'एजेंट ऐसे ही बनते हैं', राशिद लतीफ ने उगला जहर; IPL के कारण पाक कोच माइक हेसन पर साधा निशाना
राशिद लतीफ ने कहा है कि आईपीएल में जो कोच काम करके पाकिस्तान क्रिकेट के कोच बनते हैं, उनके बैकग्राउंड की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आईपीएल से जुड़ा हुआ व्यक्ति एजेंट हो सकता है।

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इंग्लैंड के खिलाफ लगातार दो मैच गंवाने वाली पाकिस्तान क्रिकेट टीम में बड़े बदलाव करते हुए सात खिलाड़ियों को वापस बुलाया था और नए खिलाड़ियों को टीम में मौका दिया था। यहां तक बोर्ड ने टेस्ट कोच सरफराज अहमद को भी बीच सीरीज से बाहर कर दिया। उनकी जगह व्हाइट बॉल कोच माइक हेसन को टीम सौंपी गई। हालांकि नए खिलाड़ियों के साथ उतरने से भी पाकिस्तान को फायदा नहीं हुआ और टीम तीसरे टेस्ट की पहली पारी में सिर्फ 133 के स्कोर पर सिमट गई। कई पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर हेसन के काम करने के तरीके से खुश नहीं हैं। हालांकि राशिद लतीफ ने हेसन की ईमानदारी और वफादारी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि कोई कोच अगर आईपीएल में काम करने के बाद आता है तो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को उसके बैकग्राउंड को ढंग से चेक करना चाहिए।
माइक हेसन को लेकर सुरक्षा की चिंता
माइक हेसन आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का हिस्सा रहे हैं और वह न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के मुख्य कोच भी रह चुके हैं। राशिद लतीफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, ''माइक हेसन मामले में मेरे लिए सुरक्षा की चिंता अलग बात है, लेकिन विदेशी कोच के लिए वफादारी का पहलू बहुत महत्वपूर्ण है। जब मैं बॉब वूलमर की बात करता हूं, तो मुझे पता है कि वे वफादार थे। फिर अगर मैं ज्योफ लॉसन की बात करूं तो वह पेशेवर थे। वह लाहौर में रहे। उनमें वफादारी थी।''
उन्होंने आगे कहा, ''जो भी अन्य लोग आए हैं, सभी विदेशी थे और पाकिस्तान कोच बने। उन्होंने दिल से काम किया। मैं किसी पर आरोप नहीं लगा रहा हूं, लेकिन जो कोच आईपीएल में काम करके आया है, उस पर हमेशा संदेह रहेगा।" माइक हेसन को मई 2025 में पाकिस्तान की व्हाइट बॉल टीम का कोच बनाया गया था। उनकी देखरेख में पाकिस्तान की टीम ने एशिया कप फाइनल तक का सफर तय किया। लेकिन भारत के खिलाफ हार गए। पाकिस्तान टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सका।
एजेंट इसी तरह बनते हैं
पूर्व पाकिस्तान खिलाड़ी ने कहा, ''वफादारी का पहलू बहुत जरूरी है और संदेह बना रहता है। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि कोई वफादार नहीं हो सकता है कि वह हो, बिल्कुल हो सकता है, लेकिन बेहतर यही है कि इन चीजों की जांच कर ली जाए। इतिहास चेक करिए। कनेक्शन तो होगा ही। इसलिए जो नुकसान हम नहीं कर पाए शायद कोई और कर दे जो आपको नुकसान पहुंचा सके चाहे कोई भी कोच विदेश से आए। लेकिन जो आईपीएल में वहां के लोगों से जुड़ा है, जोकि उसका इस्तेमाल करना चाहता है, एजेंट इसी तरह बनते हैं।''



