
फाइनल में ट्रॉफी समारोह में हिस्सा लेने के लिए दुबई पहुंचेंगे मोहसिन नकवी, फिर हो सकता है ड्रामा
एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ मोहसिन नकवी आज दुबई पहुंच रहे हैं। वे फाइनल मैच देखेंगे और समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में विजेता टीम को ट्रॉफी सौंपेंगे। ऐसे में मैच के बाद मैदान पर ड्रामा हो सकता है।
भारत और पाकिस्तान के बीच दुबई में अंडर-19 एशिया कप फाइनल खेला जा रहा है। सलामी बल्लेबाज समीर मिन्हास ने एक बार फिर शानदार प्रतिभा की झलक दिखाते हुए शतक जड़ दिया, जिससे पाकिस्तान ने रविवार को 50 ओवर के पुरुष अंडर-19 एशिया कप फाइनल में भारत के खिलाफ आठ विकेट पर 347 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। पाकिस्तान की पारी के दौरान एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें दावा किया गया है कि एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चीफ मोहसिन नकवी दुबई पहुंच रहे हैं, जिससे ट्रॉफी प्रेजेंटेशन को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो सकता है।
भारत और पाकिस्तान के बीच फाइनल मुकाबले पर सबकी नजरें हैं। हालांकि मैच के बाद होने वाले पुरस्कार वितरण समारोह को भी सब देख रहे है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अध्यक्ष मोहसिन नकवी फाइनल मुकाबला देखने और विजेता टीम को ट्रॉफी सौंपने के लिए दुबई पहुंच रहे हैं। मोहसिन नकवी के आने से भारतीय फैंस को एशिया कप 2025 जीतने की यादें ताजा हो जाएंगी। जब सितंबर 2025 में सीनियर एशिया कप के फाइनल के दौरान भारी बवाल हुआ था। उस टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता था। लेकिन इसके बावजूद टीम इंडिया ने मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से साफ इनकार कर दिया था।
विवाद इतना बढ़ा कि नकवी मंच से ट्रॉफी लेकर चले गए और भारतीय खिलाड़ियों ने बिना ट्रॉफी के ही जश्न मनाया। वह ट्रॉफी आज भी दुबई में एसीसी मुख्यालय में रखी हुई है। भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा कूटनीतिक और राजनीतिक तनाव के कारण भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और टीम इंडिया के खिलाड़ी उनके साथ मंच साझा करने से बचते रहे हैं। नकवी न केवल पीसीबी के चीफ हैं, बल्कि वे पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं।
भारत के टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए सितंबर में एशिया कप के दौरान पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा से हाथ नहीं मिलाया था। उस टूर्नामेंट के बाद से भारत-पाकिस्तान की टीमें जब भी आमने-सामने आई हैं, भारत ने यही रूख अख्तियार किया है।






