T-20 क्रिकेट में 1 कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले भारतीय बैटर बने अभिषेक शर्मा, रोहित-संजू पीछे

Vimlesh Kumar Bhurtiya लाइव हिन्दुस्तान
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आईपीएल 2026 के 21वें मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ शून्य पर आउट होते ही अभिषेक शर्मा ने एक अनचाहा रिकॉर्ड बना लिया है। वे एक कैलेंडर ईयर में टी-20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले भारतीय बैटर बन गए हैं।

T-20 क्रिकेट में 1 कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले भारतीय बैटर बने अभिषेक शर्मा, रोहित-संजू पीछे

आईपीएल 2026 के 21वें मुकाबले में हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ जारी मुकाबले में अभिषेक शर्मा का बल्ला खामोश रहा है। वे सोमवार को खेले जा रहे मुकाबले में बिना कोई रन बनाए जोफ्रा आर्चर की पहली ही गेंद पर पवेलियन लौट गए। शून्य पर आउट होते ही उनके नाम एक शर्मिदा करने वाला रिकॉर्ड दर्ज हो गया।

1 कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले बैटर बने अभिषेक

अभिषेक शर्मा अब टी-20 क्रिकेट में एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। साल 2026 के अब तक सिर्फ 3 महीने ही बीते हैं यह चौथा महीना जारी है और अभिषेक शर्मा 18 पारियों में 7 बार शून्य के स्कोर पर पवेलियन लौट चुके हैं। टी-20 क्रिकेट में एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में रोहित शर्मा और संजू सैसमन संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं। ये दोनों बल्लेबाज एक साल में क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट में 6-6 बार बिना खाता खोले पवेलियन लौटे हैं। रोहित शर्मा के नाम यह अनचाहा रिकॉर्ड साल 2018 में दर्ज हुआ था, जब वे एक साल के अंदर टी-20 क्रिकेट में 6 बार बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए थे। संजू सैमसन के एक कैलेंडर ईयर में 6 डक जब आए थे तब वह 2024 का साल था। उस साल उन्होंने शतकीय पारियां भी खेली थीं लेकिन पूरे साल में 6 बार शून्य पर पवेलियन भी लौटे थे।

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टी-20 में एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने भारतीय बैटर

अभिषेक शर्मा- 7 बार (2026 में अब तक)

रोहित शर्मा - 6 बार (2018 में)

संजू सैमसन- 6 बार (2024 में)

अब तक अभिषेक के लिए अच्छा नहीं गुजरा है साल 2026

अभिषेक शर्मा के आंकड़ों में अभी इजाफा हो सकता है, क्योंकि पूरे साल में उन्हें अभी तो आईपीएल के सभी मुकाबले खेलने हैं इसके बाद भारतीय टी-20 टीम में भागीदारी करनी है। साल 2026 अभिषेक शर्मा के लिए उतना अच्छा नहीं गुजरा है, जितने की उनसे उम्मीद थी। आईपीएल 2026 से पहले खेले गए विश्व कप में भी अभिषेक शर्मा लय में नहीं दिखे थे और पहले तीन मुकाबलों में शून्य पर आउट हुए थे। हालांकि, उन्होंने फाइनल मुकाबले में एक तेज अर्धशतकीय पारी खेली थी और भारत को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। 2026 के कलेंडर ईयर में अभिषेक शर्मा ने 18 पारियां खेली हैं, जिनमें से 7 बार शून्य पर आउट हुए हैं, जबकि पांच बार उन्होंने अर्धशतकीय पारियां भी खेली हैं। इससे पता चलता है कि या तो अभिषेक शर्मा जल्दी आउट हो जाते हैं या जब मैदान पर डट जाते हैं तो बड़ी पारी खेलकर ही दम लेते हैं।

ऐसा है उनका टी-20 करियर

अभिषेक शर्मा के टी-20 करियर की बात करें तो उन्होंने अपना टी-20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू भारत के लिए जिम्बाब्वे के खिलाफ साल 2024 में किया था। उन्होंने अब तक कुल 46 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं, जिसकी 45 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 33.44 की औसत और 190.47 की कमाल की स्ट्राइक रेट के साथ कुल 1438 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 10 अर्धशतक और 2 शतक जड़े हैं। अभिषेक के आईपीएल करियर की बात करें तो उन्होंने इस लीग में अपना करियर साल 2018 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के खिलाफ दिल्ली कैपिटल्स की ओर से खेलते हुए शुरू किया था। उन्होंने अब तक आईपीएल में 82 मैच खेले हैं, जिसकी 79 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 165.59 की स्ट्राइक रेट और 27 की औसत के साथ 1944 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने आईपीएल में 10 अर्धशतक और 1 शतक जड़े हैं।

Vimlesh Kumar Bhurtiya

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Vimlesh Kumar Bhurtiya

विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

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