क्रुणाल पांड्या क्या पहले से योजना बनाकर फेंकते हैं बाउंसर? ऑलराउंडर ने बताई रणनीति
आरसीबी के ऑलराउंडर क्रुणाल पांड्या बहुत ही चतुराई से बाउंसर्स का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या वह पहले से योजना बनाकर बल्लेबाजों को बाउंसर से छकाते हैं? उन्होंने मुंबई इंडियंस के खिलाफ रविवार को आरसीबी की जीत के बाद खुद ही बाउंसर्स को लेकर अपनी रणनीति का खुलासा किया।

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर क्रुणाल पांड्या टीम के लिए किसी थाती से कम नहीं हैं। पिछली बार आरसीबी को पहला आईपीएल खिताब दिलाने में उनकी भूमिका काफी अहम रही थी। रविवार को मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच में भी उन्होंने सूर्यकुमार यादव का अहम विकेट चटकाया। मैच के बाद उन्होंने कहा कि वह बाउंसर करने के लिए पहले से योजना नहीं बनाते हैं, बल्कि बल्लेबाजों से एक कदम आगे रहने और उन पर हावी होने के लिए अपनी सहज भावना से इस गेंद का इस्तेमाल करते हैं।
क्रुणाल ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ रविवार को मुंबई में चार ओवर में 26 रन देकर एक विकेट लिया। आरसीबी ने इंडियन प्रीमियर लीग के इस मैच में मुंबई इंडियंस को 18 रन से हराया। आरसीबी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट पर 240 रन बनाए जिससे जवाब में मुंबई की टीम पांच विकेट पर 222 रन ही बना पाई।
क्रुणाल ने मैच के बाद पत्रकारों से कहा, ‘मैंने कभी अलग-अलग और नई चीजें आजमाने से परहेज नहीं किया है क्योंकि इम्पैक्ट प्लेयर नियम के लागू होने से पहले नंबर छह या सात पर ऑलराउंडर होते थे और बल्लेबाजी का तरीका काफी अलग था। लेकिन अब नंबर आठ पर भी विशुद्ध बल्लेबाज आ रहे हैं।’
उन्होंने कहा, ‘अगर कौशल की बात करें तो मुकुल (चौधरी) और वैभव (सूर्यवंशी) जैसे युवा खिलाड़ी पहली ही गेंद से लगातार अच्छे शॉट लगा रहे हैं। एक गेंदबाज के तौर पर मैं कौशल और मानसिक रूप से भी उनसे एक कदम आगे रहना चाहता हूं।’
क्रुणाल ने कहा, ‘मुझे खुशी है कि मैं अच्छी तरह से इसे अंजाम दे रहा हूं। मुझे उम्मीद है कि इस प्रारूप में उंगलियों के स्पिनरों का महत्व बना रहेगा और वे इससे कुछ सीख लेकर अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे। क्योंकि सपाट पिचों और आठ बल्लेबाजों की मौजूदगी में उंगलियों स्पिनरों के लिए टीम में जगह बनाना बहुत मुश्किल हो गया है।’
क्रुणाल ने कहा कि वह अपनी शॉर्ट पिच गेंद को लेकर बहुत ज्यादा तैयारी नहीं करते हैं और इसके लिए खास योजना भी नहीं बनाते हैं।
उन्होंने कहा, ‘मैं अपने मन की बात सुनता हूं। मैं पहले से यह योजना नहीं बनाता कि मुझे चौथी, पांचवीं या छठी गेंद बाउंसर करनी है। कई बार ऐसा होता है कि मैं लगातार दो बाउंसर फेंकता हूं और अचानक पहली और छठी गेंद भी बाउंसर कर देता हूं।’
क्रुणाल ने कहा, ‘लोग अक्सर मेरी बाउंसर और उन गेंदों के बारे में बहुत बातें करते हैं जो देखने में काफी अलग लगती हैं। लेकिन मैंने हमेशा अपनी गेंदबाजी की बुनियादी बातों पर काम किया है।’
विराट कोहली टखने में दर्द के कारण मुंबई इंडियंस के खिलाफ फील्डिंग करने के लिए नहीं उतरे लेकिन क्रुणाल ने कहा कि वह ठीक हो जाएंगे।
उन्होंने कहा, ‘मैंने अभी तक फिजियोथेरेपिस्ट से बात नहीं की है, लेकिन मुझे लगता है कि वह ठीक हो जाएंगे। मुझे लगता है कि चिंता की कोई बात नहीं है।’
इस बीच मुंबई इंडियंस के बल्लेबाज शेरफेन रदरफोर्ड ने स्वीकार किया कि लगातार तीसरी हार के बाद उनकी टीम को रणनीति पर नए सिरे से विचार करना होगा।
रदरफोर्ड ने कहा, ‘हम हमेशा पिछली हार से सीखते हैं। हमें नए सिरे से रणनीति बनानी होगी और छोटी-छोटी कमियों को दूर करने की कोशिश करनी होगी। हमारी टीम अच्छी है। तीन हार से हम खराब टीम नहीं बन जाते।’
उन्होंने कहा, ‘यह लंबी अवधि का टूर्नामेंट है और ऐसे टूर्नामेंट में शुरुआत कैसी होती है यह मायने नहीं रखता, बल्कि लय कैसे बनती है यह मायने रखता है। मुझे लगता है कि आगे चलकर यही हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण होगा।’
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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