हम कहीं भी किसी भी परिस्थिति में 20 विकेट ले सकते है, अफगानिस्तान के खिलाफ मिली जीत से चौड़ा हुआ कप्तान गिल का सीना
अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच को पारी और 300 रनों के बड़े अंतर से जीतने के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल काफी खुश नजर आए। उन्होंने पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में कहा कि हमने सारे बॉक्सेस टिक किए। हम कहीं भी 20 विकेट ले सकते हैं। पूरा पढ़िए।

अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच को पारी और 300 रनों के बड़े अंतर से जीतने के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल काफी खुश नजर आए। उन्होंने पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में कहा कि हमने सारे बॉक्सेस टिक किए और मैं टीम के इस प्रदर्शन से काफी खुश हूं। गिल ने कहा "मुझे लगता है कि हमारी तरफ से पूरी जीत रही, हमने हर तरह से अच्छा प्रदर्शन किया। इसलिए मैं बहुत खुश हूं।"
फॉलोऑन पर क्या बोले गिल?
फॉलो-ऑन लागू करने के पीछे क्या सोच थी इस सवाल का जवाब देते हुए गिल ने कहा "बहुत गर्मी थी। हमने तय किया कि अगर हम लंच से पहले या पहले ड्रिंक्स ब्रेक के तुरंत बाद विकेट ले लेते हैं, तो हम देखेंगे कि गेंदबाज तरोताजा हैं या नहीं, अगर हम फ्रेश रहेंते तो उन्हें फॉलो-ऑन देंगे। अगर नहीं तो हम कुछ ओवर बल्लेबाजी करेंगे और शायद दिन के अंत में उन्हें फिर से गेंद देंगे। लेकिन हमें जल्दी विकेट मिल गए, हमने वापसी की। और हमारे तेज गेंदबाजों ने जिस तरह से गेंदबाजी की, सिराज ने हमें वह अहम विकेट दिलाया जब हमने उन्हें फॉलो-ऑन दिया और प्रसिद्ध ने तीन महत्वपूर्ण विकेट लिए।"
स्पिन तिकड़ी पर रखे अपने विचार
स्पिन तिकड़ी के बारे में क्या विचार हैं यह सवाल जब गिल से किया गया तो उन्होंने कहा "मुझे लगता है कि मानव, वाशी और कुलदीप में जिस तरह की क्वालिटी है, उन तीनों में कभी कोई संदेह नहीं था। यह सब अनुभव प्राप्त करने और कुछ ओवर फेंकने और यह देखने के बारे में है कि इस तरह की विकेटों पर बल्लेबाज को कैसे सेट किया जाए, गति में बदलाव करते रहें, बल्लेबाज को अलग-अलग क्षेत्रों में परखते रहें।"
हम कहीं भी 20 विकेट ले सकते हैं
युवा टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है। भारत को एक टीम के रूप में और आपको कप्तान के रूप में इस टीम को आगे ले जाने के लिए क्या करने की आवश्यकता है? इस सवाल के ऊपर गिल ने कहा "मेरा जवाब है, यह बहुत सरल है। जब आप पहली पारी में बल्लेबाजी कर रहे हों, तो हर बार बल्लेबाजी करते समय 350 रन बनाने का प्रयास करें, चाहे हम कहीं भी खेल रहे हों, परिस्थितियां कैसी भी हों। मुझे लगता है कि हमारे गेंदबाजी समूह पर इतना भरोसा है कि हम कहीं भी 20 विकेट ले सकते हैं।"
बल्लेबाजी समूह पर होता है अधिक दबाव
कप्तान गिल ने आगे कहा "जब भी बदलाव का दौर आता है, हमें लगता है कि बल्लेबाजी समूह पर अधिक दबाव होता है और हम अनुभव प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं। हम यहां यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि बल्लेबाजी समूह के रूप में और विभिन्न परिस्थितियों में हमारे लिए किस तरह का खेल कारगर साबित हो सकता है। हम नियमित रूप से 350-400 रन कैसे बना सकते हैं।"
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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