Ind vs Pak: फिर नहीं मिलेंगे हाथ; अजहरुद्दीन बोले- इससे अच्छा तो खेलते ही मत
भारत के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन का कहना है कि पाकिस्तान के साथ मैच में खिलाड़ियों के हाथ मिलाने में कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि आप मैच खेल रहे हैं तो हाथ भी मिलाइए नहीं तो खेलिए ही मत।
एशिया कप में इस रविवार को भी हाईवोल्टेज मुकाबला होने जा रहा है। एक बार फिर भारत और पाकिस्तान की टीमों में टक्कर है। पिछली बार ग्रुप लीग का मैच था तो इस बार सुपर 4 का। पिछली बार की तरह ही इस बार भी सूर्यकुमार यादव की अगुआई में टीम इंडिया पाकिस्तानी टीम से हाथ नहीं मिलाने वाली। लेकिन भारतीय टीम के इस रुख को लेकर भारत के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन की अलग ही राय है। उन्होंने कहा है कि हाथ नहीं मिलाना है तो इससे अच्छा तो ये रहता कि मैच ही नहीं खेलते।
14 सितंबर को भारत बनाम पाकिस्तान मैच में जीत-हार से ज्यादा चर्चा तो नो हैंडशेक विवाद की रही। भारतीय टीम ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाए तो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपनी नौटंकियों से बखेड़ा खड़ा करने की कोशिश की। जब दिल नहीं मिल रहे तो हाथ मिलाने का क्या मतलब। भारतीय टीम इस बार भी वैसा ही करने वाली है लेकिन उम्मीद है कि पाकिस्तान पिछली बार की गई अपनी नौटंकियों से बाज आएगा।
इस बीच भारत के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने भारतीय टीम के हाथ नहीं मिलाने पर अपनी असहमति जाहिर की है। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि हाथ मिलाने में कुछ भी गलत नहीं था।
अजहरुद्दीन ने कहा, ‘मुझे लगता है कि हाथ मिलाने में कुछ भी गलत नहीं था। अगर आप मैच खेल रहे हैं तो आपको हर चीज करनी चाहिए, जैसे हाथ मिलाना या ऐसा कुछ भी। मुझे नहीं पता कि समस्या क्या थी। मैं वाकई नहीं समझ पा रहा। लेकिन मुझे लगता है कि उसमें कुछ भी गलत नहीं था।’
उन्होंने कहा कि या तो खेलना ही नहीं चाहिए और अगर खेल रहे हैं तो विरोध दर्ज कराने के लिए नहीं खेलना चाहिए। अजहरुद्दीन ने कहा, ‘जब आप विरोध दर्ज कराने के लिए खेल रहे होते हैं तो आप शायद खेल ही नहीं रहे होते। विरोध के तहत खेलने का कोई तुक ही नहीं है। एक बार जब आप खेलने के लिए राजी हो जाते हैं तो वह चाहे आईसीसी इवेंट हो या एशिया कप- तब आपको पूरी तरह खेलना चाहिए। नहीं तो खेलने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है।’
अजहर ने ये बातें एनडीटीवी के स्पोर्ट्स प्रोग्राम में कही। उस दौरान पूर्व क्रिकेटर निखिल चोपड़ा ने भारतीय खिलाड़ियों के हाथ नहीं मिलाने का समर्थन किया। उन्होंने कहा, 'मुझे ये लग रहा है कि कुछ खिलाड़ियों ने कुछ भारतीय खिलाड़ियों के बारे में भला-बुरा कहा हो। इसलिए एक यूनिट के तौर पर गौतम गंभीर और सूर्यकुमार यादव ने शायद कहा हो कि हम हाथ नहीं मिलाएंगे। हो सकता है कि मैच के दौरान कुछ जुबानी जंग भी देखने को मिले।'
उन्होंने अजहर की 'इससे अच्छा है कि खेलो ही मत' टिप्पणी से अपनी असहमति जताते हुए कहा कि अगर आप किसी मल्टी-नेशन टूर्नामेंट का बॉयकॉट करते हैं तो उसके नुकसान होंगे। पेनाल्टी का सामना करना पड़ेगा।






