भारत को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए असाधारण प्रदर्शन करना होगा, पूर्व कप्तान ने बताई खामियां
भारतीय महिला टीम की पूर्व कप्तान डायना एडुल्जी ने कहा है कि अब भारत को महिला टी-20 विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचना है तो असाधारण खेल दिखाना होगा। उन्होंने भारतीय टीम की कमियां भी बताई हैं।

भारत की पूर्व कप्तान डायना एडुल्जी का मानना है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली करारी हार के बाद महिला टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारतीय टीम को अब असाधारण प्रदर्शन करना होगा। हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली भारतीय टीम को दक्षिण अफ्रीका ने छह विकेट से हराया था, जिससे उसकी सेमीफाइनल की राह कठिन हो गई है। अब भारत को अंक तालिका में दक्षिण अफ्रीका से आगे रहने के लिए अपने शेष दोनों लीग मैचों में बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया को हराना होगा।
दक्षिण अफ्रीका के भी तीन मैचों में चार अंक हैं, लेकिन उसे अपने अंतिम दो मुकाबले बांग्लादेश और नीदरलैंड्स के खिलाफ खेलने हैं ऐसे में उसके पास नेट रनरेट बेहतर करने का अच्छा मौका होगा। एडुल्जी ने 'हर स्टोरी, हर ग्लोरी' किताब के लोकार्पण समारोह के दौरान कहा, “हमने 50 ओवर के विश्व कप में भी लगातार तीन मैच हारने के बाद वापसी की थी और फिर सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराया था। टीम को उस अनुभव को ध्यान में रखना होगा।” उन्होंने कहा कि भारतीय टीम चुनौतियों से उबरने में सक्षम है, लेकिन उसका खेल एकदिवसीय प्रारूप के लिए अधिक उपयुक्त है।
हम वनडे में ज्यादा अच्छा खेलते हैं, टी-20 कठिन
एडुल्जी ने कहा, “हमारा खेल 50 ओवर के प्रारूप के लिए ज्यादा अनुकूल है। टी20 हमारे लिए थोड़ा कठिन है क्योंकि हम काफी डॉट गेंदें खेलते हैं। हम अभी भी स्ट्राइक रोटेट करने में उतने प्रभावी नहीं हैं और यही हमारी सबसे बड़ी समस्या है।” उन्होंने कहा, ''इस विश्व कप में हमें अच्छी शुरुआत मिल रही है, जो हमारे लिए सकारात्मक बात है, लेकिन हम पारी का मजबूत अंत नहीं कर पा रहे हैं। हमें इस पहलू में सुधार करना होगा।'' पूर्व कप्तान ने 2017 महिला एकदिवसीय विश्व कप की याद दिलाते हुए कहा, “उस टूर्नामेंट में भी हमने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ यह हार हमारे लिए बड़ा झटका है। इससे आगे की राह को लेकर कुछ संदेह पैदा हुआ है, क्योंकि अब हमें उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन करना होगा।”
डायना एडुल्जी का एक परिचय
बता दें कि डायना एडुल्जी का पूरा नाम डायना फराम एडुल्जी है। वे भारत की दिग्गज स्पिनर थीं। उन्होंने भारत के लिए 100 विकेट लेने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनी थीं। उन्होंने 1976 से 1993 तक भारतीय महिला क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व किया। उन्हें अर्जुल पुरस्कार और पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें आईसीसी हॉल ऑफ फेम में भी शामिल किया गया है।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
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विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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