क्वालीफायर-1 में RCB के कप्तान करने जा रहे हैं ये बड़ी गलती? अगर पैतरा फिट नहीं बैठा तो पड़ सकते हैं लेने के देने

लाइव हिन्दुस्तान
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आईपीएल 2026 के पहले क्वालीफायर में आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार फिल साल्ट को टीम में ना शामिल करके बड़ा रिस्क ले सकते हैं। इसका उन्हें रिवार्ड भी मिल सकता है और खामियाजा भी भुगतना पड़ सकता है। कहीं यह पैतरा उल्टा ना पड़ जाए।

फिल साल्ट और अय्यर

आईपीएल 2026 का पहला क्वालीफायर शुरू होने में अब कुछ ही घंटे शेष हैं। गुजरात टाइटंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू दोनों टीमें पूरी तरह से तैयार हैं। धर्मशाला में 26 मई को शाम साढ़े सात बजे से मुकाबला खेला जाएगा। इस मैच की पूर्व संध्या पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए आरसीबी के कप्तान ने फिल साल्ट पर जो अपडेट दिया है और उनको लेकर जो स्टेटमेंट जारी किया है उससे कई तरह के इंटरपेटेशन किए जा रहे हैं। उनके बयान से यह भी लग रहा है कि क्या वे बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं या बड़ा रिस्क लेने जा रहे हैं। अगर उनका यह पैतरा फिट नहीं बैठा तो कप्तान पाटीदार की यह बड़ी गलती भी साबित हो सकती है।

रजत पाटीदार के बयान से उठ रही आशंकाएं

25 मई को पत्रकारों को संबोधित करते हुए आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार ने कहा कि "सॉल्ट फिट हैं। वह डॉक्टर की निगरानी में हैं। वह कुछ अभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं, लेकिन हमने अभी तक अपनी प्लेइंग-11 को लेकर फैसला नहीं किया है। हम विकेट को देखने के बाद फैसला लेंगे।" पाटीदार के इस बयान के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि शायद मंगलवार को खेले जाने वाले मुकाबले में फिल साल्ट फिट रहे हुए भी आरसीबी की प्लेइंग XI का हिस्सा ना बन पाएं। इसका मुख्य कारण पिछले मुकाबले में वेंकटेश अय्यर की बतौर सलामी बल्लेबाज शानदार प्रदर्शन हो सकता है।

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पिछले मुकाबले में वेंकटेश अय्यर ने खेली थी दमदार पारी

दरअसल, सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेले गए आरसीबी और सनराइजर्स हैदराबाद के आखिरी लीग मैच में जेकब बेथल की जगह वेंकटेश अय्यर ओपनिंग करने आए थे और उन्होंने बेहतर इंटेट दिखाते हुए 19 गेंदों में चार चौकों और चार छक्कों की मदद से 44 रन 231 से अधिक की स्ट्राइक रेट से बनाए थे। उन्होंने टीम को 255 के विशाल लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक बेहतर प्लेटफॉर्म तैयार किया था। धर्मशाला से फिल साल्ट की जो हालिया तस्वीर सामने आई है वे प्रैक्टिस तो कर रहे हैं, लेकिन उनकी उंगलियों में अब भी प्लास्टर लगा हुआ है और दोनों उंगलियां चिपकी हुई नजर आ रहे हैं। ऐसे में भले ही पाटीदार कह रहे हों कि साल्ट फिट हैं लेकिन उनके लिए बल्लेबाजी करना मुश्किल हो सकता है। इस दशा में आरसीबी के मैनेजमेंट और कप्तान रजत पाटीदार के मन में सवाल आ सकता है कि चोटिल साल्ट की जगह क्यों ना एक इनफॉर्म बल्लेबाज वेंकेटेश अय्यर के साथ जाया जाए।

खतरों से खाली नहीं होगा साल्ट के ऊपर अय्यर को खिलाने का फैसला

हालांकि, कप्तान रजत पाटीदार का यह मूव खतरे से खाली नहीं होगा। अगर अय्यर चले तब तो उनकी वाहवाही होगी और अगर वे फेल हुए और आरसीबी पहला क्वालीफायर हारी तब जिस कैलीवर के प्लेयर फिल साल्ट हैं, उनको बाहर करने का परिणाम सोशल मीडिया ट्रोलिंग भी हो सकती है। हालांकि, यह फैसला पूरी तरह से रजत पाटीदार और आरसीबी के टीम मैनेजमेंट पर है, लेकिन वे ऐसा रिस्क ले सकती हैं इसकी संभावना नजर आ रही है।

Vimlesh Kumar Bhurtiya

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Vimlesh Kumar Bhurtiya

विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

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विमलेश खेल से जुड़ी तमाम तरह की स्टोरीज पाठकों तक पहुंचाते हैं, जिनमें तथ्यों की स्पष्टता होती है और सकारात्मक विश्लेषण भी शामिल होता है। ये क्रिकेट की दुनिया का अच्छा ज्ञान रखते हैं और राजनीति में गहरी दिलचस्पी है। राजनीति और क्रिकेट में घट रही घटनाओं का विश्लेषण करना उनकी तह तक जाना विमलेश को पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी तथ्यपरकता (Fact-checking) है। चाहे वह चकाचौंध से भरा क्रिकेट जगत हो या अन्य खेल और खिलाड़ियों का जीवन। बतौर खेल पत्रकार यह कसौटी हर वक्त बनी रहनी चाहिए कि लेखन हमेशा प्रमाणिक हो। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचित करना है, बल्कि उन्हें सही और सुरक्षित जानकारी के माध्यम से सशक्त बनाना भी है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सूचना, शिक्षा और मनोरंजन होता है और इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करना एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।

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