टी-20 विश्व कप में भारत का महारिकॉर्ड, नॉकआउट मैचों में सबसे बड़ा टोटल बनाकर रचा इतिहास
भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में 7 विकेट के नुकसान पर 253 रनों का विशाल स्कोर बनाकर इतिहास रच दिया है। टीम इंडिया टी-20 विश्व कप के इतिहास में नॉकआउट मुकाबलों में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली टीम बन गई है। इसके अलावा भी मेन इन ब्लू ने कई रिकॉर्ड्स ध्वस्त किए हैं।

टी 20 विश्व कप में भारतीय टीम ने इतिहास रच दिया है। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 253 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इस स्कोर के साथ टीम इंडिया विश्व कप के इतिहास में नॉकआउट मुकाबलों में सबसे बड़ा स्कोर बनाने वाली टीम बन गई है। भारत ने ऐसा कारनामा कर दिया है, जो इतिहास में कोई और टीम कभी नहीं कर सकी है।
भारत ने 253 रनों का स्कोर खड़ा किया जो टी-20 विश्व कप के नॉकआउट मुकाबलों में किसी भी टीम द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा टोटल है। इससे पहले वेस्टइंडीज की टीम ने साल 2012 के टी-20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नॉकआउट मुकाबले में 205 रन बनाए थे। भारत और वेस्टइंडीज के बाद विश्व कप के नॉकआउट मुकाबलों में सबसे बड़ा टोटल बनाने वाली दुनिया की तीसरी टीम ऑस्ट्रेलिया है। कंगारू टीम ने साल 2010 के विश्व कप में पाकिस्तानी गेंदबाजों की जमकर धुनाई की थी और 197 रन बनाए थे। लिस्ट में चौथे नंबर पर वेस्टइंडीज है, जिसमें साल 2016 के टी-20 विश्व कप के सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम और दर्शकों 196 रन चेज करके रुला दिया था। लिस्ट में इस टूर्नामेंट के नॉकआउट मुकाबलों का पांचवां सबसे बड़ा टोटल भारत के नाम है, जो साल 2016 में वेस्टइंडीज के खिलाफ उसी सेमीफाइनल मुकाबले का है। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 192 रन बनाए थे और वेस्टइंडीज ने 196 रन बना दिए थे।
टी-20 विश्व कप के नॉकआउट मुकाबलों में सबसे बड़ा टोटल बनाने वाली टीमें
भारत- 253 बनाम इंग्लैंड (विश्व कप 2026)
वेस्टइंडीज- 205 बनाम ऑस्ट्रेलिया (विश्व कप 2012)
ऑस्ट्रेलिया- 197 बनाम पाकिस्तान (विश्व कप 2010)
वेस्टइंडीज-196 बनाम भारत (विश्व कप 2016)
भारत- 192 बनाम वेस्टइंडीज (विश्व कप 2016, उसी मैच में)
टी-20 विश्व कप के इतिहास में भारतीय टीम ने एक और कारनामा कर दिया है। टीम इंडिया ने इस टूर्नामेंट के इतिहास में 2 बार 250 प्लस का टोटल बना दिया है और ऐसा करने वाली दुनिया की पहली टीम बन गई है। भारत ने साल 2026 के विश्व कप में सुपर-8 के मुकाबले में जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले तो 256 रनों का विशाल लक्ष्य रखा था उसके बाद अब सेमीफाइनल में इंग्लैंड के गेंदबाज की बखिया उधेड़ते हुए 253 रन बना दिए हैं।
इस 253 रनों के विशाल स्कोर के साथ भारतीय टीम विश्व कप के इतिहास में सबसे बड़ा स्कोर बनाने वाली टीमों की लिस्ट में चौथे स्थान पर आ गई है। टीम इंडिया ने ऑयरलैंड को पीछे कर दिया है। टॉप-5 सबसे बड़े टोटल में भारतीय टीम का नाम दो बार है। विश्व कप के इतिहास में सबसे बड़ा टोटल श्रीलंका ने 2007 के विश्व कप में केन्या के खिलाफ 260 रनों का बनाया था। इसके बाद साल 2026 के विश्व कप में भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 256 रन बना दिए जो टी-20 विश्व कप के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। इसके बाद वेस्टइंडीज की टीम का नाम है जिन्होंने इसी विश्व कप में 254 रन बनाए और अब चौथे नंबर पर फिर से 253 रनों के साथ भारत का नाम आ गया है।
टी-20 विश्व कप के इतिहास में सबसे बड़ा टोटल बनाने वाली टॉप-7
1. श्रीलंका (2007 विश्व कप) 260/6 बनाम केन्या
2. भारत (2026 विश्व कप) 256/4 बनाम जिम्बाब्वे
3. वेस्टइंडीज (2026 विश्व कप ) 254/6 बनाम जिम्बाब्वे
4. भारत (2026 विश्व कप) 253/7 बनाम इंग्लैंड
5. आयरलैंड (2026 विश्व कप) 235/5 बनाम ओमान
6. इंग्लैंड (2016 टी-20 विश्व कप) 230/8 बनाम साउथ अफ्रीका
7. साउथ अफ्रीका (2016 विश्व कप) 229/4 बनाम इंग्लैंड
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
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परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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