भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच होगा फाइनल, फाफ डु प्लेसिस ने की बड़ी भविष्यवाणी, कहा- सूर्या का कैच पकड़ मिलर लेंगे बदला
टी-20 विश्व कप 2026 को लेकर फाफ डु प्लेसिस ने बड़ी भविष्यवाणी की है। उन्होंने भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच फाइनल होने का प्रिडिक्शन दिया है। इनती ही नहीं, फाफ ने यह भी कहा है कि इस विश्व कप को दक्षिण अफ्रीका जीतेगा और सूर्यकुमार यादव का मिलर ठीक वैसा ही कैच पकड़ेंगे जैसा सूर्या ने पकड़ा था।

गुरुवार 26 फरवरी को जिम्बाब्वे से मिली 72 रनों की शानदार जीत के बाद भारत ने सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा है। साउथ अफ्रीका से सुपर-8 का पहला मुकाबला हारने के बाद भारतीय टीम पर लगातार सवालिया निशान खड़े हो रहे थे जिसे एक जीत से मेन इन ब्लू ने तारीफों में बदल दिया है। अगर भारत वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी मैच जीत लेता है तो वह सेमीफाइनल में प्रवेश कर जाएगा। उधर, भारत के ग्रुप से लगातार दो मैच जीतकर और जिम्बाब्वे की लगातार दो हार के कारण दक्षिण अफ्रीका पहले ही सेमीफाइनल का टिकट कटा चुका है।
इस बीच दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज फाफ डु प्लेसिस ने बड़ी भविष्यवाणी की है। उन्होंने टी-20 विश्व कप 2026 के फाइनल में भारत और दक्षिण अफ्रीका के पहुंचने का प्रिडिक्शन किया है। ESPN क्रिकइन्फो के प्रोग्राम में बात करते हुए फाफ ने कहा कि "भारत बहुत मजबूत टीम है। वह कभी भी भारतीय सरजमी पर कमजोर नहीं पड़ेगी।" उन्होंने बड़ी भविष्यवाणी करते हुए कहा कि "भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टी-20 विश्व कप 2026 का फाइनल खेला जाएगा और इस मुकाबले को दक्षिण अफ्रीका जीतकर विश्व चैंपियन बनेग।" फाफ की अपनी कप्लपा है कि “फाइनल मुकाबले में डेविड मिलर सूर्यकुमार यादव का ठीक वैसा ही कैच बाउंड्री रोप पर लेंगे जैसा सूर्या ने टी-20 विश्व कप 2024 के फाइनल में लिया था।” फाफ डु प्लेसिस ने ये बातें बेहद सरल अदाज में हंसते हुए कहीं हैं, लेकिन इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि भारत और दक्षिण अफ्रीका एक बार फिर फाइनल में आमने-सामने हो सकती हैं।
सुपर-8 के ग्रुप 1 से दक्षिण अफ्रीका और ग्रुप-2 से इंग्लैंड पहले ही सेमीफाइनल के लिए टिकट कटा चुके हैं। जबकि भारत और न्यूजीलैंड के सेमीफाइनल में पहुंचने की संभावना ज्यादा लग रही हैं। हालांकि, अभी संभावनाएं पाकिस्तान और वेस्टइंडीज के लिए भी पूरी की पूरी बनी हुई हैं। अगर ग्रुप 1 से भारत और दक्षिण अफ्रीका सेमीफाइन में पहुंचते हैं तो उन्हें इंग्लैंड और न्यूजीलैंड की मुश्किलों का सामना करते हुए फाइनल में जगह बनानी होगी, जोकि आसान काम नहीं है। इन तमाम संभावनाओं और सेनारियो के बाद भी फाफ की स्ट्रॉग प्रिडिक्शन है कि इस बार के विश्व कप का फाइनल मुकाबला भी पिछली बार की फाइनलिस्ट के बीच ही होगा।
अगर भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच 2026 के टी-20 विश्व कप का फाइनल मुकाबला होता है, तो निश्चित तौर पर प्रोटियाज टीम के पास मेन इन ब्लू से अपना पुराना हिसाब चुकता करने का मौका होगा। वहीं, भारतीय टीम के पास तीसरी बार टी-20 विश्व कप का खिताब अपने नाम कर इतिहास रचने का सुनहरा अवसर होगा। इतना ही नहीं, अगर भारत 2026 का टी-20 विश्व कप जीतता है तो वह ऐसा करने वाला पहला मेजबान बनेगा।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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