वैभव सूर्यवंशी के फेल होने के बाद भी भारत जीता, श्रीलंका को 8 रनों से दी शिकस्त, रुतुराज ने जड़ा शतक
वैभव सूर्यवंशी के फेल होने के बाद भी भारत ने श्रीलंका की ए टीम को 8 रनों से हरा दिया है। भारतीय टीम की ओर से रुतुराज गायकवाड़ ने शतक जड़ा। अरशद खान ने आखिरी के ओवरों में दमदार गेंदबाजी करते हुए श्रीलंका के मुंह से जीत छीन ली। वैभव ने आज के मैच में सिर्फ 14 रन बनाए।

आईपीएल समाप्त होने के बाद इंडिया ए टीम त्रिकोणीय श्रृंखला खेलने श्रीलंका पहुंची है, जहां वह श्रीलंका और अफगानिस्तान का सामना करेगी। भारतीय ए टीम का आज पहला मुकाबला श्रीलंका- ए के साथ खेला गया, जिसे भारत ने आठ रनों से जीत लिया। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 277 रन बनाए थे, जिसके जवाब में श्रीलंका की पूरी टीम 48.5 ओवर में ही 269 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। इस तरह भारत ने 8 रनों से मुकाबला जीत लिया।
तिलक की फिफ्टी और रुतुराज के शतक से भारत ने 277 रन बनाए
मंगलवार को खेले गए इस मुकाबले में भारतीय कप्तान तिलक वर्मा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया। भारत के शुरुआती विकेट जल्दी आउट हो गए। एक तरफ प्रभसिमरन सिंह 11 गेंदों में दो रन बनाकर पेवेलियन लौटे, वहीं वैभव सूर्यवंशी 12 गेंद में 14 रन ही बना सके, जबकि प्रियांश आर्य ने 32 गेंद में ही 32 रनों की पारी खेली। भारत एक समय 69 रनों पर तीन विकेट खो चुका था और परिस्थितियों मुश्किल लग रही थीं। ऐसे वक्त में रितुराज गायकवाड़ ने जिम्मेदारी संभाली और कप्तान तिलक वर्मा से के साथ मिलकर डेढ़ सौ रनों की रिकार्ड साझेदारी की। एक तरफ जहां रुतुराज गायकवाड़ ने 114 गेंद में 101 रन 6 चौके और तीन चाको की मदद से 88.60 की स्ट्राइक रेट से बनाए, वहीं तिलक वर्मा ने कप्तानी पारी खेलते हुए 97 गेंदों में 60 रन दो चौके और एक छक्के की मदद से बनाए। अंत में आयुष बडोनी ने 18 गेंद में 24 और सुयांश शेडगे ने 14 गेंद में 26 रनों की पारी खेली, जिसकी मदद से भारत निर्धारित 50 ओवर में 277 के स्कोर तक ही पहुंच सका।
श्रीलंका की ओर से मोहम्मद शिराज ने दो चमिका करुणारत्ने ने एक, गरुका संकेत और वानूजा साहन ने एक-एक विकेट हासिल किए। प्रियांश आर्य रन आउट हुए।
269 रनों पर ढेर हो गई श्रीलंका की टीम
278 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हैं उत्तरी श्रीलंका की टीम की शुरुआत काफी अच्छी रही और उसका पहला विकेट 93 रनों के स्कोर पर गिरा। हालांकि, उसके बाद 99 के स्कोर पर दूसरा और 109 के स्कोर पर तीसरा विकेट गिरा। इसके बाद श्रीलंका संभाल नहीं सकी। श्रीलंका के सलामी बल्लेबाज निरोशन डिकवेला ने 47 और अविष्का फर्नांडो ने 45 रनों की पारी खेली। श्रीलंका की ओर से चौथे विकेट के लिए समर विक्रमा और सहन अरच्चिगे ने 78 रनों की साझेदारी की। सदेरा समरविक्रमा ने 46 रन बनाए, वहीं सहन अरच्चिगे ने जो कप्तान भी हैं श्रीलंकाई टीम के 74 रनों की पारी खेली। हालांकि, इसके बाद श्रीलंका ने लगातार विकेट खो और 269 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह एक वक्त तक हारती हुई दिख रही भारतीय टीम ने 8 रनों ,े मुकाबला अपने नाम कर लिया।
इस मैच में भारत की ओर से अंशुल कंबोज काफी महंगे साबित हुए और छह ओवर में ही 47 रन दे दिए। हालांकि, उन्हें एक विकेट हासिल हुआ। वहीं अरशद खान ने 4.5 ओवर की गेंदबाजी करते हुए 24 रन दिए और दो विकेट हासिल किया। अनुकूल रॉय ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 10 ओवर में 49 रन देकर दो विकेट लिए। सुयांश शेडगे ने 8 ओवर की गेंदबाजी की 41 रन खर्च कर दिए। हालांकि, उनको कोई विकेट नहीं मिला। वहीं आयुष बडोनी ने 10 ओवर में 46 रन देकर दो विकेट लिए, जबकि विप्रज निगम ने 8 ओवर में 46 रन देकर 2 विकेट हासिल किए। कप्तान तिलक वर्मा ने 2 ओवर में 15 रन दिए।
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Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
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परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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