दिल्ली कैपिटल्स से करारी हार के बाद पंत ने कुबूला गुनाह, कहा- आप 140 रन बनाकर दबाव नहीं डाल सकते

Vimlesh Kumar Bhurtiya लाइव हिन्दुस्तान
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आईपीएल 2026 के शुरुआती मैच में हार के बाद लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्तान ऋषभ पंत ने कहा है कि हमने जिस तरह से बल्लेबाजी की हम लंबे समय तक कोई साझेदारी नहीं बना पाए। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा है कि हम 140 रन बनाकर विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव नहीं डाल सकते।

दिल्ली कैपिटल्स से करारी हार के बाद पंत ने कुबूला गुनाह, कहा- आप 140 रन बनाकर दबाव नहीं डाल सकते

आईपीएल 2026 के पांचवें मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 6 विकेट से हराकर अपने अभियान की शुरुआत की है। मैच में टॉस जीतकर दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया था, जो सही साबित हुआ। दिल्ली की गेंदबाजी यूनिट ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए लखनऊ की टीम को 141 के स्कोर पर 19वें ओवर में समेट दिया। 142 रनों के मामूली से लक्ष्य को प्राप्त करने में दिल्ली कैपिटल्स को थोड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन वे अंत में स्टब्स और समीर रिजवी की शानदार बैटिंग की मदद से 17वें ओवर में ही मुकाबला जीतने में सफल रहे।

आईपीएल 2026 के शुरुआती मैच में हार के बाद लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्तान ऋषभ पंत ने कहा है कि “हमने जिस तरह से बल्लेबाजी की हम लंबे समय तक कोई साझेदारी नहीं बना पाए। हमें एक ऐसे बल्लेबाज को लाना पड़ा जो थोड़ी बहुत गेंदबाजी भी कर सके। और यही वह विकल्प था जिसे हमें इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में चुनना पड़ा क्योंकि अच्छी पिच पर हमारे रन कम पड़ रहे थे।” उन्होंने बैटिंग ऑर्डर में आयुष बडोनी को निकोलस पूरन से पहले भेजने के सवाल पर कहा कि "मुझे लगता है कि विचार बहुत सरल था। जैसे कि वह बीच के ओवरों में कमान संभालेंगे। वह अब शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी नहीं कर रहे हैं क्योंकि मैं ऊपर बल्लेबाजी कर रहा हूं। और यही कारण है कि हम शीर्ष क्रम में बाएं हाथ के और दाएं हाथ के बल्लेबाज के विकल्प को आजमाना चाहते थे ताकि वे बाएं हाथ के स्पिनर से गेंदबाजी ना करवा सकें।"

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उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि "दुर्भाग्य से मैं गलत समय पर आउट हो गया। वरना, अक्षर पटेल को अभी भी गेंदबाजी करनी थी। पावर प्ले में एक ओवर और इससे हमें उन पर बढ़त मिल गई। लेकिन साथ ही, आप जानते हैं यह खेल का एक अभिन्न अंग है और यही वह भूमिका है जो हम बडोनी के लिए तय कर रहे हैं, जब ऐसी कठिन परिस्थिति हो जब हम जल्दी विकेट खो दें, तो यही वह समय है जब उसे अपनी छाप छोड़नी चाहिए।" अपने रन आउट बात करते हुए पंत ने कहा कि “इससे उबरने का सबसे अच्छा तरीका है इसे नजरअंदाज करना। मुझे लगता है कि आगे बढ़ने का यही सबसे अच्छा तरीका है क्योंकि आप जानते हैं कि ऐसी चीजों पर आपका कोई नियंत्रण नहीं होता, लेकिन इसके बारे में सोचने से आप निश्चित रूप से बैकफुट पर आ जाते हैं।”

ऋषभ पंत ने अपने गेंदबाजी आक्रमण पर बात करते हुए कहा कि "जब आप 140 रन बनाते हैं तो आप वास्तव में विपक्षी टीम पर दबाव नहीं डाल सकते, खासकर इस तरह की अच्छी विकेट पर। लेकिन एक सकारात्मक बात यह है कि लड़कों ने कड़ी मेहनत की, जिस तरह से हमने गेंदबाजी की खासकर जिस तरह से हमने शुरुआत की निश्चित रूप से आगे के सीजन के लिए कुछ अच्छे संकेत हैं।" उन्होंने 20 एक्ट्रा रन देने पर अपनी बात रखते हुए कहा "देखिए, निश्चित रूप से अतिरिक्त रन चुभेंगे, लेकिन साथ ही आप जानते हैं जब इस तरह की विकेट होती है, तो आप बहुत ज्यादा कोशिश कर रहे होते हैं, खासकर 140 जैसे स्कोर पर जहां आपको उन्हें आउट करना ही होता है क्योंकि अगर वे सामान्य क्रिकेट भी खेलते हैं, तो वे बच सकते हैं। लेकिन कुछ अतिरिक्त महत्वपूर्ण विकेट शुरुआत में ही उन्हें बैकफुट पर धकेल दिया गया।"

क्या ऋषभ पंत अगले भी मैच में ओपनिंग करेंगे इस सवाल का जवाब देते हुए पंत ने कहा कि मुझे लगता है कि यह 50-50 चांस है लेकिन देखते हैं। हालांकि उन्होंने यह संकेत जरूर दिए कि वे टॉप आर्डर में ही बल्लेबाजी करते नजर आएंगे। उन्होंने कहा लेकिन मुझे तो टॉप ऑर्डर में जरूर देखना।

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Vimlesh Kumar Bhurtiya

विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

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