उम्र नहीं है मोहम्मद शमी के चयन का रोड़ा, आकाश चोपड़ा ने कोहली-रोहित का दिया उदाहरण
आकाश चोपड़ा का मानना है कि मोहम्मद शमी के चयन नहीं होने के पीछे उम्र वजह नहीं है। पूर्व क्रिकेटर ने रोहित शर्मा और विराट कोहली का उदाहरण दिया है।

तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के लिए भारतीय टीम में वापसी की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं हैं। घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद चयनकर्ता उन्हें नजरअंदाज कर रहे हैं। लंबे समय से वह टीम से बाहर हैं। चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से वह चोटों से परेशान रहे थे और फिर अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति भी उन्हें टीम से लगातार बाहर रख रही है और नए खिलाड़ियों को मौका दे रही है। शमी को मौका नहीं मिलने पर काफी सवाल भी उठ रहे हैं, कईयों का मानना है कि उनका चयन उम्र के कारण नहीं हो रहा है। कुछ ने मिचेल स्टार्क का भी उदाहरण दिया, जिनकी उम्र शमी से ज्यादा है फिर भी वह ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख गेंदबाज बने हुए हैं।
रफ्तार पर सवाल उठे
भारत के पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने कहा है कि मोहम्मद शमी के बाहर होने की वजह सिर्फ उम्र ही नहीं है। उन्होंने क्रेक्स से बातचीत में कहा, ''मोहम्मद शमी और मिचेल स्टार्क में बहुत बड़ा अंतर है। स्टार्क फिट रहकर लगातार खेलते रहे हैं और जब भी मैदान पर लौटे हैं, उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी यूनिट की अगुवाई की है। उनकी फॉर्म और फिटनेस पर कोई सवाल नहीं है। दूसरी तरफ मोहम्मद शमी चोटिल रहे थे। उनकी सर्जरी हुई और फिर मैदान से दूर रहे। जब वह घरेलू क्रिकेट में लौटे, उनकी रफ्तार पर सवाल उठे। उन्होंने विकेट लिए हैं लेकिन वैसी तीव्रता नजर नहीं आ रही थी।''
सिलेक्टर्स कारण बताएंगे
उन्होंने आगे कहा, ''क्या उम्र उनके खिलाफ है? मुझे लगता है कि यह बेतुकी बात होगी। । सिर्फ उम्र की वजह से किसी को टीम से बाहर करना बिल्कुल समझदारी नहीं है, क्योंकि आप अभी भी विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को चुन रहे हैं। मुझे लगता है कि उम्र कोई वजह नहीं है। आने वाले समय में सिलेक्टर्स कारण बताएंगे, लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह उम्र है।''
दलीप ट्रॉफी में अपना 100वां प्रथम श्रेणी मैच में खेलने उपलब्धि हासिल करने वाले मोहम्मद शमी ने कहा कि 36 वर्ष की उम्र पार करने के बावजूद उनके भीतर क्रिकेट खेलने की भूख बिल्कुल कम नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा सीखता रहता हूं और सीखते रहना चाहता हूं। शमी ने आखिरी बार 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में भारत का प्रतिनिधित्व किया था और उन्होंने 2023 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के बाद से कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है।
पूर्वी क्षेत्र की ओर से खेलने वाले शमी ने दलीप ट्रॉफी फाइनल के आखिरी दिन के बाद कहा, "अगर आप तलाश करें तो प्रेरित रहने के बहुत सारे कारण मिल जाएंगे। आप इस मैदान से या किसी भी मैदान से सकारात्मकता ले सकते हैं। इस स्तर पर अगर आप खु़द से प्रेरित नहीं हैं तो आपका नजरिया गलत है। आप क्रिकेट के किसी भी स्तर पर खेल रहे हों, आपकी नजर हमेशा अगले स्तर पर होनी चाहिए।



