गमों का पहाड़ टूटा लेकिन… CSK के मुकेश चौधरी ने दिलाई सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली की याद
मुकेश चौधरी की मां का मंगलवार को निधन हो गया था। मां के अंतिम संस्कार के लिए वह राजस्थान आए। अंतिम संस्कार के बाद फिर सीएसके के स्क्वाड को जॉइन किया। गुरुवार को मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच में उतरे और एक विकेट भी हासिल किया।

मुंबई इंडियंस के खिलाफ गुरुवार को आईपीएल की अब तक की सबसे बड़ी जीत को चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान रुतुराज गायकवाड़ ने मुकेश चौधरी को समर्पित किया। चौधरी ने आखिर महान सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली से लेकर रिंकू सिंह तक चली आ रही क्रिकेट के जुनून और समर्पण की कहानी लिखी है। ऐसा समर्पण जहां व्यक्तिगत शोक से बड़ा क्रिकेट है। जहां अपने दर्द से ऊपर टीम है। मुकेश चौधरी की मां का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हुआ था। उन्होंने अपनी मां का अंतिम संस्कार किया। उसके बाद सीधे टीम से जुड़ गए। गुरुवार को वह मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेले और एक विकेट भी हासिल किया।
मुकेश चौधरी ने मुंबई इंडियंस के खतरनाक बल्लेबाज क्विंटन डीकॉक का जब स्टंप उखाड़ा तब उन्होंने कोई इंटेंस सेलिब्रेशन नहीं किया। विकेट लेने के बाद उन्होंने आसमान की तरफ देखा। ऊपर की तरफ उंगली दिखाते हुए जैसे कहा हो- मां, ये तेरे लिए है।
मुकेश चौधरी ने मां को खोने के दर्द को सहते हुए भी अपना फर्ज निभाया। टीम को जिताया। वह मां के अंतिम संस्कार के लिए राजस्थान लौटे। भीलवाड़ा में अंतिम संस्कार किया। उसके बाद सीएसके स्क्वाड के साथ फिर जुड़ गए। उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह भी मिली। वह मैदान में उतरे। उसी तरह जैसे हर दिन उतरते हैं। उन्हें देखकर किसी को अंदाजा तक नहीं हुआ होगा कि वह कितने बड़े दर्द से गुजर रहे हैं। उनके शोक में शामिल होते हुए टीम भी बांह पर काली पट्टी बांधकर मैदान पर उतरी। मुकेश चौधरी ने 4 ओवर में 31 रन देकर क्विंटन डीकॉक के रूप में एक महत्वपूर्ण विकेट भी हासिल किया। उनके इस समर्पण के आगे पूरी टीम नतमस्तक दिखी।
चेन्नई सुपर किंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट के नुकसान पर 207 रन बनाए थे। जवाब में मुंबई इंडियंस की टीम 19 ओवर में 104 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह चेन्नई ने 103 रनों के विशाल अंतर से मैच जीत लिया। आईपीएल इतिहास में मुंबई इंडियंस के खिलाफ किसी भी टीम की ये रनों के अंतर के लिहाज से अब तक की सबसे बड़ी जीत थी।
मुकेश चौधरी ने कुछ-कुछ वैसा ही किया, जैसा 'क्रिकेट के भगवान' सचिन तेंदुलकर ने कभी किया था। उनके पिता रमेश तेंदुलकर का जब निधन हुआ तब मास्टर ब्लास्टर इंग्लैंड में 1999 का विश्व कप खेल रहे थे। वह भारत लौटे। पिता का अंतिम संस्कार किया और फिर केन्या के खिलाफ मैच के लिए इंग्लैंड चले गए। उसमें उन्होंने नॉट आउट रहते हुए 140 रन की जबरदस्त पारी खेली।
विराट कोहली तब दिल्ली के फिरोज शाह कोटला मैदान में कर्नाटक के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच खेल रहे थे जब दिसंबर 2006 में उनके पिता प्रेम कोहली की मौत हुई थी। पिता की मौत के बावजूद युवा कोहली अगले दिन मैदान में उतरे और 90 रन की शानदार पारी खेलकर दिल्ली को फॉलोऑन से बचाया था।
इसी साल टी20 विश्व कप के दौरान रिंकू सिंह के पिता का लिवर कैंसर से निधन हो गया। रिंकू अंतिम संस्कार के लिए अलीगढ़ लौटे और उसके बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ सुपर-8 मैच के लिए टीम इंडिया के साथ जुड़ गए थे।
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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