भारत ने चौथी बार फाइनल में मारी एंट्री, T20 WC में पहली बार हुआ ऐसा; बेथल ने जीता दिल

Mar 05, 2026 11:45 pm ISTVimlesh Kumar Bhurtiya लाइव हिन्दुस्तान
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मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में टी-20 विश्व कप 2026 के रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने इंग्लैंड को 7 रनों से हराकर चौथी बार फाइनल का टिकट कटा लिया है। टीम इंडिया ने यह मुकाबला बड़ी मुश्किल से जीता। पूरा मैच का विवरण रिपोर्ट में पढ़िए।

भारत ने चौथी बार फाइनल में मारी एंट्री, T20 WC में पहली बार हुआ ऐसा; बेथल ने जीता दिल

गुरुवार, 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया टी20 वर्ल्ड कप 2026 का दूसरा सेमीफाइनल किसी रोमांचक थ्रिलर फिल्म से कम नहीं था। भारत और इंग्लैंड के बीच हुए इस बेहद हाई-स्कोरिंग मुकाबले में टीम इंडिया ने 7 रनों से जीत दर्ज कर फाइनल का टिकट पक्का कर लिया है। टीम इंडिया ने टी-20 विश्व कप के इतिहास में चौथी बार फाइनल में जगह बनाई है। इससे पहले भारतीय टीम 2007, 2014 और 2024 का फाइनल मुकाबला खेल चुकी है। सेमीफाइनल में इस शानदार जीत के साथ भारत टी-20 विश्व कप के फाइनल में प्रवेश करने वाला पहला डिफेंडिंग चैंपियन बन गया है। ऐसा इस टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार हुआ है, जब किसी डिफेंडिंग चैंपियन ने फाइनल में जगह बनाई है।

इस पूरे मैच के दौरान रनों की ऐसी बारिश हुई कि दोनों टीमों ने मिलकर 500 के करीब रन बना डाले। इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रुक ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 20 ओवरों में 253 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में इंग्लैंड की टीम अंत तक लड़ने के बावजूद 246 रन ही बना सकी। यह मैच न केवल बल्लेबाजों की आक्रामक पावर-हिटिंग के लिए बल्कि अंतिम ओवरों के रोमांच के लिए भी सालों तक याद रखा जाएगा।

भारतीय पारी की आधारशिला संजू सैमसन ने रखी। उन्होंने मैदान के चारों ओर छक्कों की झड़ी लगा दी। सैमसन ने मात्र 42 गेंदों पर 89 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें उन्होंने 8 चौके और 7 गगनचुंबी छक्के जड़े। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के जल्दी आउट होने के बाद सैमसन को ईशान किशन का भरपूर साथ मिला, जिन्होंने केवल 18 गेंदों पर 39 रन कूट डाले। मध्यक्रम में शिवम दुबे ने 25 गेंदों पर 43 रन और अंत में हार्दिक पांड्या (27) व तिलक वर्मा (21) की छोटी लेकिन बेहद तेज पारियों ने भारत को 253 के रिकॉर्ड स्कोर तक पहुंचाया। इंग्लैंड के लिए विल जैक्स और आदिल राशिद ने 2-2 विकेट जरूर लिए, लेकिन वे भारतीय बल्लेबाजों की रनों की गति पर लगाम नहीं लगा पाए।

254 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। हार्दिक पांड्या ने फिल साल्ट (5) को और जसप्रीत बुमराह ने कप्तान हैरी ब्रुक (7) को जल्दी आउट कर इंग्लैंड को बैकफुट पर धकेल दिया। हालांकि, युवा बल्लेबाज जैकब बेथेल ने हार नहीं मानी और एक ऐसी पारी खेली जिसने भारतीय प्रशंसकों की सांसें रोक दीं। बेथेल ने मात्र 48 गेंदों में 105 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 8 चौके और 7 छक्के जड़े। विल जैक्स (35) के साथ मिलकर बेथल ने एक समय इंग्लैंड को जीत के मुहाने पर खड़ा कर दिया था, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने अहम मौकों पर विकेट निकालकर वापसी की। अक्षर पटेल ने अर्शदीप सिंह की गेंद पर शिवम दुबे के साथ मिलकर जो कैच पकड़ा वह मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इसके बाद जसप्रीत बुमराह ने पारी का 18वां ओवर डालते हुए सिर्फ 6 रन दिए और वहीं से मैच पटलना शुरू हुआ।

मैच का असली रोमांच आखिरी दो ओवरों में देखने को मिला। 19वें ओवर में हार्दिक पांड्या ने सैम करन (18) का विकेट लेकर मैच का पासा पूरी तरह पलट दिया। अंतिम ओवर में इंग्लैंड को जीत के लिए 30 रनों की दरकार थी और कप्तान सूर्या ने गेंद शिवम दुबे को थमाई। पहली ही गेंद पर शतकवीर जैकब बेथेल दूसरा रन लेने के चक्कर में रन आउट हो गए और यहीं से इंग्लैंड की जीत की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं। हालांकि, जोफ्रा आर्चर ने हार नहीं मानी और आखिरी ओवर में तीन छक्के जड़े। आर्चर ने मात्र 4 गेंदों पर 19 रन बनाए, लेकिन अंततः इंग्लैंड लक्ष्य से 7 रन दूर रह गया।

भारत की इस जीत में गेंदबाजों का भी अहम योगदान रहा। जसप्रीत बुमराह ने दबाव के बीच बेहद किफायती गेंदबाजी की और 4 ओवर में केवल 33 रन देकर 1 विकेट लिया, जबकि हार्दिक पांड्या ने 38 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट झटके। इस जीत के साथ भारत ने न केवल वानखेड़े में इंग्लैंड से 39 साल पुराना हिसाब बराबर किया, बल्कि टूर्नामेंट में अपनी अजेय लय को भी बरकरार रखा है। अब टीम इंडिया 8 मार्च को होने वाले खिताबी मुकाबले में न्यूजीलैंड से भिड़ेगी, जहां पूरा देश उनके विश्व विजेता बनने का इंतजार कर रहा है।

Vimlesh Kumar Bhurtiya

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विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

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