वैभव सूर्यवंशी मुश्किल वक्त में राजस्थान के सबसे बड़े योद्धा बने, शतक से चूके लेकिन टीम को खंडहर में जाने से रोका

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आईपीएल 2026 के दूसरे क्वालीफायर मुकाबले में गुजरात टाइटंस के खिलाफ राजस्थान रॉयल्स के सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर शानदार पारी खेली। हालांकि, वह अपने शतक से चूक गए लेकिन टीम को बचा लिया।

वैभव सूर्यवंशी और शुभमन

आईपीएल 2026 के दूसरे क्वालीफायर मुकाबले में गुजरात टाइटंस के खिलाफ राजस्थान रॉयल्स के सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर शानदार पारी खेली। हालांकि, वह अपने शतक से चूक गए, लेकिन पारी दमदार थी। शुक्रवार को मुल्लनपुर, न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने 47 गेंद में 96 रनों की पारी खेली। उनकी इस पारी में 8 चौके और 7 छक्के शामिल थे। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 204.26 रनों का था। शतक के करीब पहुंच चुके वैभव सूर्यवंशी को कगिसो रबाडा ने प्रसिद्ध कृष्ण के हाथों कैच आउट करा कर पवेलियन भेजा।

शतक से चूके लेकिन राजस्थान को गर्त में जाने से रोका

वैभव सूर्यवंशी आज के मैच में भले ही अपने शतक से चूक गए हों, लेकिन उन्होंने राजस्थान रॉयल्स को मुश्किल परिस्थितियों से निकालकर मैच में वापस ला खड़ा किया है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी राजस्थान रॉयल्स की टीम की शुरुआत बिल्कुल अच्छी नहीं रही और दो रनों के स्कोर पर यशस्वी जायसवाल का विकेट पारी की चौथी ही गेंद पर गिर गया। इसके बाद बल्लेबाजी करने आए ध्रुव जुरैल भी दूसरे ओवर की पांचवीं गेंद पर 9 रनों के टीम स्कोर पर चलते बने। टीम मुश्किल परिस्थितियों में थी और नौ रनों पर दो विकेट गिर चुके थे, लेकिन तब भी वैभव सूर्यवंशी ने जिम्मेदारी संभाली और अपने खेल को थोड़ा सा परिवर्तित करते हुए कम विस्फोटक अंदाज में संभल-संभल कर बल्लेबाजी। सही मायनों में उन्होंने अपनी इस पारी से राजस्थान रॉयल्स की टीम को खंडहर से निकाल लिया है। उन्होंने पहले तो रवींद्र जडेजा के साथ और फिर रियान पराग के साथ अच्छी साझेदारी की। वैभव सूर्यवंशी नौ रनों पर दो विकेट से लेकर टीम को 172 रन 6 विकेट के नुकसान तक लेकर गए हैं। अब देखना है कि राजस्थान आगे कितने रन बना पाती है।

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शानदार फॉर्म में चल रहे हैं सूर्यवंशी, ऑरेंज कैप उनके ही सिर पर

बता दें की वैभव सूर्यवंशी इस साल शानदार फार्म में चल रहे हैं और उन्होंने कई रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं आज के मैच में भी उन्होंने सबसे तेज 1000 रन पूरा करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। वैभव सूर्यवंशी ऑरेंज कैप की रेस में सबसे आगे हैं। उन्होंने इस सीजन रिकॉर्ड 776 रन 48.50 की औसत और 237.31 की स्ट्राइक रेट के साथ बना दिए हैं। इस दौरान उन्होंने 63 चौके और 72 गगनचुंबी छक्के जड़े हैं।

Vimlesh Kumar Bhurtiya

लेखक के बारे में

Vimlesh Kumar Bhurtiya

विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

खेल पत्रकारिता और पत्रकारिता का उद्देश्य
विमलेश खेल से जुड़ी तमाम तरह की स्टोरीज पाठकों तक पहुंचाते हैं, जिनमें तथ्यों की स्पष्टता होती है और सकारात्मक विश्लेषण भी शामिल होता है। ये क्रिकेट की दुनिया का अच्छा ज्ञान रखते हैं और राजनीति में गहरी दिलचस्पी है। राजनीति और क्रिकेट में घट रही घटनाओं का विश्लेषण करना उनकी तह तक जाना विमलेश को पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी तथ्यपरकता (Fact-checking) है। चाहे वह चकाचौंध से भरा क्रिकेट जगत हो या अन्य खेल और खिलाड़ियों का जीवन। बतौर खेल पत्रकार यह कसौटी हर वक्त बनी रहनी चाहिए कि लेखन हमेशा प्रमाणिक हो। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचित करना है, बल्कि उन्हें सही और सुरक्षित जानकारी के माध्यम से सशक्त बनाना भी है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सूचना, शिक्षा और मनोरंजन होता है और इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करना एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।

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