जिम्बाब्वे घर पर साबित हो सकता है 'शेर', हल्के में लिया तो 'श्रेयस अय्यर एंड कंपनी' को लग सकता है तीसरा झटका
आयरलैंड और इंग्लैंड से व्हाइट वॉश होने के बाद अब श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम इंडिया 23 जुलाई से जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन टी-20 मैचों की सीरीज खेलने जा रही है। इस सीरीज में मेजबान टीम को हल्का लेना अय्यर एंड कंपनी को भारी पड़ सकता है।

भारत का यूनाइटेड किंगडम दौरा अब खत्म हो चुका है। लगभग एक महीने तक चले इस दौरे में भारतीय टीम को निराशा हाथ लगी। 10 मुकाबलों में सिर्फ 1 मैच में जीत हासिल हुई। 8 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। एक मैच बेनतीजा रहा। पहले तो आयरलैंड ने 2-0 से हराया। इंग्लैंड ने 4-0 से टी-20 सीरीज जीती। भारत को वनडे सीरीज में 2-1 से हार का सामना करना पड़ा। इस खराब प्रदर्शन के बाद अब श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली भारतीय टी-20 क्रिकेट टीम जिम्बाब्वे दौरे में है, जहां उसे तीन टी-20 मैचों की सीरीज खेलनी है। पहला मैच 23 जुलाई को खेला जाएगा। दूसरा मुकाबला, 25 और तीसरा मैच 26 जुलाई को खेला जाएगा। ये तीनों मुकाबले जिम्बाब्वे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जाएंगे।
आयरलैंड और इंग्लैंड से व्हाइट वॉश होने के बाद अब भारतीय टीम को जिम्बाब्वे दौरे में अपनी साख बचानी होगी। अगर इस सीरीज को भारत गंवा देता है तो सवालों के घेरे में कप्तान और कोच तो पहले से ही हैं ये सवाल और तल्ख हो सकते हैं। भारत इस टी-20 सीरीज में जिम्बाब्वे को हल्के में बिल्कुल भी नहीं ले सकता। ऐसा इसलिए क्योंकि घरेलू परिस्थितियां जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को फेवर करेंगी। उनके गेंदबाज 140 से अधिक की स्पीड से हार्ड लेंथ में गेंदबाजी करके भारतीय बल्लेबाजों को परेशान कर सकते हैं। हाल ही में पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश की टीम जिम्बाब्वे दौरे पर थी, जहां उसे 1 टेस्ट मैच, तीन वनडे मैचों की सीरीज और तीन टी-20 मैचों की सीरीज खेलनी थी। टूर समाप्त हो चुका है और बांग्लादेश को निराशा हाथ लगी है। मेजबान टीम ने बांग्लादेश को पहले तो टेस्ट मैच में 1 पारी और 85 रनों से हार थमाई। उसके बाद तीन वनडे मैचों की सीरीज को भी 2-1 से जीत लिया। इतना ही नहीं, पहले टी-20 मैच में विजय पताका लहरा दी। हालांकि, आखिरकार बांग्लादेश ने वापसी की और आखिर के दो टी-20 मुकाबले जीतकर कम से कम टी-20 सीरीज अपने नाम कर सके। अगर भारत जैसी टीम के खिलाफ भी इससे बेहतरीन प्रदर्शन जिम्बाब्वे रखता है तो भारत को आयरलैंड, इंग्लैंड के बाद तीसरा झटका लग सकता है।
जिम्बाब्वे के इस प्रदर्शन को देखकर कहा जा सकता है कि भारत के सामने चुनौती पेश कर सकते हैं। खासकर तब जब भारतीय कप्तान टीम के नई होने और बदलाव के दौर से गुजरने का दावा करते हैं और भारत के लिए पहली बार कई ऐसे गेंदबाज हैं, जो पहली बार टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व करेंगे या लंबे समय के बाद वापसी कर रहे हैं। बैटिंग लाइन अप में संजू सैमसन के अलावा खास परिवर्तन नहीं किए गए हैं। रिंकू सिंह की वापसी हुई है।
भारत बनाम जिम्बाब्वे T20Is सीरीज के लिए दोनों टीमों का स्क्वॉड
भारत का स्क्वॉड: अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा (उप-कप्तान), ईशान किशन (विकेट कीपर), शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव, प्रभसिमरन सिंह (विकेट कीपर), रवि बिश्नोई।
जिम्बाब्वे का स्क्वॉड: सिकंदर रजा (कप्तान), ब्रायन बेनेट, रयान बर्ल, बेन कुरेन, ब्रैड इवांस, क्लाइव मैडेंडे (विकेटकीपर), टिनोटेंडा मापोसा, तादिवानाशे मारुमानी, वेलिंगटन मसाकाद्जा, ताशिंगा मुसेकिवा, ब्लेसिंग मुजाराबानी, डायोन मायर्स, रिचर्ड नगारवा, न्यूमैन न्यामहूरी और मिल्टन शुंबा।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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