1 वर्ल्ड कप एडिशन में सर्वाधिक छक्के लगाने वाला देश बना भारत, तोड़ा वेस्टइंडीज का रिकॉर्ड

Mar 05, 2026 10:28 pm ISTVimlesh Kumar Bhurtiya लाइव हिन्दुस्तान
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मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारतीय बल्लेबाजों ने छक्कों की ऐसी बारिश की कि टीम इंडिया अब एक टी20 वर्ल्ड कप एडिशन में सर्वाधिक छक्के लगाने वाली टीम बन गई है। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के साथ भारत ने वेस्टइंडीज के पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है।

1 वर्ल्ड कप एडिशन में सर्वाधिक छक्के लगाने वाला देश बना भारत, तोड़ा वेस्टइंडीज का रिकॉर्ड

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में भारत ने ना केवल इंग्लैंड के सामने 253 रनों का विशाल पहाड़ जैसा लक्ष्य रखा, बल्कि क्रिकेट इतिहास में एक नया कीर्तिमान भी स्थापित कर दिया है। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारतीय बल्लेबाजों ने छक्कों की ऐसी बारिश की कि टीम इंडिया अब एक टी20 वर्ल्ड कप एडिशन में सर्वाधिक छक्के लगाने वाली टीम बन गई है। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के साथ भारत ने वेस्टइंडीज के पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है। सेमीफाइनल जैसे बड़े मंच पर यह उपलब्धि हासिल करना भारतीय पावर-हिटिंग और उनकी नई आक्रामक बल्लेबाजी शैली का सबसे बड़ा प्रमाण है।

इंग्लैंड के खिलाफ आज के अहम मुकाबले में संजू सैमसन (89 रन) और शिवम दुबे (43 रन) जैसी पारियों की बदौलत भारत ने इस टूर्नामेंट में अपने कुल छक्कों का आंकड़ा 88 तक पहुंचा दिया है। इस पूरे विश्व कप में भारतीय बल्लेबाजों ने बेखौफ अंदाज में बल्लेबाजी की है, जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि टीम ने औसतन हर 10.8 गेंद पर एक छक्का जड़ा है। वानखेड़े की बल्लेबाजी के अनुकूल पिच का पूरा फायदा उठाते हुए भारतीय खिलाड़ियों ने इंग्लिश गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं और टूर्नामेंट के इस संस्करण में अपनी बादशाहत कायम की।

अगर हम एक वर्ल्ड कप एडिशन में सर्वाधिक छक्के लगाने वाली टॉप-5 टीमों की सूची पर गौर करें, तो भारत शीर्ष पर है। भारत के बाद इसी साल यानी 2026 में वेस्टइंडीज ने 76 छक्के लगाकर अपनी धाक जमाई थी, जबकि दक्षिण अफ्रीका की टीम 72 छक्कों के साथ तीसरे स्थान पर रही है। दिलचस्प बात यह है कि भारत ने अपने ही 2024 के रिकॉर्ड (61 छक्के) में सुधार किया है। इस सूची में वेस्टइंडीज का 2024 का प्रदर्शन (62 छक्के) भी शामिल है, लेकिन भारत के 88 छक्कों के आंकड़े ने सभी को बहुत पीछे छोड़ते हुए टी20 क्रिकेट के नए मानक तय कर दिए हैं।

भारत की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि वे अब केवल परिस्थितियों के अनुरूप नहीं, बल्कि खेल को पूरी तरह नियंत्रित करने की मानसिकता के साथ मैदान पर उतरते हैं। 2024 के संस्करण में जहां भारत 14.78 गेंदों पर एक छक्का लगा रहा था, वहीं 2026 में यह गति काफी बढ़ गई है। सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ यह रिकॉर्ड तोड़ना न केवल प्रशंसकों के लिए उत्साह का विषय है, बल्कि यह दर्शाता है कि भारतीय बल्लेबाजी की गहराई अब दुनिया के किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को तहस-नहस करने में सक्षम है।

एक टी20 वर्ल्ड कप एडिशन में सर्वाधिक छक्के लगाने वाली टॉप-5 टीमें:

भारत (2026): 88 छक्के (10.8 गेंद प्रति छक्का)

वेस्टइंडीज (2026): 76 छक्के (10.71 गेंद प्रति छक्का)

दक्षिण अफ्रीका (2026): 72 छक्के (12.15 गेंद प्रति छक्का)

वेस्टइंडीज (2024): 62 छक्के (12.64 गेंद प्रति छक्का)

भारत (2024): 61 छक्के (14.78 गेंद प्रति छक्का)

Vimlesh Kumar Bhurtiya

लेखक के बारे में

Vimlesh Kumar Bhurtiya

विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

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