
IND vs AUS: सात महीने बाद रोहित और विराट के सामने पहला चैलेंज, शुभमन की राह भी आसान नहीं
भारत और ऑस्ट्रेलिाय के बीच रविवार से तीन वनडे मैचों की सीरीज का आगाज होने जा रहा है। रोहित शर्मा और विराट कोहली सात महीने बाद भारत के लिए खेलते हुए नजर आएंगे। कप्तान शुभमन गिल की राह भी आसान नहीं होगी।
भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रविवार को पर्थ में पहले वनडे मैच के लिए उतरेगी तो विराट कोहली और रोहित शर्मा की टीम में वापसी से जुड़े जज्बात के अलावा इस प्रारूप में पूर्णकालिक कप्तान बने शुभमन गिल पर भी नजरें रहेंगी। मार्च में चैंपियंस ट्रॉफी खेलने के बाद कोहली और रोहित भारतीय टीम में लौटे हैं। पिछले सात महीने में भारतीय क्रिकेट की तस्वीर ही बदल गई है। इस दौरान टी20 और टेस्ट प्रारूप में कोहली और रोहित के बिना भारतीय क्रिकेट आगे बढ़ना सीख गया है।

अब सवाल यह है कि वनडे प्रारूप में इन दोनों दिग्गजों के पास देने के लिए क्या है। इसमे कोई दो राय नहीं है कि ये दोनों किसी भी दौर में और किसी भी मानदंड से वनडे क्रिकेट के महानतम बल्लेबाजों में गिने जाएंगे। इस सीरीज के लिए दोनों ने कड़ी मेहनत की है। रोहित ने तो कई किलो वजन भी घटाया है और कोहली लंदन में निजी ट्रेनर के साथ फिटनेस पर काम कर रहे थे। आईपीएल के बाद दोनों ने क्रिकेट नहीं खेली है लिहाजा खुद को ढालना चुनौतीपूर्ण होगा। दोनों के लिए अच्छी बात यह है कि उनकी वापसी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हो रही है, जिसके सामने उनका रिकॉर्ड अच्छा रहा है। इस सीरीज के जरिए दोनों के करियर की भविष्य को लेकर दिशा तय हो सकती है।
रोहित को अब सिर्फ सीनियर खिलाड़ी के तौर पर टीम में अपनी भूमिका को आत्मसात करना होगा। पिछले दो टी20 और वनडे टूर्नामेंटों को उन्होंने अपनी कप्तानी में टीम को आईसीसी खिताब दिलाए हैं और वह मेलबर्न में आखिरी टेस्ट में भी टीम के कप्तान थे। कोहली अगर चिर परिचित अंदाज में लंबी पारियां खेलते हैं और रोहित अच्छी शुरूआत देते हैं जो दोनों धुरंधरों का करियर कुछ साल और खिंच सकता है। मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड के साथ रोहित और कोहली की पुरानी प्रतिद्वंद्विता देखने में फिर मजा आएगा। दोनों को बखूबी पता है कि अब टीम में उनकी जगह पक्की नहीं है और मौजूदा चयनकर्ता और टीम प्रबंधन 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखकर कड़े फैसले लेने से भी गुरेज नहीं करेंगे।
चयन समिति के प्रमुख अजित अगरकर ने ‘एनडीटीवी वर्ल्ड समिट’ में कहा, ‘‘रोहित और कोहली ऑस्ट्रेलिया में टीम का हिस्सा हैं। वे ट्रायल पर नहीं हैं। एक बार खेलना शुरू करेंगे, तब आप आकलन कर सकते हैं।’’ वहीं, 26 वर्ष के गिल ने इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में दिखा दिया कि वह कोहली की विरासत को संभालने के लिए तैयार हैं। अब उन्हें कप्तान के तौर पर रोहित के स्थापित किए हुए मानदंडों पर खरा उतरना होगा। रोहित की कप्तानी में भारत ने वनडे में सर्वाधिक 75 प्रतिशत मुकाबले जीते हैं। गिल को सीमित ओवरों के क्रिकेट में रोहित से तुलना का सामना करना पड़ेगा और पैट कमिंस की गैर मौजूदगी में भी आस्ट्रेलिया की चुनौती आसान नहीं है।
टीम प्रबंधन रोहित और गिल की सफल जोड़ी में बदलाव नहीं करेगा जबकि यशस्वी जायसवाल का विकल्प भी है। कोहली तीसरे नंबर पर उतरेंगे और श्रेयस अय्यर तथा केएल राहुल उनके बाद जिसके मायने हैं कि राहुल को विकेटकीपिंग भी करनी होगी। नीतिश कुमार रेड्डी वनडे क्रिकेट में पदार्पण कर सकते हैं चूंकि हार्दिक पांड्या चोट के कारण बाहर हैं। मोहम्मद सिराज और अर्शदीप सिंह का साथ देने के लिये तीसरे तेज गेंदबाज के रूप में हर्षित राणा या प्रसिद्ध कृष्णा को चुना जा सकता है। स्पिन का मोर्चा कुलदीप यादव और अक्षर पटेल संभालेंगे। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया को कोनोर कोनोली, मार्नस लाबुशेन, मैथ्यू रेनशॉ से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। मैच सुबह नौ बजे से शुरू होगा।
भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, अक्षर पटेल, केएल राहुल, नीतिश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, हर्षित राणा, मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, ध्रुव जुरेल, यशस्वी जायसवाल।
ऑस्ट्रेलिया : मिचेल मार्श (कप्तान) , जेवियर बार्लेट, कूपर कोनोली, बेन ड्वारशुइस, नाथन एलिस, जोश हेजलवुड, ट्रेविस हेड, मैथ्यू कुन्हेमन, मार्नस लाबुशेन, मिचेल ओवन, जोश फिलीप, मैथ्यू रेनशॉ, मैथ्यू शॉर्ट , मिचेल स्टार्क।






