19 नवंबर 2023 को जहां टूटा था दिल, वहीं पर भारत ने जीता टी20 विश्व कप, पहली बार एक साथ हुए कई कारनामे
टीम इंडिया ने फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरी बार टी20 विश्व कप पर कब्जा किया है। इसके साथ ही भारत ने हिस्ट्री रिपीट भी की और डिफीट भी। एक साथ कई सारे ऐसे कारनामे किए जो वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार हुए।

न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर का अहमदाबाद में भीड़ को खामोश करने का सपना सपना ही रह गया। उनकी हसरत थी कि जिस तरह पैट कमिंस की कप्तानी वाली ऑस्ट्रेलिया ने ट्रेविस हेड की खूंखार बल्लेबाजी की बदौलत वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में दुनिया के सबसे बड़े स्टेडियम को सन्नाटे से भर दिया था, कीवी भी कुछ वैसा ही करेंगे। लेकिन ये नहीं हुआ। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 19 नवंबर 2023 को करोड़ों दिलों को तोड़ने वाली उस हार की याद भले ही नहीं मिट सकती, लेकिन अब भारत ने उसी मैदान में टी20 विश्व कप जीतकर उस कड़वी याद को पीछे छोड़ दिया है। टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरी बार टी20 विश्व कप पर कब्जा किया है। इसके साथ ही भारत ने हिस्ट्री रिपीट भी की और डिफीट भी। एक साथ कई सारे ऐसे कारनामे किए जो वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार हुए।
पहली बार किसी टीम के तीनों टॉप बल्लेबाजों ने फिफ्टी+ बनाए
भारत ने संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन के तूफानी अर्धशतकों और शिवम दुबे के विस्फोटक 26 रनों की बदौलत विश्व कप फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 विकेट पर 255 रन का विशाल स्कोर बनाया। संजू सैमसन लगातार तीसरे मैच में शतक के करीब पहुंचकर चूके। वेस्टइंडीज के खिलाफ वर्चुअल क्वार्टर फाइनल में नाबाद 97, इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में 89 रन की पारियों के बाद फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ सिर्फ 46 गेंद में 89 रन की पारी खेली। सेमीफाइनल की तरह फाइनल में भी वही प्लेयर ऑफ द मैच रहे।
अभिषेक शर्मा भी अपने चिरपरिचित अंदाज में दिखे। जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच को छोड़कर हर मैच में फ्लॉप चलते आ रहे शर्मा फाइनल में लय में आ ही गए। उन्होंने 21 गेंद में 52 रन की पारी खेली। पूरे विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करते आ रहे ईशान किशन ने भी सिर्फ 25 गेंद में 54 रन ठोक डाले। टी20 विश्व कप के इतिहास में पहली बार किसी टीम के टॉप ऑर्डर के तीन बल्लेबाजों ने फिफ्टी प्लस का स्कोर खड़ा किया। जवाब में जसप्रीत बुमराह और अक्षर पटेल की कातिल गेंदबाजी के सामने न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी ने घुटने टेक दिए।
कीवी टीम 19 ओवर में 159 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह भारत ने 96 रनों के विशाल अंतर से टी20 विश्व कप का फाइनल जीत गया। बुमराह ने 4 और अक्षर पटेल ने 3 विकेट लिए। हार्दिक पांड्या, वरुण चक्रवर्ती और अभिषेक शर्मा ने 1-1 विकेट हासिल किए।
पहली बार किसी ने बैक टु बैक टी20 विश्व कप जीता- हिस्ट्री रिपीट
भारत ने 2024 टी20 विश्व कप जीतने की कहानी दोहराकर हिस्ट्री रिपीट कर दिया। पहली बार किसी टीम ने बैक टु बैक टी20 विश्व कप जीता। पहली बार किसी डिफेंडिंग चैंपियन ने टी20 विश्व कप जीता। 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम इंडिया ने विश्व विजय किया था तो उसके अगले विश्व कप यानी 2026 में सूर्यकुमार की अगुआई में वो कारनामा दोहराया गया।
पहली बार किसी मेजबान ने जीता- हिस्ट्री डिफीट
टी20 विश्व कप के इतिहास में इससे पहले किसी मेजबान देश ने ट्रॉफी नहीं जीती थी। इस बार भारत और श्रीलंका ने टी20 विश्व कप की सहमेजबानी की। पहली बार किसी देश ने अपनी ही सरजमीं पर टी20 विश्व कप की ट्रॉफी उठाई है। ठीक वैसे ही, जैसे 2011 में पहली बार किसी मेजबान देश ने वनडे विश्व कप को अपने नाम किया था। टी20 और वनडे विश्व कप दोनों में ही भारत ने 'हिस्ट्री डिफीट' की। किसी मेजबान के विश्व कप नहीं जीत पाने की हिस्ट्री को बदलकर रख दिया।
पहली बार किसी टीम ने 3 बार टी20 विश्व कप अपने नाम किया
टीम इंडिया ने तीसरी बार टी20 विश्व कप को अपने नाम किया है। पहली बार किसी टीम ने तीन बार टी20 विश्व कप को जीता है। भारत ने सबसे पहले 2007 के पहले टी20 विश्व कप को जीता था। उसके बाद 2024 में जीता और अब 2026 में भी अपना परचम लहराया है। इससे पहले तक भारत सबसे ज्यादा बार टी20 विश्व कप जीतने के मामले में संयुक्त रूप से शीर्ष पर था और अब तीसरे विश्व कप ट्रॉफी के साथ अकेले शीर्ष पर मौजूद है। ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज ने 2-2 बार टी20 विश्व कप जीता है।
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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