ICC टी-20 रैंकिंग्स में भारत का एकछत्र राज, क्या सूर्या ब्रिगेड हासिल कर पाएगी वर्ल्ड कप का ताज?
आईसीसी टी-20 रैंकिंग्स में भारतीय टीम का दबदबा है। उसके पास दुनिया के ना सिर्फ नंबर 1 गेंदबाज बल्लेबाज हैं, बल्कि वर्ल्ड क्वास ऑलराउंडर्स भी टीम में मौजूद हैं। लेकिन सवाल वही है कि क्या सुपरस्टार से भरपूर टीम इंडिया विश्व का खिताब अपने नाम कर पाएगी।

आईसीसी की ताजा टी20 रैंकिंग्स में भारतीय क्रिकेट टीम का दबदबा देखने को मिल रहा है। टीम इंडिया वर्तमान में दुनिया की नंबर-1 टी20 टीम बनी हुई है, जो उनकी निरंतरता और मैदान पर दिखाई गई आक्रामकता का प्रमाण है। बल्लेबाजी से लेकर गेंदबाजी तक, हर विभाग में भारतीय खिलाड़ी शीर्ष पर काबिज हैं। विशेष रूप से, युवा सनसनी अभिषेक शर्मा दुनिया के नंबर-1 टी20 बल्लेबाज के रूप में उभरे हैं, जबकि मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने गेंदबाजी रैंकिंग्स में शीर्ष पर बने हुए हैं। यह रैंकिंग्स दर्शाती हैं कि भारतीय टीम कागजों पर इस समय दुनिया की सबसे घातक टीम है, लेकिन असली चुनौती अब वानखेड़े के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल की बाधा पार करने की है।
भारतीय बल्लेबाजी क्रम की गहराई और विविधता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आईसीसी टॉप-10 बल्लेबाजों में चार भारतीय शामिल हैं। जहां अभिषेक शर्मा शीर्ष पर हैं, वहीं ईशान किशन (नंबर-4), तिलक वर्मा (नंबर-6) और सूर्यकुमार यादव (नंबर-7) भी अपना दबदबा बनाए हुए हैं। इसके अलावा, ऑलराउंडर श्रेणी में हार्दिक पांड्या नंबर-2 और शिवम दुबे नंबर-9 पर काबिज हैं, जो टीम को जबरदस्त संतुलन प्रदान करते हैं। हालांकि, नंबर-1 बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का हालिया फॉर्म चर्चा का विषय रहा है। भारत के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है, अभिषेक के लिए सेमीफाइनल 'एक नया पन्ना' होगा जहां उन्हें अपनी रैंकिंग के अनुरूप प्रदर्शन कर इंग्लैंड की विशेष रणनीति को विफल करना होगा।
गेंदबाजी के मोर्चे पर भी भारत का वर्चस्व कायम है। वरुण चक्रवर्ती के रूप में भारत के पास दुनिया का नंबर-1 गेंदबाज है। उनके साथ जसप्रीत बुमराह (नंबर-7) और अर्शदीप सिंह (नंबर-13) की तेज गेंदबाजी जोड़ी किसी भी बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त करने की क्षमता रखती है। वानखेड़े जैसे छोटे मैदान पर जहां ओस एक बड़ा कारक हो सकती है इन गेंदबाजों पर बड़ी जिम्मेदारी होगी। मोर्ने मोर्कल के अनुसार, वरुण चक्रवर्ती जैसे मैच-विनर गेंदबाज अपनी सटीक लेंथ से इंग्लैंड के बल्लेबाजों को मुश्किल में डाल सकते हैं। सेमीफाइनल में इंग्लैंड के सैम करन ने पहले ही आगाह किया है कि वे भारतीय सितारों के खिलाफ 'वेल-प्लान्ड' तरीके से उतरेंगे, जिससे यह मुकाबला और जबरदस्त होने की उम्मीद है।
रैंकिंग्स में शीर्ष पर होना आत्मविश्वास तो देता है, लेकिन नॉकआउट मैचों में इतिहास हमेशा रिकॉर्ड्स का साथ नहीं देता। दक्षिण अफ्रीका का उदाहरण हमारे सामने है, जिसने अपने 14 में से 12 सेमीफाइनल गंवाए हैं, जिससे यह साफ होता है कि बड़े मैचों में दबाव झेलने की क्षमता रैंकिंग्स से ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। भारतीय टीम के पास इस बार विश्व कप का 'ताज' पहनने का सुनहरा मौका है, क्योंकि उनके पास नंबर-1 टीम, नंबर-1 बल्लेबाज और नंबर-1 गेंदबाज की तिकड़ी मौजूद है। यदि भारतीय खिलाड़ी सेमीफाइनल के दबाव में अपनी स्वाभाविक आक्रामकता बरकरार रखते हैं, तो वानखेड़े में रनों की बरसात के साथ भारत फाइनल का टिकट पक्का कर सकता है।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
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परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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