया गया था।
पिछले दो सत्र में मुंबई इंडियंस के प्रशंसकों ने कई बार पांड्या को मैचों के दौरान 'हूट' किया। हालांकि वह इस आलोचना से स्पष्ट रूप से प्रभावित दिखे, फिर भी उन्होंने कहा था कि 'यह एक कठिन लेकिन मनोरंजक सफर रहा है।'
आईपीएल सूत्र के अनुसार, अब उनकी सहनशीलता जवाब दे चुकी है।
सूत्र ने कहा, 'एक युवा आखिर कितना सह सकता है? पिछले तीन साल उनके लिए आसान नहीं रहे। 2021 में जिस मुंबई इंडियंस ड्रेसिंग रूम को वह छोड़कर गए थे, 2024 में लौटने पर वह वैसा नहीं था। सभी वरिष्ठ खिलाड़ी एकमत नहीं थे।'
उन्होंने कहा, 'अगर अलग-अलग विचारों के बावजूद परिणाम अच्छे आते तो शायद इतनी निराशा नहीं होती। लेकिन जब हर कोई अलग दिशा में खींचने लगे, तो एक समय के बाद मानसिक रूप से आगे बढ़ पाना मुश्किल हो जाता है। इसलिए हार्दिक ने सत्र के बीच में ही तय कर लिया था कि वह अगले सत्र में मुंबई इंडियंस का हिस्सा नहीं होंगे।'
घटनाक्रम से जुड़े लोगों के अनुसार, हार्दिक को सबसे ज्यादा इस बात ने आहत किया कि जो वरिष्ठ खिलाड़ी भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उनसे शत प्रतिशत प्रतिबद्धता की उम्मीद करते थे, वही खिलाड़ी फ्रेंचाइजी में उनके कप्तान रहते हुए वैसा सहयोग नहीं दे रहे थे।
हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि हार्दिक किसी दूसरी टीम के साथ ट्रेड डील करना चाहते हैं या फिर नीलामी में शामिल होना पसंद करेंगे।
सूत्र ने कहा, 'एक बात तय है कि उनका मुंबई इंडियंस के साथ नाता खत्म हो चुका है। अगस्त के करीब शायद उनके अगले कदम का संकेत मिल सकता है।'
ट्रेड की स्थिति में चेन्नई सुपर किंग्स उनके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
मुंबई इंडियंस को 2027 की मेगा नीलामी से पहले नई शुरुआत करनी होगी, लेकिन उससे पहले एक और आईपीएल सत्र खेलना बाकी है।
यह देखना दिलचस्प होगा कि मुंबई इंडियंस अल्पकालिक समाधान चुनती है या भविष्य की बड़ी तस्वीर पर ध्यान देती है।
अल्पकालिक विकल्प के तौर पर रोहित शर्मा से बेहतर कप्तान शायद कोई नहीं हो सकता क्योंकि वह टीम को पांच आईपीएल खिताब दिला चुके हैं और अभी भी ड्रेसिंग रूम का सबसे बड़ा नाम हैं।
भविष्य की तैयारी के लिए तिलक शर्मा को उपकप्तान बनाया जा सकता है। वह राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजर में भी हैं।
यह छुपा नहीं है कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप रोहित शर्मा का अंतिम बड़ा लक्ष्य हो सकता है और इसलिए आईपीएल भी फ्रेंचाइजी क्रिकेट में उनका अंतिम सत्र साबित हो सकता है।
लेकिन क्या मुंबई इंडियंस पीछे हटकर यह बदलाव स्वीकार करेगी, यही सबसे बड़ा सवाल है। अन्यथा, सबसे बेहतर समाधान यह होगा कि तिलक वर्मा को नया कप्तान बनाया जाए और कम से कम तीन सत्र तक उन पर भरोसा कायम रखते हुए उनके आसपास नई टीम तैयार की जाए।
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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