श्रीलंका ने हमसे वनडे सीरीज जीती थी, पहले मैच में विजय पताका लहराने के बाद ऐसा क्यों बोले कप्तान तिलक वर्मा?
भारत और श्रीलंका की ए टीमों के बीच त्रिकोणीय सीरीज के पहले मैच में भारत ने श्रीलंका को 8 रनों से शिकस्त दी। इस जीत के बाद भारतीय टीम के कप्तान काफी खुश नजर आए। हालांकि, उन्होंने विपक्षी टीम के कप्तान की भी जमकर तारीफ की।

भारत और श्रीलंका की ए टीमों के बीच त्रिकोणीय सीरीज के पहले मैच में भारत ने श्रीलंका को 8 रनों से शिकस्त दी। इस जीत के बाद भारतीय टीम के कप्तान काफी खुश नजर आए। हालांकि, उन्होंने विपक्षी टीम के कप्तान की भी जमकर तारीफ की।
श्रीलंका के कप्तान ने शानदार बल्लेबाजी की
पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में भारतीय ए टीम के कप्तान तिलक वर्मा ने कहा "श्रीलंका के कप्तान साहन ने जिस तरह से बल्लेबाजी की वह वाकई शानदार थी और मुझे लगता है कि जब अंशुल ने यॉर्कर फेंकी और साहन आउट हुए, तो वह एक महत्वपूर्ण विकेट था। वहीं से मैच का रुख बदल गया। खासकर हमारे सलामी गेंदबाजों अरशद और कंबोज ने पहले स्पेल में उतनी अच्छी गेंदबाजी नहीं की, लेकिन जिस तरह से उन्होंने मैच खत्म किया, वह देखने लायक था।"
क्या पिच में हुआ था बदलाव?
क्या आपको वाकई लगा था कि पिच बदल गई है या बेहतर हो गई है? तिलक वर्मा से जब यह सवाल पूछा गया तब उन्होंने जबाव दिया "सच कहूं तो पिच में ज्यादा बदलाव नहीं आया है। हमें लगा था कि दूसरी पारी में पिच और भी धीमी हो जाएगी, लेकिन सच तो यह है कि पिच में ज्यादा बदलाव नहीं आया है।"
हम अपनी रणनीति पर विचार करेंगे
उन्होंने आगे कहा "मैंने टॉस के दौरान कहा था 270 रन अच्छा स्कोर था, लेकिन मुझे लगता है कि हम रणनीति पर फिर से विचार करेंगे और देखेंगे कि अच्छी जगहों पर गेंदबाजी कैसे करें और अगले मैच में वापसी करेंगे।" इस सीरीज के बारे में आपके क्या विचार हैं तिलक वर्मा से यह सवाल भी पूछा गया जिसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा "जी हां, मैंने टूर्नामेंट से पहले ही कहा था कि श्रीलंका में और श्रीलंका और अफगानिस्तान के खिलाफ खेलना, ये दोनों ही बहुत अच्छी टीमें हैं और खासकर श्रीलंका में, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी वे कड़ी टक्कर देंगे।"
श्रीलंका ने हमें ODI सीरीज में हराया था
वर्मा ने कहा "अगर आप पिछली सीरीज देखें जब हमने श्रीलंका के खिलाफ खेला था, तो उन्होंने वनडे सीरीज जीती थी। लेकिन हम जानते हैं कि मुकाबला कितना कड़ा होगा और हमने उसी के लिए तैयारी की है और मुझे खुशी है कि पहला मैच हमारे पक्ष में है।"
मैच का ऐसा रहा हाल
मैच की बात करें तो भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए रुतुराज गायकवाड़ के शतक और कप्तान तिलक वर्मा के अर्धशतक की मदद से 277 रनों का स्कोर खड़ा किया था, जिसके जवाब में श्रीलंका की टीम 269 रन ही बना सकी।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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