टी-20 विश्व कप इतिहास में भारत को मिली सबसे बड़ी हार, सूर्या ब्रिगेड को दक्षिण अफ्रीका ने किया शर्मसार
दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 76 रनों से हराकर इस टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे बड़ी हार थमा दी है। भारत इतनी बुरी तरह विश्व कप के इतिहास में इससे पहले कभी नहीं हारा था। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत के नाम यह अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज हुआ है।

रविवार, (22 फरवरी) को आईसीसी मेन्स टी-20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 के तीसरे मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 76 रनों से ऐतिहासिक और शर्मनाक हार थमाई है। भारत की 76 रनों की यह हार विश्व कप इतिहास की सबसे बड़ी हार है। भारतीय टीम ने इससे पहले रनों के अंतर से सबसे बड़ी हार साल 2010 के टी-20 विश्व कप में ब्रिजटाउन में ऑस्ट्रेलिया के हाथों झेली थी, जब कैरेबियाई टीम ने मेन इन ब्लू को 49 रनों से हरा दिया था। 49 रनों की उस हार को रिप्लेस करते हुए भारत ने सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टी-20 विश्व कप के इतिहास में अपनी सबसे बड़ी हार हासिल कर ली है।
टी20 विश्व कप में भारत की सबसे बड़ी हार (रनों के अंतर से):
76 रन बनाम दक्षिण अफ्रीका, अहमदाबाद 2026
49 रन बनाम ऑस्ट्रेलिया, ब्रिजटाउन 2010
47 रन बनाम न्यूजीलैंड, नागपुर 2016
भारत की टी-20 विश्व कप के इतिहास में तीसरी सबसे बड़ी हार 47 रनों की है, जब टीम इंडिया 2016 के विश्व कप में नागपुर के मैदान में न्यूजीलैंड के हाथों 47 रनों से हार गई थी। भारत के लिए यह हार और भी शर्मनाक इसलिए है क्योंकि यह टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत की रनों के अंतर से दूसरी सबसे बड़ी हार है। टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की रनों के लिहाज से सबसे बड़ी हार न्यूजीलैंड के खिलाफ 80 रनों की है जो साल 2019 में वेलिंगटन में खेले गए मुकाबले में कीवी टीम ने भारत को थमाई थी।
टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की रनों के लिहाज से सबसे बड़ी हार
80 रन बनाम न्यूजीलैंड, वेलिंगटन 2019
76 रन बनाम दक्षिण अफ्रीका, अहमदाबाद 2026
मैच की बात करें तो अहमदाबार के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एडेन मार्करम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। उनका यह फैसला सही साबित हुआ और प्रोटियाज टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 187 रन बनाए। 188 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया 111 रनों के स्कोर पर 18.5 ओवर में ही ऑलआउट हो गई और ऐतिहासिक हार का सामना करना पड़ा।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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